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हाथरस : महंगे कॉटन से बेपटरी हुआ हैंडलूम कारोबार
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना काल में कॉटन के दामों में 10 से 15 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। कारोबार को पटरी पर लाने की योजना तैयार कर रहे उद्यमियों के सामने एक और मुश्किल खड़ी हो गई है।
उल्लेखनीय है जिले में हैंडलूम की करीब 100 फैक्टरियां हैं। इन फैक्टरियों में पांच से छह हजार लोग काम करते हैं। यहां से राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि राज्यों को माल जाता है। कोरोना के चलते यह कारोबार इन-दिनों पूरी तरह ठप चल रहा है। कर्मियों को अपनी जान की चिंता सता रही है। इस कारण वह काम नहीं कर रहे हैं।
अब संक्रमण की दर कम होने के साथ उद्यमी फिर से कारोबार को शुरू करने का मन बना रहे है तो कॉटन के दामों में वृद्धि होने से उनकी मुश्किल बढ़ गई है। अलग-अलग रंगों में आने वाले कच्चे माल पर 10 से 15 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है, इसलिए अब हैंडलूम कारोबारी भी सरकार से उद्योग के लिए विशेष पैकेज की आस लगा रहे हैं।
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छह नंबर कॉटन की कीमत 37 से 48 रुपये हो गई है। 10 नंबर कॉटन 93 रुपये का हो गया है। इसके अलावा अन्य कच्चे माल पर 10 से 15 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। अब कोरोना के बाद कारोबार को शुरू करने की सोच रहे थे। अचानक दाम बढ़ने से मुश्किल हो गई है।
-वासुदेव माहौर, हैंडलूम कारोबारी
हैंडलूम करोबार से जिले की अन्य प्रांतों में खासी पहचान है। कोरोना ने उद्योग को बेपटरी कर दिया। अब फिर से कारोबार को पटरी पर लाने की कोशिश चल रही है तो कॉटन के दाम बढ़ने से मुश्किल हो गई है। इससे माल की लागत भी बढ़ जाएगी।
-विजय कुमार शर्मा, हैंडलूम कारोबारी
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कोरोना काल में कॉटन के दामों में 10 से 15 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। कारोबार को पटरी पर लाने की योजना तैयार कर रहे उद्यमियों के सामने एक और मुश्किल खड़ी हो गई है।
उल्लेखनीय है जिले में हैंडलूम की करीब 100 फैक्टरियां हैं। इन फैक्टरियों में पांच से छह हजार लोग काम करते हैं। यहां से राजस्थान, मध्य प्रदेश आदि राज्यों को माल जाता है। कोरोना के चलते यह कारोबार इन-दिनों पूरी तरह ठप चल रहा है। कर्मियों को अपनी जान की चिंता सता रही है। इस कारण वह काम नहीं कर रहे हैं।
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अब संक्रमण की दर कम होने के साथ उद्यमी फिर से कारोबार को शुरू करने का मन बना रहे है तो कॉटन के दामों में वृद्धि होने से उनकी मुश्किल बढ़ गई है। अलग-अलग रंगों में आने वाले कच्चे माल पर 10 से 15 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है, इसलिए अब हैंडलूम कारोबारी भी सरकार से उद्योग के लिए विशेष पैकेज की आस लगा रहे हैं।
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छह नंबर कॉटन की कीमत 37 से 48 रुपये हो गई है। 10 नंबर कॉटन 93 रुपये का हो गया है। इसके अलावा अन्य कच्चे माल पर 10 से 15 रुपये प्रति किलो की बढ़ोतरी हुई है। अब कोरोना के बाद कारोबार को शुरू करने की सोच रहे थे। अचानक दाम बढ़ने से मुश्किल हो गई है।
-वासुदेव माहौर, हैंडलूम कारोबारी
हैंडलूम करोबार से जिले की अन्य प्रांतों में खासी पहचान है। कोरोना ने उद्योग को बेपटरी कर दिया। अब फिर से कारोबार को पटरी पर लाने की कोशिश चल रही है तो कॉटन के दाम बढ़ने से मुश्किल हो गई है। इससे माल की लागत भी बढ़ जाएगी।
-विजय कुमार शर्मा, हैंडलूम कारोबारी