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हाथरस : सीएससी पर निशुल्क बनेंगे आयुष्मान कार्ड
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हाथरस : हसायन ब्लॉक में आयुष्मान योजना के लिए शिविर लगाते सीएससी संचालक।
- फोटो : HATHRAS
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न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
शासन स्तर से आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को राहत दी गई है। अब सरकार ने पात्रता गोल्डन कार्ड को मुफ्त कर दिया है। पूर्व में शासन स्तर से इस पर 30 रुपये का शुल्क लगता था। सरकार के इस फैसले से गरीब परिवारों को काफी राहत मिलेगी। आयुष्मान योजना के लाभार्थी अब तक पात्रता कार्ड के लिए सामान्य सेवा केंद्रों से संपर्क करते थे। ग्रामीण स्तर के ऑपरेटर को 30 रुपये के भुगतान के बाद कार्ड मिलता था। अब नई व्यवस्था के तहत पहली बार कार्ड को मुफ्त कर दिया गया है, लेकिन डुप्लीकेट कार्ड या दोबारा प्रिंट कराने पर 15 रुपये का भुगतान लाभार्थी को करना होगा। ये कार्ड लाभार्थियों को बायोमैट्रिक सत्यापन के बाद दिया जाएगा।
एनएचए और सीएससी में करार
केंद्र सरकार ने ये फैसला एक बड़े समझौते के बाद किया है। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) और आईटी मंत्रालय के तहत आने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के बीच इसे लेकर समझौता हो गया है। इसके बाद नये नियम लागू किए गए हैं। एनएचए इस योजना का प्रबंधन देखती है। सीएससी आयुष्मान कार्ड प्रॉडक्शन का काम संभालती है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य योजना के तहत पीवीसी आयुष्मान कार्ड तैयार करना है। इसके अलावा योजना के तहत सिस्टम को और बेहतर बनाना है।
गांव-गांव शिविर लगा रहे सीएससी संचालक
जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए डीएम के आदेश पर सभी सीएससी संचालक गांव-गांव जाकर शिविर लगा रहे हैं और लाभार्थियों को इस योजना के लाभ बता रहे है। चूंकि इन-दिनों दिन में किसान का वक्त खेतों पर गुजर रहा है, इसलिए सीएससी संचालक रात में भी आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए शिविर लगा रहे है, जिससे कोई भी लाभार्थी इस योजना से वंचित न हों।
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आयुष्मान योजना का लाभ लेने के लिए पीवीसी कार्ड अनिवार्य नहीं होगा। जिन लाभार्थियों के पास पुराने कार्ड होंगे, उसके आधार पर भी योजना का लाभ मिल सकेगा। पीवीसी कार्ड के जरिये स्वास्थ्य अधिकारियों को लाभार्थियों की पहचान करने में आसानी होगी।
-प्रदीप सिंह, जिला प्रबंधक सीएससी
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शासन स्तर से आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को राहत दी गई है। अब सरकार ने पात्रता गोल्डन कार्ड को मुफ्त कर दिया है। पूर्व में शासन स्तर से इस पर 30 रुपये का शुल्क लगता था। सरकार के इस फैसले से गरीब परिवारों को काफी राहत मिलेगी। आयुष्मान योजना के लाभार्थी अब तक पात्रता कार्ड के लिए सामान्य सेवा केंद्रों से संपर्क करते थे। ग्रामीण स्तर के ऑपरेटर को 30 रुपये के भुगतान के बाद कार्ड मिलता था। अब नई व्यवस्था के तहत पहली बार कार्ड को मुफ्त कर दिया गया है, लेकिन डुप्लीकेट कार्ड या दोबारा प्रिंट कराने पर 15 रुपये का भुगतान लाभार्थी को करना होगा। ये कार्ड लाभार्थियों को बायोमैट्रिक सत्यापन के बाद दिया जाएगा।
एनएचए और सीएससी में करार
केंद्र सरकार ने ये फैसला एक बड़े समझौते के बाद किया है। नेशनल हेल्थ अथॉरिटी (एनएचए) और आईटी मंत्रालय के तहत आने वाले कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के बीच इसे लेकर समझौता हो गया है। इसके बाद नये नियम लागू किए गए हैं। एनएचए इस योजना का प्रबंधन देखती है। सीएससी आयुष्मान कार्ड प्रॉडक्शन का काम संभालती है। इस समझौते का मुख्य उद्देश्य योजना के तहत पीवीसी आयुष्मान कार्ड तैयार करना है। इसके अलावा योजना के तहत सिस्टम को और बेहतर बनाना है।
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गांव-गांव शिविर लगा रहे सीएससी संचालक
जिले में आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए डीएम के आदेश पर सभी सीएससी संचालक गांव-गांव जाकर शिविर लगा रहे हैं और लाभार्थियों को इस योजना के लाभ बता रहे है। चूंकि इन-दिनों दिन में किसान का वक्त खेतों पर गुजर रहा है, इसलिए सीएससी संचालक रात में भी आयुष्मान कार्ड बनाने के लिए शिविर लगा रहे है, जिससे कोई भी लाभार्थी इस योजना से वंचित न हों।
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आयुष्मान योजना का लाभ लेने के लिए पीवीसी कार्ड अनिवार्य नहीं होगा। जिन लाभार्थियों के पास पुराने कार्ड होंगे, उसके आधार पर भी योजना का लाभ मिल सकेगा। पीवीसी कार्ड के जरिये स्वास्थ्य अधिकारियों को लाभार्थियों की पहचान करने में आसानी होगी।
-प्रदीप सिंह, जिला प्रबंधक सीएससी