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हाथरस : बुखार के मरीज हुए कम, अब चर्म रोग का वार
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हाथरस : जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की भीड़। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
सुबह-शाम तापमान में गिरावट आंकी जा रही है। ऐसे मौसम में त्वचा की बीमारियां मरीजों की मुसीबत बढ़ा रही हैं। सफाई में लापरवाही और संक्रमण के कारण एग्जीमा, खुजली और दाद आदि के मरीज बढ़े हैं।
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश बाबू ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ त्वचा के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रतिदिन त्वचा रोग के 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इन दिनों एग्जीमा, खुजली और दाद के मरीज दवा लेने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी व बारिश के मौसम में वातावरण में नमी रहती है। इससे त्वचा की कोशिकाएं आपस में जुड़ी रहती हैं, लेकिन सर्दियों में ऐसा नहीं होता।
सर्दी के मौसम में कोशिकाओं में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा सूखने लगती है और फटने की शिकायत शुरू हो जाती है। अधिक लापरवाही से त्वचा की ऊपरी के साथ निचली सतह भी प्रभावित होकर धीरे-धीरे सूखने लगती है। ऐसे में त्वचा की परत बाहर निकलने लगती है। बाद में वातावरण में मौजूद जीवाणुओं व गंदगी से त्वचा में संक्रमण के कारण फुंसी-फोड़ा, एग्जीमा और खुजली आदि चर्म रोग हो जाते हैं। इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। संवाद
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अस्पताल में आने वाले मरीजों में बुखार के रोगियों की संख्या में काफी कमी आई है। अब त्वचा के रोगी कुछ बढ़ गए हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों को उपलब्ध संसाधनों से बेहतर से बेहतर उपचार दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल।
बच्चों को ठंड से बुखार तो आया ही है, खुजली की समस्या और हो गई है, इसलिए अस्पताल से दवा लेने आई हूं, ताकि ठीक हो सकूं।
-रिंकी, तीमारदार
कई दिनों से मौसम में बहुत बदलाव आ गया है। अब बच्चों को खुजली की दिक्कत इतनी हो गई है कि खुजाते हुए खून तक निकाल लेते हैं।
-गीता, तीमारदार
दिन में गर्मी और रात को सर्दी से शरीर में खुजली हो गई है। उसी की दवा लेने के लिए आई हूं। ऐसा मौसम बदलने के कारण हुआ है।
-शबनम, मरीज
मुझे गले में काफी दिक्कत हो रही है। कई दिनों से परेशान हूं, इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए अस्पताल दवा लेने आई हूं।
-प्रियंका, मरीज
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सुबह-शाम तापमान में गिरावट आंकी जा रही है। ऐसे मौसम में त्वचा की बीमारियां मरीजों की मुसीबत बढ़ा रही हैं। सफाई में लापरवाही और संक्रमण के कारण एग्जीमा, खुजली और दाद आदि के मरीज बढ़े हैं।
जिला अस्पताल के त्वचा रोग विशेषज्ञ डॉ. रमेश बाबू ने बताया कि मौसम में बदलाव के साथ त्वचा के रोगियों की संख्या में इजाफा हुआ है। प्रतिदिन त्वचा रोग के 100 से अधिक मरीज पहुंच रहे हैं। इन दिनों एग्जीमा, खुजली और दाद के मरीज दवा लेने आ रहे हैं। उन्होंने बताया कि गर्मी व बारिश के मौसम में वातावरण में नमी रहती है। इससे त्वचा की कोशिकाएं आपस में जुड़ी रहती हैं, लेकिन सर्दियों में ऐसा नहीं होता।
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सर्दी के मौसम में कोशिकाओं में नमी कम हो जाती है, जिससे त्वचा सूखने लगती है और फटने की शिकायत शुरू हो जाती है। अधिक लापरवाही से त्वचा की ऊपरी के साथ निचली सतह भी प्रभावित होकर धीरे-धीरे सूखने लगती है। ऐसे में त्वचा की परत बाहर निकलने लगती है। बाद में वातावरण में मौजूद जीवाणुओं व गंदगी से त्वचा में संक्रमण के कारण फुंसी-फोड़ा, एग्जीमा और खुजली आदि चर्म रोग हो जाते हैं। इस मौसम में विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। संवाद
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अस्पताल में आने वाले मरीजों में बुखार के रोगियों की संख्या में काफी कमी आई है। अब त्वचा के रोगी कुछ बढ़ गए हैं। अस्पताल आने वाले मरीजों को उपलब्ध संसाधनों से बेहतर से बेहतर उपचार दिए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
-डॉ. सूर्य प्रकाश, सीएमएस जिला अस्पताल।
बच्चों को ठंड से बुखार तो आया ही है, खुजली की समस्या और हो गई है, इसलिए अस्पताल से दवा लेने आई हूं, ताकि ठीक हो सकूं।
-रिंकी, तीमारदार
कई दिनों से मौसम में बहुत बदलाव आ गया है। अब बच्चों को खुजली की दिक्कत इतनी हो गई है कि खुजाते हुए खून तक निकाल लेते हैं।
-गीता, तीमारदार
दिन में गर्मी और रात को सर्दी से शरीर में खुजली हो गई है। उसी की दवा लेने के लिए आई हूं। ऐसा मौसम बदलने के कारण हुआ है।
-शबनम, मरीज
मुझे गले में काफी दिक्कत हो रही है। कई दिनों से परेशान हूं, इस समस्या से छुटकारा पाने के लिए अस्पताल दवा लेने आई हूं।
-प्रियंका, मरीज