{"_id":"62e97120e5417b603134bee8","slug":"hathras-complaint-to-the-officials-about-the-plight-of-the-cow-in-the-cowshed-shaphu-news-ali2973779104","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : गोशाला में गोवंश की दुर्दशा की अधिकारियों से की शिकायत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : गोशाला में गोवंश की दुर्दशा की अधिकारियों से की शिकायत
विज्ञापन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सहपऊ (हाथरस)
क्षेत्र के गांव उधैना नगरिया में बनी गोशाला में गोवंश की दुर्दशा हो रही है। गोशाला में लगभग 1200 गोवंश हैं। उनकी देखभाल मात्र सात कर्मचारी कर रहे हैं। सोमवार की शाम छह बजे गोरक्षक सुनील भारद्वाज गोशाला में पहुंचे। उन्होंने मौजूद कर्मचारी से जब उन्होंने वार्ता की तो उसने बताया कि इस गोशाला में 1000 गोवंश हैं। इनकी देखभाल वह अकेले ही करते हैं। सुनील ने देखा कि गोशाला परिसर में चार-पांच गोवंश के शव पड़े थे और उनको आवारा कुत्ते आपस में खींच रहे थे।
गोरक्षक ने इसकी सूचना फोन पर अन्य गोरक्षकों को दी। जतिन पाराशर और अन्य गोरक्षक रात को ही गोशाला पहुंच गए और गोशाला में गायों की दुर्दशा के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया। उपजिलाधिकारी सादाबाद, स्थानीय पुलिस और पीआरवी पुलिस की टीम गोशाला पहुंच गई और मृत गोवंश के शवों को जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर दफन करा दिया।
मंगलवार की सुबह सीडीओ के साथ विकास खंड के अन्य अधिकारियों ने गोशाला पहुंच गए एवं वहां की गायों की दशा को देखा। पशुधन अधिकारी ने वहां पहुंचकर बीमार गोवंश के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें इंजेक्शन लगाने के साथ दवाएं भी दीं। गोरक्षक सुनील भारद्वाज का कहना है कि डीएम ने उनको बुधवार को गोशाला में गायों की दुर्दशा के बारे जानकारी लेने के लिए बुलाया है। ग्राम प्रधान श्यामवीर सिंह का कहना है कि दो बूढ़ी एवं कमजोर गायें साड़ के हमले से बचने के लिए दलदल में फंस गई थीं। वहां उनकी मौत हो गई। उनको जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर दफन करा दिया गया है। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
क्षेत्र के गांव उधैना नगरिया में बनी गोशाला में गोवंश की दुर्दशा हो रही है। गोशाला में लगभग 1200 गोवंश हैं। उनकी देखभाल मात्र सात कर्मचारी कर रहे हैं। सोमवार की शाम छह बजे गोरक्षक सुनील भारद्वाज गोशाला में पहुंचे। उन्होंने मौजूद कर्मचारी से जब उन्होंने वार्ता की तो उसने बताया कि इस गोशाला में 1000 गोवंश हैं। इनकी देखभाल वह अकेले ही करते हैं। सुनील ने देखा कि गोशाला परिसर में चार-पांच गोवंश के शव पड़े थे और उनको आवारा कुत्ते आपस में खींच रहे थे।
गोरक्षक ने इसकी सूचना फोन पर अन्य गोरक्षकों को दी। जतिन पाराशर और अन्य गोरक्षक रात को ही गोशाला पहुंच गए और गोशाला में गायों की दुर्दशा के बारे में अधिकारियों को अवगत कराया। उपजिलाधिकारी सादाबाद, स्थानीय पुलिस और पीआरवी पुलिस की टीम गोशाला पहुंच गई और मृत गोवंश के शवों को जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर दफन करा दिया।
विज्ञापन
मंगलवार की सुबह सीडीओ के साथ विकास खंड के अन्य अधिकारियों ने गोशाला पहुंच गए एवं वहां की गायों की दशा को देखा। पशुधन अधिकारी ने वहां पहुंचकर बीमार गोवंश के स्वास्थ्य की जांच की और उन्हें इंजेक्शन लगाने के साथ दवाएं भी दीं। गोरक्षक सुनील भारद्वाज का कहना है कि डीएम ने उनको बुधवार को गोशाला में गायों की दुर्दशा के बारे जानकारी लेने के लिए बुलाया है। ग्राम प्रधान श्यामवीर सिंह का कहना है कि दो बूढ़ी एवं कमजोर गायें साड़ के हमले से बचने के लिए दलदल में फंस गई थीं। वहां उनकी मौत हो गई। उनको जेसीबी से गड्ढा खोदवाकर दफन करा दिया गया है। संवाद
विज्ञापन