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हाथरस : स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को बना दिया भीड़ का हिस्सा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विकास खंड कार्यालय परिसर में चौरी चौरा महोत्सव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को भीड़ का हिस्सा बना दिया गया। इससे वहां हंगामा भी हुआ। स्वतंत्रता सेनानियों के कुछ परिजनों का कहना है कि उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संयुक्त उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष का कहना है कि इसके बजाय तो उन्हें कार्यक्रम में न बुलाया जाता तो अच्छा होता।
शासन के निर्देश पर चौरी चौरा महोत्सव का आयोजन ब्लॉक परिसर में किया गया था। प्रशासन की ओर से शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मान करने के लिए बुलाया गया था। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को मंच उपलब्ध न कराकर उन्हें भीड़ का हिस्सा बना दिया गया। इसको लेकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों में रोष व्याप्त हो गया। इस पर वहां हंगामा भी हुआ। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संयुक्त उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए कुछ अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही।
जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा का कहना है कि सुबह साढ़े नौ बजे लेखपाल उनके घर पर आए और उनसे कहा कि 10 बजे ब्लॉक दफ्तर में पहुंचना है। उन्हें कार्यक्रम के बारे में कुछ नहीं बताया। प्रशासन के बुलावे पर वह और पांच अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन भी वहां पहुंचे थे। डीएम सहित अन्य सभी अधिकारी भी मौजूद थे। शहीदों के परिजनों को मंच दिया गया और उन्हें भीड़ का हिस्सा बना दिया गया। इसकी उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने कहा कि उन्होंने मात्र सात प्रतीक चिह्न मंगाए गए थे, जो वितरित हो गए हैं। मनोज शर्मा का कहना है कि प्रशासन ने उनको बुलाकर एक तरह से उनका अपमान किया। उनको महज पटका ओढ़ाकर सम्मानित करने की औपचारिकता ही निभाई गई। प्रतीक चिह्न नहीं दिए गए।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को प्रतीक चिह्न दिए गए हैं। किसी के परिवार से दो या तीन लोग आए थे। उनमें से प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया है।
-रमेश रंजन, डीएम हाथरस
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विकास खंड कार्यालय परिसर में चौरी चौरा महोत्सव में स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को भीड़ का हिस्सा बना दिया गया। इससे वहां हंगामा भी हुआ। स्वतंत्रता सेनानियों के कुछ परिजनों का कहना है कि उन्हें उचित सम्मान नहीं दिया गया। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संयुक्त उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष का कहना है कि इसके बजाय तो उन्हें कार्यक्रम में न बुलाया जाता तो अच्छा होता।
शासन के निर्देश पर चौरी चौरा महोत्सव का आयोजन ब्लॉक परिसर में किया गया था। प्रशासन की ओर से शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को सम्मान करने के लिए बुलाया गया था। स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को मंच उपलब्ध न कराकर उन्हें भीड़ का हिस्सा बना दिया गया। इसको लेकर स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों में रोष व्याप्त हो गया। इस पर वहां हंगामा भी हुआ। स्वतंत्रता संग्राम सेनानी संयुक्त उत्तराधिकारी संगठन के जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा ने अपना विरोध दर्ज कराते हुए कुछ अधिकारियों से वार्ता की, लेकिन वार्ता बेनतीजा रही।
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जिलाध्यक्ष मनोज शर्मा का कहना है कि सुबह साढ़े नौ बजे लेखपाल उनके घर पर आए और उनसे कहा कि 10 बजे ब्लॉक दफ्तर में पहुंचना है। उन्हें कार्यक्रम के बारे में कुछ नहीं बताया। प्रशासन के बुलावे पर वह और पांच अन्य स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजन भी वहां पहुंचे थे। डीएम सहित अन्य सभी अधिकारी भी मौजूद थे। शहीदों के परिजनों को मंच दिया गया और उन्हें भीड़ का हिस्सा बना दिया गया। इसकी उन्होंने अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने कहा कि उन्होंने मात्र सात प्रतीक चिह्न मंगाए गए थे, जो वितरित हो गए हैं। मनोज शर्मा का कहना है कि प्रशासन ने उनको बुलाकर एक तरह से उनका अपमान किया। उनको महज पटका ओढ़ाकर सम्मानित करने की औपचारिकता ही निभाई गई। प्रतीक चिह्न नहीं दिए गए।
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स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के परिजनों को प्रतीक चिह्न दिए गए हैं। किसी के परिवार से दो या तीन लोग आए थे। उनमें से प्रत्येक परिवार के एक सदस्य को प्रतीक चिह्न देकर सम्मानित किया गया है।
-रमेश रंजन, डीएम हाथरस