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हाथरस: बेटियां किसी भी मायने में बेटों से कम नहीं

Tue, 25 Aug 2020 11:18 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 25 Aug 2020 11:18 PM IST
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Hathras: Daughters are not inferior to sons in any sense
हाथरस: विधिक साक्षरता व जागरूकता शिविर में मौजूद न्यायिक अधिकारी व अन्य। - फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
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आगरा रोड स्थित राधाकृष्ण कृपा भवन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में महिलाओं को विधिक अधिकारों की जानकारी देने के लिए विधिक साक्षरता शिविर का आयोजन किया गया। अध्यक्षता सुशील कुमार सिंह सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) व प्रभारी सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण हाथरस ने की। महिलाओं को उनके अधिकारों के संबंध में जानकारी दी गई।
सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग) सुशील कुमार सिंह ने कहा कि बेटियां किसी मायने में बेटों से कम नहीं हैं। आज बेटियां उच्च पदों पर आसीन हैं। उन्होंने कहा कि हमें संकल्प लेना होगा कि हम अपनी बेटियों को पढ़ाएंगे और और कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए आवाज उठाएंगे। जीशान मेहंदी अपर सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) ने भरण-पोषण अधिनियम, विवाह अधिनियम एवं महिलाओं की संपत्ति में अधिकार के संबंध में जानकारी देते हुए कहा कि महिलाएं अपने पति से अपने गुजारा भत्ता के लिए भरण-पोषण अधिनियम धारा 125 के तहत पाने की अधिकारी हैं।
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भावना शर्मा अपर सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) ने कन्या भ्रूण हत्या के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि यह एक कानूनी अपराध है, जिसके लिए सजा का प्राविधान है। इसे रोकने के लिए हम सभी को आगे आना होगा। नेगी चौधरी अपर सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) ने पॉक्सो एक्ट के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष कानून सरकार ने साल 2012 में बनाया था। इसके जरिये नाबालिग बच्चों के साथ होने वाले यौन अपराध और छेड़छाड़ के मामले में कार्रवाई की जाती है। यह एक्ट बच्चों के सेक्सुअल हैरेसमेंट, सेक्सुअल असॉल्ट और पोर्नोग्राफी जैसे गंभीर अपराधों से सुरक्षा प्रदान करता है।
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वर्ष 2012 में बनाए गए इस कानून के तहत अलग-अलग अपराध के लिए अलग-अलग सजा तय की गई है। यदि अभियुुक्त एक किशोर (टीनएज) है तो उस पर किशोर न्यायालय अधिनियम में केस चलाया जाएगा। गौरवदीप सिंह अपर सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) हाथरस, अम्रतांशु राज अपर सिविल जज (कनिष्ठ प्रभाग) ने भी शिविर में अहम जानकारियां दी। इस मौके पर हरीश कुमार शर्मा, बीना गुप्ता, मधुवाला विमल, कृष्णा गुप्ता, रुचि गुप्ता, दीक्षा वार्ष्णेय, अंजू उपाध्याय, कंचन वार्ष्णेय, निर्मला, मुन्नी देवी आदि मौजूद थीं। संचालन वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश कुमार शर्मा एडवोकेट ने किया।
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