{"_id":"60f71aa78ebc3e6d3d2c8502","slug":"hathras-government-team-will-come-soon-in-the-district-to-check-the-reality-of-plants-hathras-news-ali2686161196","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : पौधों की हकीकत जांचने के लिए जिले में जल्दी आएगी शासन की टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : पौधों की हकीकत जांचने के लिए जिले में जल्दी आएगी शासन की टीम
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिले में वृक्ष महाकुंभ के तहत लगे पौधों की हकीकत परखने के लिए जल्द जिले में टीम आएगी। शासन के निर्देश के बाद टीम गठित करने की तैयारी शुरू हो गई है। पिछली बार देहरादून की टीम ने रोपे गए पौधों का सर्वे किया था।
उल्लेखनीय है कि इस बार 23 विभागों की मदद से जिलेभर में 25 लाख 58 हजार पौधों का रोपण किया गया है। वृक्ष महाकुंभ के तहत लगे पौधों की जिओ टैगिंग के लिए एक एप दिया गया है। इसकी मदद से सभी विभाग पौधरोपण की हकीकत परख रहे हैं। अब शासन से निर्देश मिला है कि प्रत्येक जिले में पौधरोपण की हकीकत परखने के लिए टीमें गठित की जाएं। इसको ध्यान में रखते हुए अब टीमें गठित करने का सिलसिला शुरू हो गया है।
माना जा रहा है पड़ोसी जिलों के अधिकारी एक दूसरे जिलों में जाकर पौधों की पड़ताल करेंगे। इसकी रिपोर्ट शासन को देंगे। पिछले साल लगे 18 लाख पौधों की पड़ताल देहारादून की टीम ने की थी। इस बार भी वह टीम अलग पड़ताल करेगी। वहीं शासन के निर्देश पर टीमें गठित करने की कवायद शुरू हो गई है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी इस बात पर चुप्पी साधे हुए हैं। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
जिले में वृक्ष महाकुंभ के तहत लगे पौधों की हकीकत परखने के लिए जल्द जिले में टीम आएगी। शासन के निर्देश के बाद टीम गठित करने की तैयारी शुरू हो गई है। पिछली बार देहरादून की टीम ने रोपे गए पौधों का सर्वे किया था।
उल्लेखनीय है कि इस बार 23 विभागों की मदद से जिलेभर में 25 लाख 58 हजार पौधों का रोपण किया गया है। वृक्ष महाकुंभ के तहत लगे पौधों की जिओ टैगिंग के लिए एक एप दिया गया है। इसकी मदद से सभी विभाग पौधरोपण की हकीकत परख रहे हैं। अब शासन से निर्देश मिला है कि प्रत्येक जिले में पौधरोपण की हकीकत परखने के लिए टीमें गठित की जाएं। इसको ध्यान में रखते हुए अब टीमें गठित करने का सिलसिला शुरू हो गया है।
विज्ञापन
माना जा रहा है पड़ोसी जिलों के अधिकारी एक दूसरे जिलों में जाकर पौधों की पड़ताल करेंगे। इसकी रिपोर्ट शासन को देंगे। पिछले साल लगे 18 लाख पौधों की पड़ताल देहारादून की टीम ने की थी। इस बार भी वह टीम अलग पड़ताल करेगी। वहीं शासन के निर्देश पर टीमें गठित करने की कवायद शुरू हो गई है। हालांकि वन विभाग के अधिकारी इस बात पर चुप्पी साधे हुए हैं। संवाद
विज्ञापन