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हाथरस : सर्वे की आड़ में शोषण कर रहे सीजीएसटी अफसर
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हाथरस : व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष रविकांत गर्ग को ज्ञापन देते व्यापारी।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष को विभिन्न समस्याओं को लेकर पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि वर्तमान में सेंट्रल जीएसटी अधिकारियों द्वारा उद्योगों के सर्वे की आड़ में व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि ई वे बिल की वैधता 100 किलोमीटर की जगह 200 किलोमीटर से व्यापार करने में असमर्थ हैं। व्यापारियों द्वारा समय से रिर्टन दाखिल करने के बावजूद प्रत्येक खरीद-बिक्री का क्रेडिट नहीं मिलता है। सचल दल द्वारा रास्ते में माल रोककर मनमाने तरीके से अर्थदंड वसूला जाता है। इसकी अपील करने की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर होनी चाहिए, जिससे व्यापारियों का शोषण रुक सके।
सीजनल व्यापारी को खाता बैलेंस पेमेंट में 180 दिन की वैद्यता समाप्त की जाए। विशेष परिस्थिति में 180 दिन में बिल का भुगतान नहीं होने पर जीएसटी आईटीसी रिटर्न दाखिल करने का प्राविधान है। इसे रोका जाए। स्थानीय क्षेत्र से बिक्री किए जा रहे रिटेल व्यापारियों के माल को रोककर अर्थदंड वसूल करने की व्यवस्था समाप्त की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष अनुभव अग्रवाल, मोहनलाल सराफ, मदनमोहन अपना वाले आदि व्यापारी शामिल थे।
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उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के बैनर तले व्यापारी कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष को विभिन्न समस्याओं को लेकर पांच सूत्री ज्ञापन सौंपा। व्यापारियों ने कहा कि वर्तमान में सेंट्रल जीएसटी अधिकारियों द्वारा उद्योगों के सर्वे की आड़ में व्यापारियों का शोषण किया जा रहा है।
ज्ञापन में कहा गया है कि ई वे बिल की वैधता 100 किलोमीटर की जगह 200 किलोमीटर से व्यापार करने में असमर्थ हैं। व्यापारियों द्वारा समय से रिर्टन दाखिल करने के बावजूद प्रत्येक खरीद-बिक्री का क्रेडिट नहीं मिलता है। सचल दल द्वारा रास्ते में माल रोककर मनमाने तरीके से अर्थदंड वसूला जाता है। इसकी अपील करने की व्यवस्था स्थानीय स्तर पर होनी चाहिए, जिससे व्यापारियों का शोषण रुक सके।
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सीजनल व्यापारी को खाता बैलेंस पेमेंट में 180 दिन की वैद्यता समाप्त की जाए। विशेष परिस्थिति में 180 दिन में बिल का भुगतान नहीं होने पर जीएसटी आईटीसी रिटर्न दाखिल करने का प्राविधान है। इसे रोका जाए। स्थानीय क्षेत्र से बिक्री किए जा रहे रिटेल व्यापारियों के माल को रोककर अर्थदंड वसूल करने की व्यवस्था समाप्त की जाए। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष अनुभव अग्रवाल, मोहनलाल सराफ, मदनमोहन अपना वाले आदि व्यापारी शामिल थे।
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