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हाथरस : टीका लगवाकर बच्चों में बढ़ रहा कोरोना से लड़ने का हौसला
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हाथरस : सीएमओ कार्यालय पर होता टीकाकरण। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
अब गांव के लोग जागरुक हो गए हैं और वह भी अपने बच्चों को टीके लगवा रहे हैं। कोरोना महामारी के चलते घरों में दुबके किशोर दो साल बाद दोबारा सामान्य गतिविधियों में शामिल होने लगे हैं। कोविड टीकाकरण ने किशोरों को सामान्य गतिविधियों में लौटने से पहले आत्मविश्वास बढ़ाया है। स्वास्थ्य विभाग भी इसे लेकर गंभीर है।
जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा स्कूल कॉलेजों में भी विशेष अभियान के तहत कोरोना की डोज लगाई जा रही है। जिसमें 12 से 14 वर्ष और 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों व किशोरों को फोकस किया जा रहा है। टीका लगने के बाद बच्चों में एक अलग की आत्मविश्वास देखा जा रहा है। उनके अभिभावक भी टीका लगवाए जाने को जागरुक कर रहे हैं। बच्चों में भी इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। संवाद
टीका लगाने से कोरोना वायरस से बचाव के लिए सुरक्षित कवच मिला है। इससे किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है। सब को कोरोना का टीका लगवा लेना चाहिए।
-दीपक कुमार, छात्र।
टीका लगवाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। तभी तो टीका लगने के बाद कोरोना का असर नहीं पड़ता है। हमने तो लगवा लिया है, अब दूसरों की बारी है।
-उत्कृष्ट वार्ष्णेय, छात्र।
कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक ली हैं। मैं खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा हूं। दूसरों को भी इससे डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे कोई नुकसान नहीं है, हमारी सुरक्षा ही है।
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-राकेश कुमार, अभिभावक।
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने के लिए कोरोना रोधी टीका लगना बहुत आवश्यक है। हमारे परिवार में सभी टीका लगवा चुके हैं। अपने बच्चे को भी खुराक लगवा ली है।
-अनिल कुमार, कुशवाहा
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अब गांव के लोग जागरुक हो गए हैं और वह भी अपने बच्चों को टीके लगवा रहे हैं। कोरोना महामारी के चलते घरों में दुबके किशोर दो साल बाद दोबारा सामान्य गतिविधियों में शामिल होने लगे हैं। कोविड टीकाकरण ने किशोरों को सामान्य गतिविधियों में लौटने से पहले आत्मविश्वास बढ़ाया है। स्वास्थ्य विभाग भी इसे लेकर गंभीर है।
जिलेभर के स्वास्थ्य केंद्रों के अलावा स्कूल कॉलेजों में भी विशेष अभियान के तहत कोरोना की डोज लगाई जा रही है। जिसमें 12 से 14 वर्ष और 15 से 17 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों व किशोरों को फोकस किया जा रहा है। टीका लगने के बाद बच्चों में एक अलग की आत्मविश्वास देखा जा रहा है। उनके अभिभावक भी टीका लगवाए जाने को जागरुक कर रहे हैं। बच्चों में भी इसे लेकर खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। संवाद
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टीका लगाने से कोरोना वायरस से बचाव के लिए सुरक्षित कवच मिला है। इससे किसी भी प्रकार का कोई नुकसान नहीं होता है। सब को कोरोना का टीका लगवा लेना चाहिए।
-दीपक कुमार, छात्र।
टीका लगवाने से रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। तभी तो टीका लगने के बाद कोरोना का असर नहीं पड़ता है। हमने तो लगवा लिया है, अब दूसरों की बारी है।
-उत्कृष्ट वार्ष्णेय, छात्र।
कोविड वैक्सीन की दोनों खुराक ली हैं। मैं खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा हूं। दूसरों को भी इससे डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि इससे कोई नुकसान नहीं है, हमारी सुरक्षा ही है।
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-राकेश कुमार, अभिभावक।
कोरोना के खिलाफ लड़ाई में शामिल होने के लिए कोरोना रोधी टीका लगना बहुत आवश्यक है। हमारे परिवार में सभी टीका लगवा चुके हैं। अपने बच्चे को भी खुराक लगवा ली है।
-अनिल कुमार, कुशवाहा