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हाथरस : टीबी के हर मरीज की हो रही जीओ टैगिंग

Fri, 30 Dec 2022 11:41 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 30 Dec 2022 11:41 PM IST
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Hathras: Geo tagging of every TB patient is being done
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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क्षय रोगियों का जीओ टैगिंग का कार्य शुरू हो गया है। इससे फायदा यह होगा कि ऊपर के अधिकारियों को घर बैठे पता चल जाएगा कि सुदूर ग्रामीण क्षेत्र के मरीजों के पास टीबी की दवा समय से पहुंची या नहीं। यह भी स्पष्ट हो जाएगा कि किसी खास क्षेत्र में मरीजों की संख्या अधिक तो नहीं है। इससे समय रहते बीमारी की रोकथाम का इंतजाम किया जा सकता है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एएस वशिष्ठ ने बताया कि राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम पर विशेष जोर दिया जा रहा है। वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाना है तो सभी का सहयोग जरूरी है। निजी चिकित्सालय भी टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन पर ध्यान दें। तब ही टीबी उन्मूलन की राह और आसान हो पाएगी।
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जिले में वास्तविक टीबी मरीजों की जानकारी होना बहुत आवश्यक है, जिससे सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधाएं उन तक पहुंच सकें। टीबी मरीजों को उपचार चलने तक निक्षय पोषण योजना के तहत हर माह पांच सौ रुपये दिये जाते हैं। यह रकम सीधे उनके बैंक खाते में भेजी जाती है।
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इसके अलावा टीबी मरीजों को गोद लेने का कार्यक्रम भी चल रहा है, जिसमें विभाग द्वारा निजी संस्थाओं और स्वयं सेवी संस्थाओं के सहयोग से टीबी मरीजों को पोषण की मदद मुहैया करायी जाती है।
निजी चिकित्सकों, चिकित्सालयों के संचालक-प्रबंधकों से अपील की है कि वह वर्ष 2025 तक देश को टीबी मुक्त बनाने के लक्ष्य को पूरा करने में सहयोग करें। साथ ही टीबी मरीजों के नोटिफिकेशन को गंभीरता से लें और स्वास्थ्य विभाग को समय पर सूचना उपलब्ध कराते रहें। संवाद
एप पर मरीज का विवरण व लोकेशन हो रहे फीड
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. एएस वशिष्ठ ने बताया कि जीओ टैगिंग के तहत एप पर मरीज का विवरण एवं लोकेशन फीड की जाती है, जिससे मरीजों के स्वास्थ्य पर संबंधित अधिकारियों की नजर रहती है। स्वास्थ्यकर्मी की लोकेशन और मरीज की लोकेशन से पता किया जा सकता है कि स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंची या नहीं।

यह लक्षण हों तो जांच जरूर कराएं
दो सप्ताह या अधिक समय तक खांसी, खांसी के साथ बलगम आना, बलगम में कभी-कभी खून आना, वजन कम होना, भूख न लगना, सीने में दर्द होना, शाम को हल्का बुखार आना आदि लक्षण हों तो मरीज को जांच जरूरी करानी चाहिए।
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