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हाथरस : देवोत्थान एकादशी : शुरू हुईं शादियां, गूंज उठी शहनाई
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हाथरस : बरात में बजाने के लिए बैंड लेकर जाते कर्मचारी। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लंबे इंतजार के बाद रविवार को देवोत्थान एकादशी के साथ शहर में शादियों की धूम शुरू हो गई। बैंड, बाजा और बरात की धूम से शहर और आसपास का माहौल जश्न में सराबोर दिखा। बड़ी संख्या में नवयुगल दांपत्य सूत्र में बंधे। दुल्हन की तरह सजे विवाह स्थल और सड़कों पर बरात की चढ़त में नाचते-गाते लोग सहालगों की शुरुआत की गवाही दे रहे थे। सड़कों पर पटाखों की आवाज और आसमान में रंगीन आतिशबाजी का नजारा दिखाई दे रहा था। बाजारों में भीड़ दिखाई दी थी। करीब एक माह तक यह सिलसिला जारी रहेगा। कुछ मुहूर्तों में तो शादियों का जबर्दस्त जोर रहेगा।
देवों के शयन के साथ पिछले चार महीनों से मांगलिक कार्यों पर विराम लगा हुआ था। रविवार को देव प्रबोधिनी एकादशी से सहालगों का आगाज हो गया। देवोत्थान पर सूझे और अनसूझे मुहूर्त होने के कारण बड़ी संख्या में शादियां हुईं। जिले भर में सौ से अधिक नवयुगलों ने सात फेरे लिए। शाम होते ही बैंड बाजों की आवाज जगह-जगह सुनाई देने लगी। घोड़ी पर सजे दूल्हे और नाचते-झूमते बराती कई जगहों पर दिखाई दिए।
जमकर आतिशबाजी भी हुई। शहर व आसपास के सभी गेस्ट हाउस, लॉज, मैरिज होम, फार्म हाउस सजे हुए थे। शादियों के धूम-धड़ाके के बीच शहरवासियों ने जाम की समस्या भी झेली। अधिक विवाह होने के कारण कई वैवाहिक कार्यक्रम स्कूल तथा मंदिरों में हुए। उम्मीद है कि ऐसी ही स्थिति आने वाले एक महीने तक रहेगी। आने वाले एक महीने में सात दिन विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं। इनमें अधिक शादियां होंगी। 13 दिसंबर के बाद अगले वर्ष में ही सहालग शुरू होंगे। संवाद
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लंबे इंतजार के बाद रविवार को देवोत्थान एकादशी के साथ शहर में शादियों की धूम शुरू हो गई। बैंड, बाजा और बरात की धूम से शहर और आसपास का माहौल जश्न में सराबोर दिखा। बड़ी संख्या में नवयुगल दांपत्य सूत्र में बंधे। दुल्हन की तरह सजे विवाह स्थल और सड़कों पर बरात की चढ़त में नाचते-गाते लोग सहालगों की शुरुआत की गवाही दे रहे थे। सड़कों पर पटाखों की आवाज और आसमान में रंगीन आतिशबाजी का नजारा दिखाई दे रहा था। बाजारों में भीड़ दिखाई दी थी। करीब एक माह तक यह सिलसिला जारी रहेगा। कुछ मुहूर्तों में तो शादियों का जबर्दस्त जोर रहेगा।
देवों के शयन के साथ पिछले चार महीनों से मांगलिक कार्यों पर विराम लगा हुआ था। रविवार को देव प्रबोधिनी एकादशी से सहालगों का आगाज हो गया। देवोत्थान पर सूझे और अनसूझे मुहूर्त होने के कारण बड़ी संख्या में शादियां हुईं। जिले भर में सौ से अधिक नवयुगलों ने सात फेरे लिए। शाम होते ही बैंड बाजों की आवाज जगह-जगह सुनाई देने लगी। घोड़ी पर सजे दूल्हे और नाचते-झूमते बराती कई जगहों पर दिखाई दिए।
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जमकर आतिशबाजी भी हुई। शहर व आसपास के सभी गेस्ट हाउस, लॉज, मैरिज होम, फार्म हाउस सजे हुए थे। शादियों के धूम-धड़ाके के बीच शहरवासियों ने जाम की समस्या भी झेली। अधिक विवाह होने के कारण कई वैवाहिक कार्यक्रम स्कूल तथा मंदिरों में हुए। उम्मीद है कि ऐसी ही स्थिति आने वाले एक महीने तक रहेगी। आने वाले एक महीने में सात दिन विवाह के लिए शुभ मुहूर्त हैं। इनमें अधिक शादियां होंगी। 13 दिसंबर के बाद अगले वर्ष में ही सहालग शुरू होंगे। संवाद
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