फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Hathras: Court sentenced the rapist to life imprisonment and fine

हाथरस : दुष्कर्मी को न्यायालय ने सुनाई उम्रकैद व अर्थदंड की सजा

Sat, 30 Oct 2021 11:36 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Sat, 30 Oct 2021 11:36 PM IST
विज्ञापन
Hathras: Court sentenced the rapist to life imprisonment and fine
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
विज्ञापन

विशेष न्याधीश (पॉक्सो अधिनियम) ने एक किशोरी के साथ दुष्कर्म करने वाले को आजीवन कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न देने पर उसे अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। इस मामले में न्यायालय ने एक आरोपी को साक्ष्यों के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना चंदपा क्षेत्र के एक गांव में 19 अप्रैल 2017 को जब 14 वर्ष की एक किशोरी रात्रि साढ़े आठ बजे घर से बाहर पेशाब के लिए गई तो वहां पहले से ही घात लगाकर बैठे प्रमोद पुत्र मान सिंह व एक अन्य ने इस किशोरी को पकड़ लिया और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया। उसे आगे बुर्जी के पास ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया। किशोरी की चीख सुनकर पर जब परिजन वहां पहुंचे तो आरोपी वहां से भाग गए। इस मामले की सूचना 100 नंबर पर भी दी गई, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
विज्ञापन

आरोप है कि बाद में थाने से भी पीड़िता की मां को कोरे कागज पर हस्ताक्षर करा भगा दिया गया। दो दिन बाद इस मामले में थाना चंदपा में मुकदमा दर्ज हुआ। पीड़िता का चिकित्सकीय परीक्षण कराया गया। विवेचना के बाद विवेचनाधिकारी ने प्रमोद पुत्र मान सिंह व योगेंद्र पुत्र केशरी के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) प्रथम हाथरस प्रतिभा सक्सेना के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने आरोपी प्रमोद को दोषी माना है, जबकि साक्ष्यों के अभाव में योगेंद्र को दोषमुक्त किया गया है।
विज्ञापन
विज्ञापन

न्यायालय ने प्रमोद को धारा 376 सपठित धारा 4 पॉक्सो अधिनियम के तहत सश्रम आजीवान कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। अर्थदंड न देने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना होगा। उसे धारा 506 में दो साल के कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। इसमें अर्थदंड न देने पर उसे 15 दिन का कारावास भोगना होगा। सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि प्रमोद पर अधिरोपित अर्थदंड पीड़िता की पहचान कर उसे दिया जाए। कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा है कि राज्य सरकार से अपेक्षा की जाती है कि वह दुष्कर्म की पीड़िता को पीड़ित प्रतिकर योजना के तहत मुआवजा प्रदान करना सुनिश्चित करे। अभियोजन पक्ष की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता राजपाल सिंह दिसवार ने पैरवी की। संवाद

उदारता बरती गई तो बालिकाओं का घर से निकलना दूभर हो जाएगा
हाथरस। दुष्कर्म के दोषी प्रमोद को सजा सुनाते हुए विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो अधिनियम) प्रतिभा सक्सेना ने कहा है कि अभियुक्त द्वारा कारित अपराध समाज विरोधी कृत्य है। यदि समाज में अव्यस्क बालिकाओं के साथ यौन शोषण करने वाले अपराधियों उदारता का दृष्टिकोण अपनाया गया तो इससे समाज में अराजकता और असुरक्षा की भावना पैदा होगी। अवयस्क बालिकाओं का घर से निकलना दूभर हो जाएगा। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed