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हाथरस: सुबह जरूरी सामान खरीदने को उमड़ी भीड़, उसके बाद छाया सन्नाटा
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हाथरस: एक आटे की दुकान पर गोला बनाकर आटा बांटता दुकानदार।
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
लॉकडाउन बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी शहर में खासा प्रभावी रहा। सुबह सात बजे से ही जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने दूध, सब्जी, आटा, दाल, चावल व अन्य रोजमर्रा की चीजें खरीदीं। पुलिस फोर्स भी तैनात रही। दोपहर 11 बजे तक भीड़ बाजारों से छंट गई। उसके बाद पुलिस ने काफी दुकानों को जबरिया बंद कराया तो काफी लोगों को डंडे के जोर पर घरों को भेजा। ऐसे में रात तक बाजारों में सन्नाटा छाया रहा और लोग घरों में ही कैद रहे। पुलिस की गाड़ियां जरूर सड़कों पर दौड़ती रही।
कोरोना वायरस से निपटन के लिए दूसरे दिन भी लाखों लोग घरों में कैद रहे। बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से दोपहर 11 बजे तक जरूरी सामान की दुकानें खुली। मेडिकल स्टोर आदि की दुकानें जरूर पूरे दिन खुली रही। सुबह जब सब्जी, दूध, जनरल स्टोर की दुकानें खुली तो भीड़ बाजारों में उमड़ पड़ी।
हालांकि सामान खरीदते समय लोगों ने यह नहीं देखा कि वह एक दूसरे से निर्धारित दूरी पर खड़े हैं या नहीं। सामान खरीदने के बाद लोग अपने घरों में जाकर फिर कैद हो गए और इसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने अनावश्यक रूप से दोपहर 11 बजे के बाद खुल रही दुकानों को जबरिया बंद कराया तो सड़कों पर घूम रहे लोगों को हड़काकर उनके घरों में पहुंचाया। दोपहर बाद पूरे बाजार व सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और चाय-गुटका तक की दुकानें नहीं खुली।
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लॉकडाउन बृहस्पतिवार को दूसरे दिन भी शहर में खासा प्रभावी रहा। सुबह सात बजे से ही जरूरी सामान खरीदने के लिए बाजार में लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोगों ने दूध, सब्जी, आटा, दाल, चावल व अन्य रोजमर्रा की चीजें खरीदीं। पुलिस फोर्स भी तैनात रही। दोपहर 11 बजे तक भीड़ बाजारों से छंट गई। उसके बाद पुलिस ने काफी दुकानों को जबरिया बंद कराया तो काफी लोगों को डंडे के जोर पर घरों को भेजा। ऐसे में रात तक बाजारों में सन्नाटा छाया रहा और लोग घरों में ही कैद रहे। पुलिस की गाड़ियां जरूर सड़कों पर दौड़ती रही।
कोरोना वायरस से निपटन के लिए दूसरे दिन भी लाखों लोग घरों में कैद रहे। बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से दोपहर 11 बजे तक जरूरी सामान की दुकानें खुली। मेडिकल स्टोर आदि की दुकानें जरूर पूरे दिन खुली रही। सुबह जब सब्जी, दूध, जनरल स्टोर की दुकानें खुली तो भीड़ बाजारों में उमड़ पड़ी।
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हालांकि सामान खरीदते समय लोगों ने यह नहीं देखा कि वह एक दूसरे से निर्धारित दूरी पर खड़े हैं या नहीं। सामान खरीदने के बाद लोग अपने घरों में जाकर फिर कैद हो गए और इसके बाद पुलिस सक्रिय हो गई। पुलिस ने अनावश्यक रूप से दोपहर 11 बजे के बाद खुल रही दुकानों को जबरिया बंद कराया तो सड़कों पर घूम रहे लोगों को हड़काकर उनके घरों में पहुंचाया। दोपहर बाद पूरे बाजार व सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा और चाय-गुटका तक की दुकानें नहीं खुली।
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