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हाथरस : बच्चे करते रहे इंतजार, 09.33 बजे खुला विद्यालय का ताला
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सड़क पर खड़े होकर विद्यालय खुलने का इंतजार करते बच्चे।
- फोटो : HASAYAN
संवाद न्यूज एजेंसी, हसायन।
शासन के आदेश के बाद भी परिषदीय विद्यालयों में व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो रही है। शिक्षक से लेकर प्रधानाध्यापक तक स्कूलों में समय से नहीं पहुंच रहे हैं। सोमवार को मोहल्ला किशन स्थित बांण अब्दुलहईपुर मार्ग पर स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। बच्चे व दो शिक्षिकाएं समय से स्कूल पहुंच गई थी लेकिन, विद्यालय में ताला लटका हुआ था। 09.33 बजे प्रधानाध्यापक चंद्रकेश चाभी लेकर पहुंचे तब बच्चे व शिक्षक अंदर गए।
शासन के निर्देशानुसार नौ बजे से विद्यालय खोलना है। लेकिन, सोमवार को साढ़े नौ बजे तक विद्यालय नहीं खुला था। छात्र-छात्राएं व दो शिक्षिका बाहर खड़ी थीं। पूछने पर शिक्षिका कहने लगी कि हो सकता है रास्ते में वाहन खराब हो गई है इसलिए आने में देरी हो गई हो।
नौ बजकर 33 मिनट पर प्रधानाध्यापक पुत्र के साथ चाभी लेकर पहुंचे तब छात्र-छात्राओं व शिक्षिकाओं को विद्यालय के अंदर बिठाकर पठन पाठन शुरू किया गया। इस संबंध में प्रधानाध्यापक का कहना है कि विद्यालय की चाभी मेरे पास ही रहती है। सोमवार को घर से निकलते समय पता चला की बाइक की हवा निकल गई थी इसलिए पहुंचने में देरी हो गई।
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शासन के आदेश के बाद भी परिषदीय विद्यालयों में व्यवस्थाएं दुरुस्त नहीं हो रही है। शिक्षक से लेकर प्रधानाध्यापक तक स्कूलों में समय से नहीं पहुंच रहे हैं। सोमवार को मोहल्ला किशन स्थित बांण अब्दुलहईपुर मार्ग पर स्थित प्राथमिक विद्यालय नंबर तीन में भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। बच्चे व दो शिक्षिकाएं समय से स्कूल पहुंच गई थी लेकिन, विद्यालय में ताला लटका हुआ था। 09.33 बजे प्रधानाध्यापक चंद्रकेश चाभी लेकर पहुंचे तब बच्चे व शिक्षक अंदर गए।
शासन के निर्देशानुसार नौ बजे से विद्यालय खोलना है। लेकिन, सोमवार को साढ़े नौ बजे तक विद्यालय नहीं खुला था। छात्र-छात्राएं व दो शिक्षिका बाहर खड़ी थीं। पूछने पर शिक्षिका कहने लगी कि हो सकता है रास्ते में वाहन खराब हो गई है इसलिए आने में देरी हो गई हो।
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नौ बजकर 33 मिनट पर प्रधानाध्यापक पुत्र के साथ चाभी लेकर पहुंचे तब छात्र-छात्राओं व शिक्षिकाओं को विद्यालय के अंदर बिठाकर पठन पाठन शुरू किया गया। इस संबंध में प्रधानाध्यापक का कहना है कि विद्यालय की चाभी मेरे पास ही रहती है। सोमवार को घर से निकलते समय पता चला की बाइक की हवा निकल गई थी इसलिए पहुंचने में देरी हो गई।
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