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हाथरस : खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए अधिकारी कर रहे निरीक्षण
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उर्वरक के स्टॉक को चेक करते अधिकारी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जनपद में डीएपी खाद एवं उर्वरकों की काला बाजारी पर लगाम लगाने को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों ने उर्वरक की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में 26768 मीट्रिक टन फॉस्फेटिक उर्वरक की आपूूर्ति हो चुकी है।
वहीं जिला कृषि अधिकारी ने यह जानकारी भी दी है कि किसान 31 दिसंबर तक रबी की फसलों का बीमा करा सकेंगे। उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए अधिकारी लगातार छापेमारी कर रहे हैं। वहीं किला स्टेशन पर आई यूरिया की रैक को वहां से सहकारी समितियों पर भी भेजा जा रहा है।
अधिकारियों के मुताबिक अब तक 24869 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। जनपद में 1899 मीट्रिक टन फॉस्फेटिक खाद की उपलब्धता है। जनपद में 22463 मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक की आपूूर्ति हो चुकी है और अब तक 15785 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है।
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जनपद में 6678 मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता है। गेहूं की प्रजाति एचडी 2967, डब्लूएच1124, एचडी 3086, पीबीडब्लू 723 उन्नत 343, पीबीडब्लू 550 उपलब्ध हैं। गेहूं बीज की बिक्री दर 3915 रुपये प्रति क्विंटल है, गेहूं बीज पर अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान देय है। अनुदान डीबीटी के द्वारा कृषकों के खातों में भेजा जाएगा।
31 तक किसान करा सकते हैं रबी की फसल का बीमा
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रबी 2021-22 में कृषक अपनी फसलों का बीमा दिनांक 31 दिसंबर तक करा सकते हैं। गेहूं फसल के लिए1115 रुपये, जौ फसल के लिए 765 रुपये, सरसों के लिए 1014 रुपये, आलू के लिए 7500 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम की धनराशि संबंधित बैंक द्वारा कटौती की जाएगी।
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जनपद में डीएपी खाद एवं उर्वरकों की काला बाजारी पर लगाम लगाने को लेकर कृषि विभाग के अधिकारियों ने उर्वरक की दुकानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया गया। जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिले में 26768 मीट्रिक टन फॉस्फेटिक उर्वरक की आपूूर्ति हो चुकी है।
वहीं जिला कृषि अधिकारी ने यह जानकारी भी दी है कि किसान 31 दिसंबर तक रबी की फसलों का बीमा करा सकेंगे। उर्वरक की कालाबाजारी रोकने के लिए अधिकारी लगातार छापेमारी कर रहे हैं। वहीं किला स्टेशन पर आई यूरिया की रैक को वहां से सहकारी समितियों पर भी भेजा जा रहा है।
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अधिकारियों के मुताबिक अब तक 24869 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है। जनपद में 1899 मीट्रिक टन फॉस्फेटिक खाद की उपलब्धता है। जनपद में 22463 मीट्रिक टन यूरिया उर्वरक की आपूूर्ति हो चुकी है और अब तक 15785 मीट्रिक टन खाद का वितरण हो चुका है।
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जनपद में 6678 मीट्रिक टन यूरिया की उपलब्धता है। गेहूं की प्रजाति एचडी 2967, डब्लूएच1124, एचडी 3086, पीबीडब्लू 723 उन्नत 343, पीबीडब्लू 550 उपलब्ध हैं। गेहूं बीज की बिक्री दर 3915 रुपये प्रति क्विंटल है, गेहूं बीज पर अधिकतम 50 प्रतिशत अनुदान देय है। अनुदान डीबीटी के द्वारा कृषकों के खातों में भेजा जाएगा।
31 तक किसान करा सकते हैं रबी की फसल का बीमा
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना रबी 2021-22 में कृषक अपनी फसलों का बीमा दिनांक 31 दिसंबर तक करा सकते हैं। गेहूं फसल के लिए1115 रुपये, जौ फसल के लिए 765 रुपये, सरसों के लिए 1014 रुपये, आलू के लिए 7500 रुपये प्रति हेक्टेयर प्रीमियम की धनराशि संबंधित बैंक द्वारा कटौती की जाएगी।