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हाथरस : जानिए क्यों है कि हाथरस के वार्ड छह में जलभराव और कीचड़ की समस्या

Wed, 09 Nov 2022 12:13 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 09 Nov 2022 12:13 AM IST
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Hathras: Know why there is a problem of waterlogging and mud in ward six of Hathras
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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शहर के वार्ड नंबर छह में कई मार्गों पर जलभराव और कीचड़ व्याप्त है। अमृत योजना के तहत डाली गई पाइप लाइनों से सड़कें धंस गई हैं। अधिकांश हैंडपंप खराब हालत में हैं और लोगों को पेयजल की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। यहां बजट के अभाव में पार्क का सौंदर्यीकरण नहीं हुआ है। कई अन्य काम भी पूरे नहीं हुए हैं। श्मशान स्थल का भी सौंदर्यीकरण नहीं हो सका है।
उल्लेखनीय है कि शहर के वार्ड नंबर छह में नाई का नगला व लाला का नगला कुछ हिस्सा आता है। इस वार्ड में अधिकांश इलाकों में समस्याओं का अंबार है। अमृत योजना के तहत डाली गई पाइप लाइन लीकेज के चलते जगह जगह सड़क धंस गई है। गड्ढों में पानी भरा हुआ है। वार्ड में कई हैंडपंप खराब हालत में हैं तो कई रिबोर होने का इंतजार कर रहे हैं।
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इसके अलावा वार्ड में दशकों पुराना शौचालय मौजूद है, लेकिन आज तक इसकी मरम्मत का काम पूरा नहीं हुआ है। बजट के अभाव में श्मशान स्थल का सौंदर्यीकरण नहीं हुआ है। आंबेडकर पार्क का भी सौंदर्यीकरण नहीं हुआ है। इसके अलावा वार्ड में पानी निकासी के पर्याप्त इंतजाम न होने के कारण ज्यादातर गलियों में बिना बारिश के ही पानी भरा हुआ है। गंदे पानी से संक्रामक रोग फैलने की आशंका बनी हुई है। संवाद
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भोले के दरबार का जलभराव ने रोका रास्ता
वार्ड नंबर छह में प्राचीन भूतेश्वर मंदिर है। इस मंदिर में एक गोशाला भी है। मंदिर को जोड़ने वाले रास्ते पर पांच साल से जलभराव हो रहा है। जलभराव के कारण भक्तों को काफी परेशानी होती है। इसके अलावा वहां एक गोशाला भी बनी हुई है। मंदिर तक भक्तों के न पहुंचने के कारण गोशाला में दाने-पानी की कमी हो रही है, इसलिए गोवंश की संख्या में गिरावट आ रही है। इसे लेकर मंदिर के पुजारी व अन्य लोग खासे परेशान हैं। इस मंदिर से काफी लोगों का जुड़ाव है। त्योहारों के मौके पर भी मंदिर पर जलभराव के चलते कार्यक्रमों का आयोजन नहीं हो रहा है।
हमारे वार्ड में अमृत योजना के तहत जो पाइप लाइन डाली गई है, वह जगह-जगह लीकेज हो रही है। इस कारण सड़कें धंस गई हैं। राह तय करना मुश्किल हो रही है। भूतेश्वर मंदिर जाने वाले मार्ग से जलभराव दूर हो जाए तो आवागमन में राहत मिलेगी। सभासद को 10 में से पांच नंबर देते हैं।
-मुकेश कुमार।
हमारे वार्ड में कई गलियों का निर्माण नहीं हुआ है। इस कारण सड़क जर्जर हालत में हैं। वार्ड में मूलभूत सुविधाओं की कमी के चलते काफी परेशानी हो रही है। कई सार्वजनिक कार्य आज भी लटके हुए हैं। अगर यह काम हो जाते तो काफी राहत मिलती। हम सभासद 10 में चार नंबर देते हैं।
-सुरेश चंद्र।
वार्ड में सबसे प्रमुख समस्या अमृत योजना के तहत डाली गई पाइप लाइन लीकेज है। सड़कें जगह-जगह से धंस गई हैं। इस कारण चार पहिया व दो पहिया वाहनों से भी दूरी तय करने में दर्द मिल रहा है। बजट के अभाव में श्मशान स्थल का सौंदर्यीकरण नहीं हुआ है। सभासद को 10 में से सात नंबर देते हैं।
-राजेश कुमार वर्मा
सबसे प्रमुख समस्या मार्गों पर बिन बारिश के जलभराव की है। पैदल चलना भी मुश्किल हो रहा है। वार्ड में पानी निकासी के इंतजाम की जरूरत है। इसके अलावा हैंडपंप खराब हैं। इस कारण पीने के पानी तक के लिए दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

-हरीशचंद्र दीक्षित
मेरे वार्ड में कुल 25 सड़कें हैं। इनमें से मात्र छह सड़कों का निर्माण हुआ है। कई हैंडपंप खराब हालत में हैं या फिर रिबोर का इंतजार कर रहे हैं। भूतेश्वर मंदिर जाने वाले रास्ते पर करीब पांच साल से जलभराव हो रहा है। इसके अलावा अमृत योजना के तहत डाली गई पाइप लाइन लीकेज के चलते सड़क धंस गई है। जलभराव के चलते लोगों का पैदल चलना मुश्किल हो रहा है। बजट के अभाव में श्मशान, आंबेडकर पार्क, शौचालय आदि का सौंदर्यीकरण का काम नहीं हुआ है। 26 लोगों के पीएम आवास बने हैं। विधवा व वृद्धावस्था पेंशन कई महीने से लोगों को नहीं मिल रही है।
-विनोद कर्दम, सभासद वार्ड नंबर छह
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