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हाथरस: जुलाई के अंत तक जिले में लगेंगे करीब 12 बिजली हजार मीटर
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
जिन उपभोक्ताओं के लिए यहां बिजली का मीटर नहीं है, उनके यहां जुलाई के अंत तक बिजली का मीटर लग जाएगा, क्योंकि निगम के चेयरमैन ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये जल्द से जल्द मीटर का कार्य खत्म करने के निर्देश दिए हैं। अब मीटर रीडरों की मदद से ऐसे घरों की तलाश की जा रही है, जिनके यहां मीटर नहीं है, क्योंकि एजेंसियों ने मीटर लगाने में गड़बड़झाला कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि बिजली निगम के अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि लोग जितनी बिजली खर्च कर रहे हैं, उस हिसाब से राजस्व चाहिए। जिले में वर्ष 2020 जिले में 50 हजार मीटर लगाए जाने थे। लॉकडाउन के कारण जिले में मात्र 38 हजार मीटर ही लगाए गए। बाकी मीटर नहीं लग सके। बीते दिनों निगम के चेयरमैन ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये समीक्षा की। उन्होंने जल्द से जल्द मीटर लगाने के काम को खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
एजेंसियों ने खड़ी की मुश्किल
जिले में मीटर लगाने का काम कर चुकी कई एजेंसियों द्वारा मीटर लगाने में खेल किया गया है। इन एजेंसियों द्वारा मीटर लगाने की बजाय लोगों को बांट दिए गए हैं। इन लोगों ने मीटरों को घरों में रख लिया। बिजली महकमे के रिकार्ड में मीटर है, लेकिन मौके पर मीटर नहीं है। अब ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है। साथ ही मीटर रीडर की मदद से इनको ट्रेस किया जा रहा है, ताकि नया मीटर स्थापित किया जा सके।
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जिन उपभोक्ताओं के लिए यहां बिजली का मीटर नहीं है, उनके यहां जुलाई के अंत तक बिजली का मीटर लग जाएगा, क्योंकि निगम के चेयरमैन ने वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिये जल्द से जल्द मीटर का कार्य खत्म करने के निर्देश दिए हैं। अब मीटर रीडरों की मदद से ऐसे घरों की तलाश की जा रही है, जिनके यहां मीटर नहीं है, क्योंकि एजेंसियों ने मीटर लगाने में गड़बड़झाला कर दिया है।
उल्लेखनीय है कि बिजली निगम के अधिकारियों ने साफ शब्दों में कहा कि लोग जितनी बिजली खर्च कर रहे हैं, उस हिसाब से राजस्व चाहिए। जिले में वर्ष 2020 जिले में 50 हजार मीटर लगाए जाने थे। लॉकडाउन के कारण जिले में मात्र 38 हजार मीटर ही लगाए गए। बाकी मीटर नहीं लग सके। बीते दिनों निगम के चेयरमैन ने वीडियो कांफ्रेंस के जरिये समीक्षा की। उन्होंने जल्द से जल्द मीटर लगाने के काम को खत्म करने के निर्देश दिए हैं।
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एजेंसियों ने खड़ी की मुश्किल
जिले में मीटर लगाने का काम कर चुकी कई एजेंसियों द्वारा मीटर लगाने में खेल किया गया है। इन एजेंसियों द्वारा मीटर लगाने की बजाय लोगों को बांट दिए गए हैं। इन लोगों ने मीटरों को घरों में रख लिया। बिजली महकमे के रिकार्ड में मीटर है, लेकिन मौके पर मीटर नहीं है। अब ऐसे लोगों की सूची तैयार की जा रही है। साथ ही मीटर रीडर की मदद से इनको ट्रेस किया जा रहा है, ताकि नया मीटर स्थापित किया जा सके।
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