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हाथरस : बिटिया प्रकरण के चारों अभियुक्तों की कोर्ट में हुई पेशी, आरोप तय
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हाथरस कांड : पेशी के उपरांत जनपद न्यायालय से पुलिस अभिरक्षा में बाहर आते चारों अभियुक्त।
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में बृहस्पतिवार को फिर चारों अभियुक्तों की कोर्ट में पेशी हुई। दोनों पक्षों की बहस के बाद विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) ने चारों अभियुक्तों पर आरोप तय किए हैं। सीबीआई के वकील और सीबीआई की जांच अधिकारी डीएसपी सीमा पाहुजा भी कोर्ट में पहुंचीं। आरोप तय होने के बाद फिर कड़ी सुरक्षा में चारों अभियुक्तों को पुलिस अपने साथ अलीगढ़ जेल ले गई। न्यायालय ने अब इस मुकदमे में सुनवाई के लिए दो मार्च की तिथि नियत की है। इस केस की सुनवाई के चलते न्यायालय में भी काफी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही।
उल्लेखनीय है कि जनपद के चंदपा थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 सितंबर को अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ वारदात हुई थी। सामूहिक दुष्कर्म की शिकार इस युवती ने करीब दो सप्ताह बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या करने का आरोप गांव के ही चार युवकों संदीप, रवि, रामू और लवकुश पर लगा था। पुलिस ने इस युवती की मौत से पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
इस घटना के बाद पूरे देश भर में प्रदर्शन हुए थे और विपक्षी दलों ने सरकार की घेराबंदी की थी। यहां भी खासा बवाल हुआ था। इस मामले की जांच सरकार ने सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने 67 दिन की जांच के बाद इन्हीं चारों अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र यहां विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में दाखिल किया था। यह आरोपपत्र धारा 376, 376ए, 376 डी, 302 आईपीसी व 3(2)(5)एससी-एसटी एक्ट में दाखिल किया था। तीन आरोपियों रवि, रामू व लवकुश की जमानत के लिए इस न्यायालय में अर्जी भी दाखिल की गई थी। इसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। अभी संदीप की जमानत के लिए याचिका नहीं दी गई है।
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वहीं पिछली तारीख को इस कोर्ट में अभियुक्तों पर आरोप तय करने (चार्ज लगाने) के लिए बहस हुई थी, लेकिन यह बहस पूरी नहीं हो सकी थी। बृहस्पतिवार को फिर कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस अलीगढ़ जेल से चारों अभियुक्तों को कोर्ट लेकर आई। वहां इनकी पेशी हुई। तदुपरांत वहां इन पर आरोप तय करने के लिए बहस हुई। वादी पक्ष की ओर से सीबीआई के वकील अनुराग मोदी के अलावा भागीरथ सिंह सोलंकी व अभियुक्तों की ओर से हरीश कुमार शर्मा व मुन्ना सिंह पुंढीर ने अपने तर्क रखे।
बहस पूरी होने के बाद न्यायालय ने इन चारों अभियुक्तों पर उन्हीं धाराओं में आरोप तय कर दिए, जिन धाराओं में सीबीआई ने आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच इन चारों को फिर पुलिस कोर्ट से अलीगढ़ जेल ले गई। अब इस मुकदमे में सुनवाई के लिए अगली तिथि दो मार्च नियत की गई है।
बिटिया के भाई और भाभी भी पहुंचे कोर्ट
हाथरस। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बिटिया के भाई और भाभी भी कोर्ट पहुंचे। वह सीआरपीएफ की सुरक्षा में कोर्ट पहुंचे। वहीं आरोपियों के परिजन भी सुबह से ही कोर्ट के बाहर डेरा जमाए हुए थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें अभियुक्तों से नहीं मिलने दिया।
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बहुचर्चित बिटिया प्रकरण में बृहस्पतिवार को फिर चारों अभियुक्तों की कोर्ट में पेशी हुई। दोनों पक्षों की बहस के बाद विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) ने चारों अभियुक्तों पर आरोप तय किए हैं। सीबीआई के वकील और सीबीआई की जांच अधिकारी डीएसपी सीमा पाहुजा भी कोर्ट में पहुंचीं। आरोप तय होने के बाद फिर कड़ी सुरक्षा में चारों अभियुक्तों को पुलिस अपने साथ अलीगढ़ जेल ले गई। न्यायालय ने अब इस मुकदमे में सुनवाई के लिए दो मार्च की तिथि नियत की है। इस केस की सुनवाई के चलते न्यायालय में भी काफी पुलिस बल और पीएसी तैनात रही।
उल्लेखनीय है कि जनपद के चंदपा थाना क्षेत्र के एक गांव में 14 सितंबर को अनुसूचित जाति की एक युवती के साथ वारदात हुई थी। सामूहिक दुष्कर्म की शिकार इस युवती ने करीब दो सप्ताह बाद दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में दम तोड़ दिया था। उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म और उसकी हत्या करने का आरोप गांव के ही चार युवकों संदीप, रवि, रामू और लवकुश पर लगा था। पुलिस ने इस युवती की मौत से पहले ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था।
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इस घटना के बाद पूरे देश भर में प्रदर्शन हुए थे और विपक्षी दलों ने सरकार की घेराबंदी की थी। यहां भी खासा बवाल हुआ था। इस मामले की जांच सरकार ने सीबीआई को सौंपी थी। सीबीआई ने 67 दिन की जांच के बाद इन्हीं चारों अभियुक्तों के खिलाफ आरोपपत्र यहां विशेष न्यायालय (एससी-एसटी एक्ट) में दाखिल किया था। यह आरोपपत्र धारा 376, 376ए, 376 डी, 302 आईपीसी व 3(2)(5)एससी-एसटी एक्ट में दाखिल किया था। तीन आरोपियों रवि, रामू व लवकुश की जमानत के लिए इस न्यायालय में अर्जी भी दाखिल की गई थी। इसे न्यायालय ने खारिज कर दिया था। अभी संदीप की जमानत के लिए याचिका नहीं दी गई है।
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वहीं पिछली तारीख को इस कोर्ट में अभियुक्तों पर आरोप तय करने (चार्ज लगाने) के लिए बहस हुई थी, लेकिन यह बहस पूरी नहीं हो सकी थी। बृहस्पतिवार को फिर कड़ी सुरक्षा के बीच पुलिस अलीगढ़ जेल से चारों अभियुक्तों को कोर्ट लेकर आई। वहां इनकी पेशी हुई। तदुपरांत वहां इन पर आरोप तय करने के लिए बहस हुई। वादी पक्ष की ओर से सीबीआई के वकील अनुराग मोदी के अलावा भागीरथ सिंह सोलंकी व अभियुक्तों की ओर से हरीश कुमार शर्मा व मुन्ना सिंह पुंढीर ने अपने तर्क रखे।
बहस पूरी होने के बाद न्यायालय ने इन चारों अभियुक्तों पर उन्हीं धाराओं में आरोप तय कर दिए, जिन धाराओं में सीबीआई ने आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच इन चारों को फिर पुलिस कोर्ट से अलीगढ़ जेल ले गई। अब इस मुकदमे में सुनवाई के लिए अगली तिथि दो मार्च नियत की गई है।
बिटिया के भाई और भाभी भी पहुंचे कोर्ट
हाथरस। मुकदमे की सुनवाई के दौरान बिटिया के भाई और भाभी भी कोर्ट पहुंचे। वह सीआरपीएफ की सुरक्षा में कोर्ट पहुंचे। वहीं आरोपियों के परिजन भी सुबह से ही कोर्ट के बाहर डेरा जमाए हुए थे, लेकिन पुलिस ने इन्हें अभियुक्तों से नहीं मिलने दिया।