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हाथरस : कलेक्ट्रेट परिसर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने दिया धरना
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एडीएम को ज्ञापन देती आंगनबाड़ी कार्यकर्ता। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। अपनी मांगों को लेकर बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार मंत्री स्वाति सिंह के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए मांगों को पूरा न होने की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
ज्ञापन के जरिए पदाधिकारियों ने कहा कि महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश विभाग को बार-बार पत्र लिखकर आंगनबाड़ी वर्करों से जुड़ी समस्याओं पर एवं मांग पत्र पर वार्ता के लिए बैठक की मांग की है। विभाग द्वारा एक बार भी मिलने का समय नहीं दिया गया और न ही हमारी मांगों पर कोई विचार किया गया।
ज्ञापन के जरिए मांग की है कि हमें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, प्रदेश सरकार अपने घोषणापत्र का पालन कर 15000 रुपये प्रतिमाह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मिनी आंगनबाड़ी को तथा 10 हजार रुपये प्रतिमाह सहायिका का मानदेय प्रदान करें। सभी मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्ण आंगनबाड़ी केंद्र में बदला जाए।
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गर्मी और सर्दी में 15 -15 दिनों का अवकाश दिया जाए, प्री प्राइमरी की ट्रेनिंग लेने वाले वर्कर को प्री प्राइमरी अध्यापक का दर्जा दिया जाए। 3 से 6 साल के बच्चों को स्कूल की तरह किताबें,वर्दी, जूते, स्वेटर दिए जाएं।
पोशाक वितरण में स्वयं सहायता समूह की संबद्धता को समाप्त किया जाए, जिससे कि आए दिन हो रहे मतभेद संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। अन्य मांगें भी की गई हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष मीना कुमारी ,उपाध्यक्ष अंजू जैन, कोषाध्यक्ष रामरति चौहान सहित काफी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
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महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ के बैनर तले विभिन्न मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट परिसर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन कर नारेबाजी की। अपनी मांगों को लेकर बाल विकास सेवा एवं पुष्टाहार मंत्री स्वाति सिंह के नाम एडीएम को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के जरिए मांगों को पूरा न होने की स्थिति में उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।
ज्ञापन के जरिए पदाधिकारियों ने कहा कि महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ उत्तर प्रदेश विभाग को बार-बार पत्र लिखकर आंगनबाड़ी वर्करों से जुड़ी समस्याओं पर एवं मांग पत्र पर वार्ता के लिए बैठक की मांग की है। विभाग द्वारा एक बार भी मिलने का समय नहीं दिया गया और न ही हमारी मांगों पर कोई विचार किया गया।
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ज्ञापन के जरिए मांग की है कि हमें राज्य कर्मचारी का दर्जा दिया जाए, प्रदेश सरकार अपने घोषणापत्र का पालन कर 15000 रुपये प्रतिमाह आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व मिनी आंगनबाड़ी को तथा 10 हजार रुपये प्रतिमाह सहायिका का मानदेय प्रदान करें। सभी मिनी आंगनबाड़ी केंद्रों को पूर्ण आंगनबाड़ी केंद्र में बदला जाए।
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गर्मी और सर्दी में 15 -15 दिनों का अवकाश दिया जाए, प्री प्राइमरी की ट्रेनिंग लेने वाले वर्कर को प्री प्राइमरी अध्यापक का दर्जा दिया जाए। 3 से 6 साल के बच्चों को स्कूल की तरह किताबें,वर्दी, जूते, स्वेटर दिए जाएं।
पोशाक वितरण में स्वयं सहायता समूह की संबद्धता को समाप्त किया जाए, जिससे कि आए दिन हो रहे मतभेद संबंधी समस्याओं से बचा जा सके। अन्य मांगें भी की गई हैं। इस मौके पर जिलाध्यक्ष मीना कुमारी ,उपाध्यक्ष अंजू जैन, कोषाध्यक्ष रामरति चौहान सहित काफी आंगनबाड़ी कार्यकर्ता मौजूद रहीं।