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हाथरस : नियमों को ताक पर रखकर मनरेगा में निजी फर्मों से 46 लाख के पौधे खरीदे
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प्रशांत भारती
हाथरस। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जिले में नियमों को ताक पर रखकर तीन ब्लॉकों में 46 लाख रुपये के पौधों की खरीद की गई है, जबकि वन व उद्यान विभाग की नर्सरी से मनरेगा के तहत निशुल्क पौधे लिए जा सकते थे। अमर उजाला की पड़ताल में तीन ब्लॉकों में यह हकीकत सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि परियोजना निदेशक राजेश कुरील के अनुसार मनरेगा से पौधों की खरीद के कोई आदेश ब्लॉकों को दिए ही नहीं गए हैं।
शासन स्तर से वन अज्ञैर उद्यान विभाग से निशुल्क पौधे लेकर पौधरोपण करने के निर्देश जारी किए गए थे। इस क्रम में लक्ष्य के सापेक्ष वन विभाग की ओर से सभी विभागों को पौधे मुहैया कराकर पौधरोपण कराया गया। हैरानी की बात यह है कि इसके बावजूद अब ब्लॉकों में पौधों की खरीद नियमों को ताक पर रखकर की गई है। ब्लॉकों ने वन और उद्यान विभाग की सरकारी नर्सरी से पौधे न लेकर निजी फर्मों से पौधों की खरीद की है। ब्लॉक हाथरस में 36 हजार पौधों की खरीद की गई है। प्रति पौधे 80 रुपये की दर से खरीदा गया है।
दूसरी ओर, ब्लॉक सासनी में 22 हजार पौधों की खरीद की अनमता नर्सरी से की गई है। इस क्रम में ब्लॉक सादाबाद में निम्मी गोल्ड नर्सरी फर्रुखाबाद से करीब दो हजार पौधों की खरीद की गई है। अब इन पौधों की तकनीकी सहायकों के माध्यम से एमबी कराने के लिए प्रयास जारी है। संवाद
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मनरेगा के तहत करीब 22 हजार पौधों की निजी नर्सरी से खरीद की गई है। यह खरीद पीडी के आदेश पर की गई है।
-जितेंद्र दीक्षित, एपीओ, मनरेगा सासनी।
ब्लॉक हाथरस की प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए मनरेगा के तहत 500-500 पौधों की खरीद की गई है। ब्लॉक में 72 ग्राम पंचायतों के हिसाब से करीब 36 हजार पौधों की खरीद की गई है।
-दिनेशपाल सिंह, लेखाकार
वन विभाग से पौधों को दिए जाने के लिए पत्राचार किया गया था। वन विभाग ने पौधे उपलब्ध नहीं कराए। इस कारण निजी फर्म से पौधों की खरीद करनी पड़ी है।
-नीरज गर्ग, बीडीओ सादाबाद।
मनरेगा के तहत अभी तक किसी भी ब्लॉक को पौधों की खरीद करने के लिए कोई आदेश नहीं दिया गया है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की किसी ब्लॉक से कोई जानकारी नहीं मिली है।
-राजेश कुरील, पीडी।
लक्ष्य के सापेक्ष सभी विभागों को पौधे मुहैया कराए गए हैं। इस वितरण की प्राप्ति भी हमारे पास मौजूद है।
सीपी सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी।
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हाथरस। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत जिले में नियमों को ताक पर रखकर तीन ब्लॉकों में 46 लाख रुपये के पौधों की खरीद की गई है, जबकि वन व उद्यान विभाग की नर्सरी से मनरेगा के तहत निशुल्क पौधे लिए जा सकते थे। अमर उजाला की पड़ताल में तीन ब्लॉकों में यह हकीकत सामने आई है। हैरानी की बात यह है कि परियोजना निदेशक राजेश कुरील के अनुसार मनरेगा से पौधों की खरीद के कोई आदेश ब्लॉकों को दिए ही नहीं गए हैं।
शासन स्तर से वन अज्ञैर उद्यान विभाग से निशुल्क पौधे लेकर पौधरोपण करने के निर्देश जारी किए गए थे। इस क्रम में लक्ष्य के सापेक्ष वन विभाग की ओर से सभी विभागों को पौधे मुहैया कराकर पौधरोपण कराया गया। हैरानी की बात यह है कि इसके बावजूद अब ब्लॉकों में पौधों की खरीद नियमों को ताक पर रखकर की गई है। ब्लॉकों ने वन और उद्यान विभाग की सरकारी नर्सरी से पौधे न लेकर निजी फर्मों से पौधों की खरीद की है। ब्लॉक हाथरस में 36 हजार पौधों की खरीद की गई है। प्रति पौधे 80 रुपये की दर से खरीदा गया है।
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दूसरी ओर, ब्लॉक सासनी में 22 हजार पौधों की खरीद की अनमता नर्सरी से की गई है। इस क्रम में ब्लॉक सादाबाद में निम्मी गोल्ड नर्सरी फर्रुखाबाद से करीब दो हजार पौधों की खरीद की गई है। अब इन पौधों की तकनीकी सहायकों के माध्यम से एमबी कराने के लिए प्रयास जारी है। संवाद
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मनरेगा के तहत करीब 22 हजार पौधों की निजी नर्सरी से खरीद की गई है। यह खरीद पीडी के आदेश पर की गई है।
-जितेंद्र दीक्षित, एपीओ, मनरेगा सासनी।
ब्लॉक हाथरस की प्रत्येक ग्राम पंचायत के लिए मनरेगा के तहत 500-500 पौधों की खरीद की गई है। ब्लॉक में 72 ग्राम पंचायतों के हिसाब से करीब 36 हजार पौधों की खरीद की गई है।
-दिनेशपाल सिंह, लेखाकार
वन विभाग से पौधों को दिए जाने के लिए पत्राचार किया गया था। वन विभाग ने पौधे उपलब्ध नहीं कराए। इस कारण निजी फर्म से पौधों की खरीद करनी पड़ी है।
-नीरज गर्ग, बीडीओ सादाबाद।
मनरेगा के तहत अभी तक किसी भी ब्लॉक को पौधों की खरीद करने के लिए कोई आदेश नहीं दिया गया है। इस संबंध में किसी भी प्रकार की किसी ब्लॉक से कोई जानकारी नहीं मिली है।
-राजेश कुरील, पीडी।
लक्ष्य के सापेक्ष सभी विभागों को पौधे मुहैया कराए गए हैं। इस वितरण की प्राप्ति भी हमारे पास मौजूद है।
सीपी सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी।