{"_id":"615de8028ebc3e4af164a89e","slug":"hathras-district-legal-authority-gives-free-legal-aid-to-the-underprivileged-victims-sasni-news-ali2750798113","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : जिला विधिक प्राधिकरण वंचितों, पीड़ितों को देता है निशुल्क कानूनी सहायता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : जिला विधिक प्राधिकरण वंचितों, पीड़ितों को देता है निशुल्क कानूनी सहायता
विज्ञापन
विधिक साक्षरता समिति के शिविर में प्रतिभाग करते लोग।
- फोटो : SASNI
संवाद न्यूज एजेंसी, सासनी।
ग्राम पंचायत विजाहरी के नया बिजलीघर क्षेत्र में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के दौरान जनपद न्यायाधीश मृदुला कुमार के निर्देशन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चेतना सिंह ने तहसील सासनी में विधिक सेवा समिति के बैनर तले लोगों को प्राधिकरण के उद्देश्यों के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तहसील विधिक सेवा समिति से संपर्क कर समस्या का निदान सुगमता से कराया जा सकता है। विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि महिलाएं, बच्चे, मानसिक रोगी, दिव्यांग, अनैतिक अत्याचार के शिकार व ऐसे लोग जिनसे बेगार ली जाती है उन सभी को विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तहसील विधिक सेवा समिति के माध्यम से निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है।
कारागार, किशोर, औद्योगिक श्रमिक एवं ऐसे सभी व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है, वे सभी निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस मौके पर लोगों को विधिक सेवा मोबाइल एप ई-कोट मोबाइल एप के बारे में भी जानकरी दी। इस मौके पर विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तहसील विधिक सेवा समिति ने लोगों में पंफलेट का भी वितरण किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
ग्राम पंचायत विजाहरी के नया बिजलीघर क्षेत्र में आजादी का अमृत महोत्सव कार्यक्रम के दौरान जनपद न्यायाधीश मृदुला कुमार के निर्देशन में सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चेतना सिंह ने तहसील सासनी में विधिक सेवा समिति के बैनर तले लोगों को प्राधिकरण के उद्देश्यों के बारे में बताया।
उन्होंने कहा कि किसी भी समस्या के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तहसील विधिक सेवा समिति से संपर्क कर समस्या का निदान सुगमता से कराया जा सकता है। विधिक सेवा प्राधिकरण के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि महिलाएं, बच्चे, मानसिक रोगी, दिव्यांग, अनैतिक अत्याचार के शिकार व ऐसे लोग जिनसे बेगार ली जाती है उन सभी को विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तहसील विधिक सेवा समिति के माध्यम से निशुल्क कानूनी सहायता प्रदान की जाती है।
विज्ञापन
कारागार, किशोर, औद्योगिक श्रमिक एवं ऐसे सभी व्यक्ति जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से कम है, वे सभी निशुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकते हैं। इस मौके पर लोगों को विधिक सेवा मोबाइल एप ई-कोट मोबाइल एप के बारे में भी जानकरी दी। इस मौके पर विधिक सेवा प्राधिकरण एवं तहसील विधिक सेवा समिति ने लोगों में पंफलेट का भी वितरण किया।
विज्ञापन