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हाथरस : रेहड़ी, खोमचा, हथठेला वालों का डेटा दो दिन में करें एकत्रित
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
कोरोना काल में कामकाज ठप होने से आर्थिक मंदी झेल रहे जिले के रेहड़ी-पटरी, हथठेला, खोमचा आदि लगाने वालों का सर्वे कर डाटा तैयार किया जा रहा है। डीपीआरओ बनवारी सिंह ने सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को दो दिन में सत्यापित डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि पोर्टल पर डाटा को अपलोड कर इन्हें शासन को भेजा जाना है। शासन स्तर से इन्हें आर्थिक मदद दी जाएगी।
बता दें कि कोरोना काल में सरकार ने रेहड़ी-पटरी, खोमचा, हथठेला लगाने वालों को एक-एक हजार रुपये प्रतिमाह मदद देने की घोषणा की है। इस निर्देश के क्रम में यहां जिला प्रशासन की ओर से भी नगर निकायों व ग्रामीण क्षेत्रों से डाटा को एकत्रित किया जा रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से सत्यापित डाटा मांगा गया है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न टीमों के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है। डीपीआरओ का कहना है कि सर्वे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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कोरोना काल में कामकाज ठप होने से आर्थिक मंदी झेल रहे जिले के रेहड़ी-पटरी, हथठेला, खोमचा आदि लगाने वालों का सर्वे कर डाटा तैयार किया जा रहा है। डीपीआरओ बनवारी सिंह ने सभी ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों को दो दिन में सत्यापित डाटा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। उनका कहना है कि पोर्टल पर डाटा को अपलोड कर इन्हें शासन को भेजा जाना है। शासन स्तर से इन्हें आर्थिक मदद दी जाएगी।
बता दें कि कोरोना काल में सरकार ने रेहड़ी-पटरी, खोमचा, हथठेला लगाने वालों को एक-एक हजार रुपये प्रतिमाह मदद देने की घोषणा की है। इस निर्देश के क्रम में यहां जिला प्रशासन की ओर से भी नगर निकायों व ग्रामीण क्षेत्रों से डाटा को एकत्रित किया जा रहा है।
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ग्रामीण क्षेत्रों में ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों के माध्यम से सत्यापित डाटा मांगा गया है। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न टीमों के माध्यम से सर्वे कराया जा रहा है। डीपीआरओ का कहना है कि सर्वे में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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