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हाथरस: हर्ष फायरिंग पर नहीं लग पा रही रोक, पहले भी हो चुकी हैं कई घटनाएं
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हाथरस: मृत छोटेलाल हलवाई का फाइल फोटो।
- फोटो : SIKANDHRA RAHU
हर्ष फायरिंग पर नहीं लग पा रही रोक, पहले भी हो चुकी हैं कई घटनाएं
खुशी में की गई फायरिंग अक्सर ले लेती है लोगों की जान और मातम में बदल देती है जश्न को
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। हर्ष फायरिंग पर रोक नहीं लग पा रही। सिकंदराराऊ के गांव भुर्रका में जिस तरह की घटना हुई है, इस जिले में उस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। हर्ष फायरिंग में कई लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल भी हो चुके हैं। पुलिस प्रशासन हर बार सख्ती की बात कहते हैं लेकिन उनके दावों में दम दिखाई नहीं देता।
शादी विवाह से लेकर अन्य खुशी के मौके पर अक्सर धड़ल्ले से फायरिंग की जाती है। कई बार माहौल उस समय मातम में छा जाता है, जब खुशी में चलाई गई गोली किसी की मौत का कारण बनती है। पिछले साल शहर के सिकंदराराऊ रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में खुशी में चलाई गई गोली एक वेटर के लगी थी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसी तरह मुरसान में भी हर्ष फायरिंग के दौरान घटना हुई थी। आरएसएस के शस्त्र पूजन कार्यक्रम में डेढ़ साल पहले हर्ष फायरिंग में एक मीडियाकर्मी के घायल होने का मामला खासा सुर्खियों में रहा था।
सादाबाद के कस्बा मई में भी लग्न समारोह में खुशी में की गई हर्ष फायरिंग में एक युवक की जान चली गई थी। सिकंदराराऊ के गांव नूरपुर में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है और शहर में सरकूलर रोड के पीछे गली में एक बच्ची की जान भी घुड़चढ़ी के दौरान की गई हर्ष फायरिंग में गोली लगने से जा चुकी है। सबसे खेदजनक पहलू यह है कि काफी घटनाओं के बाद भी हर्ष फायरिंग पर प्रभावी तरीके से रोक नहीं लगाई जा रही। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि हर्ष फायरिंग को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठा रखे हैं। सभी थानों की पुलिस को निर्देश दे रखा है कि वह हर्ष फायरिंग नहीं होने दें। उन्होंने लोगों से भी कहा है कि यदि वह कहीं हर्ष फायरिंग होते देखें तो इसकी सूचना पुलिस को दें।
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खुशी में की गई फायरिंग अक्सर ले लेती है लोगों की जान और मातम में बदल देती है जश्न को
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। हर्ष फायरिंग पर रोक नहीं लग पा रही। सिकंदराराऊ के गांव भुर्रका में जिस तरह की घटना हुई है, इस जिले में उस तरह की घटनाएं पहले भी हो चुकी हैं। हर्ष फायरिंग में कई लोगों की जान जा चुकी है और कई लोग घायल भी हो चुके हैं। पुलिस प्रशासन हर बार सख्ती की बात कहते हैं लेकिन उनके दावों में दम दिखाई नहीं देता।
शादी विवाह से लेकर अन्य खुशी के मौके पर अक्सर धड़ल्ले से फायरिंग की जाती है। कई बार माहौल उस समय मातम में छा जाता है, जब खुशी में चलाई गई गोली किसी की मौत का कारण बनती है। पिछले साल शहर के सिकंदराराऊ रोड स्थित एक गेस्ट हाउस में खुशी में चलाई गई गोली एक वेटर के लगी थी और वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। इसी तरह मुरसान में भी हर्ष फायरिंग के दौरान घटना हुई थी। आरएसएस के शस्त्र पूजन कार्यक्रम में डेढ़ साल पहले हर्ष फायरिंग में एक मीडियाकर्मी के घायल होने का मामला खासा सुर्खियों में रहा था।
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सादाबाद के कस्बा मई में भी लग्न समारोह में खुशी में की गई हर्ष फायरिंग में एक युवक की जान चली गई थी। सिकंदराराऊ के गांव नूरपुर में भी इसी तरह की घटना हो चुकी है और शहर में सरकूलर रोड के पीछे गली में एक बच्ची की जान भी घुड़चढ़ी के दौरान की गई हर्ष फायरिंग में गोली लगने से जा चुकी है। सबसे खेदजनक पहलू यह है कि काफी घटनाओं के बाद भी हर्ष फायरिंग पर प्रभावी तरीके से रोक नहीं लगाई जा रही। इस मामले में अपर पुलिस अधीक्षक का कहना है कि हर्ष फायरिंग को रोकने के लिए पुलिस ने सख्त कदम उठा रखे हैं। सभी थानों की पुलिस को निर्देश दे रखा है कि वह हर्ष फायरिंग नहीं होने दें। उन्होंने लोगों से भी कहा है कि यदि वह कहीं हर्ष फायरिंग होते देखें तो इसकी सूचना पुलिस को दें।
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