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हाथरस : नगर क्षेत्र में शामिल होने के बाद भी मिल रही गांव की बिजली
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
करीब एक पहले सीमा वृद्धि के बाद शहर में शामिल हुए काफी इलाकों में अभी भी देहात के हिसाब से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इससे नागरिक होने के भी यहां के लोगों को बिजली देहात के रोस्टर के हिसाब से ही मिल रही है। विडंबना यह है कि बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक यह सूचना ही नहीं दी गई है कि यह इलाके शहर में शामिल हो गए हैं।
उल्लेखनीय है कि करीब एक साल पहले शहर का सीमा विस्तार हुआ। इसमें शहर से सटी 11 ग्राम पंचायतों को शामिल कर लिया गया। ऐसे में नगर पालिका का क्षेत्र काफी बढ़ गया और वहां सफाई, पेयजल आदि की व्यवस्था भी पालिका की सुपुर्दगी में आ गई। खेदजनक पहलू यह है कि बिजली की आपूर्ति अभी भी वहां देहात के रोस्टर के हिसाब से मिल रही है।
शहर में शामिल होने वाले इन इलाकों में आज भी पुराने रोस्टर के हिसाब से ही बिजली आ रही है। रोस्टर के हिसाब से देहात के क्षेत्र में 18 घंटे और शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली देने का प्राविधान है। एक्सईएन सुभाष चंद्रा का कहना है कि नगर पालिका से अभी तक हमें कोई पत्र नहीं दिया गया है। इस कारण इन क्षेत्रों को शहर के फीडरों से नहीं जोड़ा जा सका है। पत्र आने के बाद इन इलाकों को शहर के फीडरों से जोड़ दिया जाएगा। उन्हें बेहतर आपूर्ति प्रदान की जाएगी। संवाद
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करीब एक पहले सीमा वृद्धि के बाद शहर में शामिल हुए काफी इलाकों में अभी भी देहात के हिसाब से बिजली की आपूर्ति की जा रही है। इससे नागरिक होने के भी यहां के लोगों को बिजली देहात के रोस्टर के हिसाब से ही मिल रही है। विडंबना यह है कि बिजली विभाग के अधिकारियों का कहना है कि उन्हें अभी तक यह सूचना ही नहीं दी गई है कि यह इलाके शहर में शामिल हो गए हैं।
उल्लेखनीय है कि करीब एक साल पहले शहर का सीमा विस्तार हुआ। इसमें शहर से सटी 11 ग्राम पंचायतों को शामिल कर लिया गया। ऐसे में नगर पालिका का क्षेत्र काफी बढ़ गया और वहां सफाई, पेयजल आदि की व्यवस्था भी पालिका की सुपुर्दगी में आ गई। खेदजनक पहलू यह है कि बिजली की आपूर्ति अभी भी वहां देहात के रोस्टर के हिसाब से मिल रही है।
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शहर में शामिल होने वाले इन इलाकों में आज भी पुराने रोस्टर के हिसाब से ही बिजली आ रही है। रोस्टर के हिसाब से देहात के क्षेत्र में 18 घंटे और शहरी क्षेत्र में 24 घंटे बिजली देने का प्राविधान है। एक्सईएन सुभाष चंद्रा का कहना है कि नगर पालिका से अभी तक हमें कोई पत्र नहीं दिया गया है। इस कारण इन क्षेत्रों को शहर के फीडरों से नहीं जोड़ा जा सका है। पत्र आने के बाद इन इलाकों को शहर के फीडरों से जोड़ दिया जाएगा। उन्हें बेहतर आपूर्ति प्रदान की जाएगी। संवाद
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