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हाथरस : पात्र लाभार्थी के बजाय बनवा दिया किसी और का मकान

Wed, 17 Nov 2021 11:21 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 17 Nov 2021 11:21 PM IST
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Hathras: Instead of the eligible beneficiary, someone else's house was built
हाथरस : सहपऊ में अधूरा पड़ा पीएम आवास योजना का मकान। संवाद - फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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सहपऊ क्षेत्र में प्रधानमंत्री आवासीय योजना में गड़बड़ी सामने आई है। अधिकारियों ने गांव खोंडा के पात्र लाभार्थी के बजाय किसी और का आवास बनवा दिया है। जब पात्र लाभार्थी को इसका पता चला तो उसने बीडीओ, एसडीएम व अन्य उच्चाधिकारियों से इसकी शिकायत की लेकिन, कोई कार्रवाई नहीं हुई। पीड़ित ने प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री पोर्टल पर भी इसकी शिकायत की जिसकी अभी तक जांच ही चल रही है लेकिन अभी तक उसे आवास नहीं मिला।
दरअसल, प्रधानमंत्री आवास को सत्यापन करने आने वाले निजी कर्मचारियों ने अपने जान-पहचान वालों को वरीयता दी। जब उच्च अधिकारियों को इसकी भनक लगी तो उन्होंने ऐसे लोगों को हटा दिया। जिसके बाद पात्रों लोगों को आने वाले किश्तों में भी रुकावट आ गई। गांव खोंडा निवासी भुल्लन गोस्वामी का नाम तो पहले पात्रता में ही नहीं था।
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जब उसका सत्यापन किया गया तो पात्रता की सूची में उसका नाम आ गया। इसके बाद तत्कालीन प्रधान एवं ग्राम पंचायत सचिव ने यह कहकर उसका मनरेेगा जॉब कार्ड ले लिया कि उसके खाते में उक्त योजना के तहत पैसे आने वाले हैं। लेकिन, जब उसके खाते में रुपये नहीं आए तो उसने खंड विकास कार्यालय में जाकर पता किया। यहां उसे पता चला कि उसके नाम पर आवास बन चुका है। पीड़ित ने मुख्यमंत्री, प्रधानमंत्री से भी इसकी शिकायत की है लेकिन, अभी तक उसका आवास नहीं बन सका। संवाद
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- मेरा आवास किसी और को दे दिया गया है। अब ऑनलाइन देखने पर मेरे नाम के आगे आवास बना है आता है। मैंने इसकी सब जगह शिकायत की है लेकिन अभी तक कोई समाधान नहीं हुआ है। -भुल्लन गोस्वामी, गांव खोंडा

- पांच वर्ष पूर्व ही उक्त व्यक्ति का मनरेगा जॉब कार्ड निरस्त हो चुका है। किसी कारण नाम में अथवा आवासीय नंबरों में गलती होने पर इसके नाम के आगे आवास बना हुआ लिखा आता है जिसकी बारीकी से जांच की जा रही है। जब तक इस गलती का सुधार नहीं हो जाता तब तक उसके आवास के लिए पैसे मंजूर नहीं हो सकते । - राजीव कुमार, एडीओ पंचायत
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