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हाथरस : करंट से होने वाली जनहानि पर जल्द मिलेगा मुआवजा
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बिजली विभाग के कर्मचारी की लापरवाही से बाहरीव्यक्ति या मवेशी की मौत पर अब पीड़ित को जल्द मुआवजा मिलेगा। निगम स्तर से मुआवजे की प्रक्रिया को पूरा करने की समय अवधि में बदलाव किया गया है। 45 दिन की बजय तीस दिन में पीड़ित को राशि मिलेगी। साथ ही लापरवाह कर्मी के वेतन से कटौती भी होगी। मृतक की गणना नई व्यवस्था में मृतक की उम्र व उसके परिवार के आधार पर मुआवजा राशि तय की जाएगी।
निगम स्तर से लागू की गई नई व्यवस्था में विभागीय लापरवाही से किसी व्यक्ति को करंट लगने से गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया जाता है और उपचार के दौरान उसकी मौत हो जाती है तो मृतक के परिजनों को पांच लाख 25 हजार रुपये का मुआवजा मिलेगा।
इसमें 20 हजार रुपये मेडिकल व पांच हजार रुपये अंतिम संस्कार के शामिल हैं। यदि 14 साल तक के बच्चे की करंट लगने से घटना स्थल पर मौत हो जाती है तो उसके परिजनों को सात लाख 65 हजार तक का मुआवजा मिलेगा। ऐसे मामले में मृतक आश्रित के माता-पिता को देखते हुए मुआवजा तय किया जाएगा।
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लापरवाह कर्मी के वेतन से होगी कटौती
हाथरस। जिस कर्मचारी की लापरवाही से करंट से जनहानि होगी, उसके वेतन से मुआवजे की क्षतिपूर्ति होगी। किस हादसे के कौन कर्मी जिम्मेदार होंगे, यह भी तय कर दिया गया है। 11 केवीए की लाइन और ट्रांसफार्मर से घटना पर लाइनमैन, जेई, 33 केवीए की लाइन से सबस्टेशन ऑपरेटर, जेई, एसडीओ की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इसके अलावा मवेशी की मौत पर मुआवजे की राशि भी बढ़ा दी गई है। पहले गाय भैंस की मौत पर 16 हजार चार सौ रुपये मिलते थे। अब इसे 30 हजार रुपये कर दिया गया है। भेड़ और बकरी पर पहले 1,650 रुपये थे। अब इसे तीन हजार रुपये कर दिया गया है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पहले मुआवजे की प्रक्रिया 45 दिन की थी। अब इसे 30 दिन कर दिया गया है। हालांकि मवेशी की मौत पर मुआवजा राशि यथावत है। संवाद
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बिजली विभाग के कर्मचारी की लापरवाही से बाहरीव्यक्ति या मवेशी की मौत पर अब पीड़ित को जल्द मुआवजा मिलेगा। निगम स्तर से मुआवजे की प्रक्रिया को पूरा करने की समय अवधि में बदलाव किया गया है। 45 दिन की बजय तीस दिन में पीड़ित को राशि मिलेगी। साथ ही लापरवाह कर्मी के वेतन से कटौती भी होगी। मृतक की गणना नई व्यवस्था में मृतक की उम्र व उसके परिवार के आधार पर मुआवजा राशि तय की जाएगी।
निगम स्तर से लागू की गई नई व्यवस्था में विभागीय लापरवाही से किसी व्यक्ति को करंट लगने से गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया जाता है और उपचार के दौरान उसकी मौत हो जाती है तो मृतक के परिजनों को पांच लाख 25 हजार रुपये का मुआवजा मिलेगा।
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इसमें 20 हजार रुपये मेडिकल व पांच हजार रुपये अंतिम संस्कार के शामिल हैं। यदि 14 साल तक के बच्चे की करंट लगने से घटना स्थल पर मौत हो जाती है तो उसके परिजनों को सात लाख 65 हजार तक का मुआवजा मिलेगा। ऐसे मामले में मृतक आश्रित के माता-पिता को देखते हुए मुआवजा तय किया जाएगा।
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लापरवाह कर्मी के वेतन से होगी कटौती
हाथरस। जिस कर्मचारी की लापरवाही से करंट से जनहानि होगी, उसके वेतन से मुआवजे की क्षतिपूर्ति होगी। किस हादसे के कौन कर्मी जिम्मेदार होंगे, यह भी तय कर दिया गया है। 11 केवीए की लाइन और ट्रांसफार्मर से घटना पर लाइनमैन, जेई, 33 केवीए की लाइन से सबस्टेशन ऑपरेटर, जेई, एसडीओ की जिम्मेदारी भी तय कर दी गई है। इससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी। इसके अलावा मवेशी की मौत पर मुआवजे की राशि भी बढ़ा दी गई है। पहले गाय भैंस की मौत पर 16 हजार चार सौ रुपये मिलते थे। अब इसे 30 हजार रुपये कर दिया गया है। भेड़ और बकरी पर पहले 1,650 रुपये थे। अब इसे तीन हजार रुपये कर दिया गया है। इस संबंध में विभागीय अधिकारियों का कहना है कि पहले मुआवजे की प्रक्रिया 45 दिन की थी। अब इसे 30 दिन कर दिया गया है। हालांकि मवेशी की मौत पर मुआवजा राशि यथावत है। संवाद