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हाथरस : किसानों को चुभ रहा बिजली कटौती का नश्तर
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
भीषण गर्मी में शहर की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। अघोषित कटौती अफसरों की रोस्टर व्यवस्था के दावों को झुठला रही है। शहर से लेकर गांवों तक लोग बिजली कटौती से परेशान हैं। चार से पांच घंटे बिजली गुल रहना आम बात हो गई है।
आए दिन ब्रेक डाउन, केबिल जलने, ट्रांसफॉर्मर व फीडर फुंकने से रोस्टर का मजाक बन गया है। उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। इधर, किसानों का कहना है कि बिजली कटौती नश्तर की तरह चुभ रही है। समय पर सिंचाई न होने से फसलों के सूखने का डर सता रहा है। लेकिन अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं। सोमवार को भी शहर से देहात तक चार घंटे बिजली गुल रही।
जिले में बिजली चोरी को रोकने के लिए कई साल पहले बंच कंडक्टर लाइन डाली गई थी। अब यह लाइन जर्जर हो गई है। जर्जर लाइन के कारण कभी दिन में तो कभी रात में बिजली गुल हो रही है। सोमवार को शहर के नवीपुर, गिजरौली, प्रगतिपुरम, ओढ़पुरा आदि सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में फॉल्ट हो गए।
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इस कारण कई घंटे बिजली गुल रही। वहीं, देहात के सलेमपुर, नगला रति, वाहनपुर, चंदपा, सोखना आदि सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में खराबी आ गई। लोग बिना बिजली के गर्मी में बेहाल हो गए। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण किसान समय पर फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
उन्हें बिजली कटौती नश्तर की तरह चुभ रही है। फसल सूखने का डर सता रहा है। उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। एक्सईएन सुभाष चंद्रा का कहना है कि ओवरलोडिंग के कारण फॉल्ट आदि की समस्या आ रही है। अधीनस्थों को फॉल्ट दूर कर आपूर्ति सुचारु करने के निर्देश दिए हैं।
कभी दिन में तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। भीषण गर्मी में बिना बिजली के खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। आशीष गुप्ता।
पर्याप्त बिजली न मिलने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। लाइनें जर्जर होने के चलते फॉल्ट हो रहे हैं। लाइनों को दुरुस्त करने के साथ आपूर्ति पर अधिकारी ध्यान दें। सौनू।
बिजली गुल होना आम बात हो गई है। कभी दिन में तो कभी रात में बिजली गुल होने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। समय रहते विभागीय अधिकरी आपूर्ति पर ध्यान दें। बाल किशन।
बिजली कटौती नश्तर की तरह चुभ रही है। पर्याप्त बिजली न मिलने से फसलों के सूखने का डर सता रहा है। किसान हर तरफ से परेशान है। योगेश कुमार।
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भीषण गर्मी में शहर की बिजली व्यवस्था ध्वस्त हो गई है। अघोषित कटौती अफसरों की रोस्टर व्यवस्था के दावों को झुठला रही है। शहर से लेकर गांवों तक लोग बिजली कटौती से परेशान हैं। चार से पांच घंटे बिजली गुल रहना आम बात हो गई है।
आए दिन ब्रेक डाउन, केबिल जलने, ट्रांसफॉर्मर व फीडर फुंकने से रोस्टर का मजाक बन गया है। उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। इधर, किसानों का कहना है कि बिजली कटौती नश्तर की तरह चुभ रही है। समय पर सिंचाई न होने से फसलों के सूखने का डर सता रहा है। लेकिन अधिकारी चैन की नींद सो रहे हैं। सोमवार को भी शहर से देहात तक चार घंटे बिजली गुल रही।
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जिले में बिजली चोरी को रोकने के लिए कई साल पहले बंच कंडक्टर लाइन डाली गई थी। अब यह लाइन जर्जर हो गई है। जर्जर लाइन के कारण कभी दिन में तो कभी रात में बिजली गुल हो रही है। सोमवार को शहर के नवीपुर, गिजरौली, प्रगतिपुरम, ओढ़पुरा आदि सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में फॉल्ट हो गए।
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इस कारण कई घंटे बिजली गुल रही। वहीं, देहात के सलेमपुर, नगला रति, वाहनपुर, चंदपा, सोखना आदि सबस्टेशनों से निकलने वाले फीडरों की लाइनों में खराबी आ गई। लोग बिना बिजली के गर्मी में बेहाल हो गए। पर्याप्त बिजली न मिलने के कारण किसान समय पर फसलों की सिंचाई नहीं कर पा रहे हैं।
उन्हें बिजली कटौती नश्तर की तरह चुभ रही है। फसल सूखने का डर सता रहा है। उद्योग धंधे प्रभावित हो रहे हैं। एक्सईएन सुभाष चंद्रा का कहना है कि ओवरलोडिंग के कारण फॉल्ट आदि की समस्या आ रही है। अधीनस्थों को फॉल्ट दूर कर आपूर्ति सुचारु करने के निर्देश दिए हैं।
कभी दिन में तो कभी रात में बिजली गुल होना आम बात हो गई है। भीषण गर्मी में बिना बिजली के खासी मुश्किलों से जूझना पड़ रहा है। आशीष गुप्ता।
पर्याप्त बिजली न मिलने से कामकाज प्रभावित हो रहा है। लाइनें जर्जर होने के चलते फॉल्ट हो रहे हैं। लाइनों को दुरुस्त करने के साथ आपूर्ति पर अधिकारी ध्यान दें। सौनू।
बिजली गुल होना आम बात हो गई है। कभी दिन में तो कभी रात में बिजली गुल होने के कारण कामकाज प्रभावित हो रहा है। समय रहते विभागीय अधिकरी आपूर्ति पर ध्यान दें। बाल किशन।
बिजली कटौती नश्तर की तरह चुभ रही है। पर्याप्त बिजली न मिलने से फसलों के सूखने का डर सता रहा है। किसान हर तरफ से परेशान है। योगेश कुमार।