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हाथरस : बिना मान्यता वाले स्कूल में कैसे दे दिया बच्चों को प्रवेश
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घनश्याम सिंह
हाथरस। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग का एक और कारनामा सामने आया है। बिना मान्यता वाले स्कूल में तीन साल पहले आखिर शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत बच्चों के प्रवेश कैसे करा दिए, यह बात समझ में नहीं आ रही है। अब जब विभाग को सासनी का वही स्कूल बिना मान्यता के मिला तो उसे बंद करा दिया गया है, ऐसे में उस स्कूल में आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक परेशानी में आ गए हैं और अब वह अपनी समस्या लेकर विभाग व अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने पिछले दिनों जिले में चिह्नित किए गए बिना मान्यता के स्कूलों की सूची जारी की थी। सूची में शामिल 30 में से एक नाम सासनी के महर्षि विद्या मंदिर का भी है। इसमें करीब तीन साल पहले आरटीई के तहत विभाग द्वारा 27 बच्चों का प्रवेश कराया था, जबकि इस विद्यालय के पास मान्यता ही नहीं है, जबकि इस स्कूल में आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश विभाग ने हीक राए थे। ऐसे में इन बच्चों के अभिभावक काफी परेशानी में आ गए हैं। संवाद
अभिभावकों ने बीएसए दफ्तर में लगाई गुहार
हाथरस। सासनी क्षेत्र के कई गांवों के निवासी आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों के अभिभावक बृहस्पतिवार को बीएसए दफ्तर पहुंचे। यहां प्रभारी बीएसए को पूरी बात बताई और समस्या का सामाधान कराए जाने की मांग की। संवाद
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तो क्या अब सरकारी स्कूल में ही होगा बच्चों का दाखिला
अभिभावक इस बात को सोच-सोचकर काफी परेशान हैं कि अगर किसी निजी स्कूल में आरटीई के तहत इन बच्चों को प्रवेश नहीं दिलाया गया तो इनका प्रवेश सरकारी स्कूल में ही कराना होगा।
जब विद्यालय को मान्यता ही नहीं थी तो हमारे बच्चों का प्रवेश महर्षि विद्या मंदिर में आरटीई के तहत क्यों कराया गया। इस प्रकार हमारे बच्चों का भविष्य बर्बाद होता हुआ दिख रहा है। निवेदन है कि हमारे बच्चों का प्रवेश सासनी के किसी अन्य निजी स्कूल में कराने दिया जाए, ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।
-मनोज चतुर्वेदी, अभिभावक
कुछ अभिभावक आज सुबह दफ्तर आए थे। उन्होंने बताया कि आरटीई के तहत महर्षि विद्या मंदिर स्कूल में उनके बच्चे पढ़ते थे, जबकि उसकी मान्यता न होने के कारण उसे बंद करा दिया गया है। वर्तमान में पोर्टल पर भी यह स्कूल दिख नहीं हा रहा है। जहां तक मेरी जानकारी में है कि उस वक्त जिसने ऐसा काम किया था, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई है। अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला किसी भी मान्यता प्राप्त या परिषदीय स्कूल में करा दें।
-उदित कुमार, प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।
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हाथरस। जिले में बेसिक शिक्षा विभाग का एक और कारनामा सामने आया है। बिना मान्यता वाले स्कूल में तीन साल पहले आखिर शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) के तहत बच्चों के प्रवेश कैसे करा दिए, यह बात समझ में नहीं आ रही है। अब जब विभाग को सासनी का वही स्कूल बिना मान्यता के मिला तो उसे बंद करा दिया गया है, ऐसे में उस स्कूल में आरटीई के तहत पढ़ रहे बच्चों के अभिभावक परेशानी में आ गए हैं और अब वह अपनी समस्या लेकर विभाग व अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) ने पिछले दिनों जिले में चिह्नित किए गए बिना मान्यता के स्कूलों की सूची जारी की थी। सूची में शामिल 30 में से एक नाम सासनी के महर्षि विद्या मंदिर का भी है। इसमें करीब तीन साल पहले आरटीई के तहत विभाग द्वारा 27 बच्चों का प्रवेश कराया था, जबकि इस विद्यालय के पास मान्यता ही नहीं है, जबकि इस स्कूल में आरटीई के तहत बच्चों के प्रवेश विभाग ने हीक राए थे। ऐसे में इन बच्चों के अभिभावक काफी परेशानी में आ गए हैं। संवाद
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अभिभावकों ने बीएसए दफ्तर में लगाई गुहार
हाथरस। सासनी क्षेत्र के कई गांवों के निवासी आरटीई के तहत प्रवेश लेने वाले बच्चों के अभिभावक बृहस्पतिवार को बीएसए दफ्तर पहुंचे। यहां प्रभारी बीएसए को पूरी बात बताई और समस्या का सामाधान कराए जाने की मांग की। संवाद
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तो क्या अब सरकारी स्कूल में ही होगा बच्चों का दाखिला
अभिभावक इस बात को सोच-सोचकर काफी परेशान हैं कि अगर किसी निजी स्कूल में आरटीई के तहत इन बच्चों को प्रवेश नहीं दिलाया गया तो इनका प्रवेश सरकारी स्कूल में ही कराना होगा।
जब विद्यालय को मान्यता ही नहीं थी तो हमारे बच्चों का प्रवेश महर्षि विद्या मंदिर में आरटीई के तहत क्यों कराया गया। इस प्रकार हमारे बच्चों का भविष्य बर्बाद होता हुआ दिख रहा है। निवेदन है कि हमारे बच्चों का प्रवेश सासनी के किसी अन्य निजी स्कूल में कराने दिया जाए, ताकि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिल सके।
-मनोज चतुर्वेदी, अभिभावक
कुछ अभिभावक आज सुबह दफ्तर आए थे। उन्होंने बताया कि आरटीई के तहत महर्षि विद्या मंदिर स्कूल में उनके बच्चे पढ़ते थे, जबकि उसकी मान्यता न होने के कारण उसे बंद करा दिया गया है। वर्तमान में पोर्टल पर भी यह स्कूल दिख नहीं हा रहा है। जहां तक मेरी जानकारी में है कि उस वक्त जिसने ऐसा काम किया था, उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई हुई है। अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला किसी भी मान्यता प्राप्त या परिषदीय स्कूल में करा दें।
-उदित कुमार, प्रभारी जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।