{"_id":"62f16f8ddad3613d55233db7","slug":"hathras-after-the-intervention-of-dios-the-student-s-enrollment-took-place-hathras-news-ali2978100111","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाथरस : डीआईओएस के हस्तक्षेप के बाद हुआ छात्रा का नामांकन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाथरस : डीआईओएस के हस्तक्षेप के बाद हुआ छात्रा का नामांकन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
एक तरफ तो सरकार बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए तरह-तरह अभियान चला रही है, वहीं सासनी के एक कॉलेज के प्रधानाचार्य एक छात्रा की पढ़ाई में रोड़ा बन रहे हैं। उसका 11वीं कृषि में नामांकन यह कह कर नहीं लिया गया कि उनके यहां कृषि में छात्राएं नहीं पढ़ाई जाती हैं। जिस पर डीआईओएस ने प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर इस संबंध में शासनादेश मांगा है। जिसके बाद कॉलेज के प्रधानाचार्य बैकफुट पर आ गए और अब छात्रा का नामांकन कृषि में ले लिया है।
सासनी के गांव बरसै निवासी किसान हरवीर सिंह की बेटी कामना कुशवाहा 10वीं पास करने के बाद आगे की पढ़ाई कृषि विषय से करना चाहती है। इसलिए उसने सासनी स्थित केएल जैन इंटर कॉलेज को 11वीं में एडमिशन के लिए चुना। जुलाई के महीने में जब वह केएल जैन इंटर कॉलेज में प्रवेश लेने पहुंची तो उसे प्रवेश नहीं दिया गया।
जिस पर उसके पिता इस मामले को लेकर जिलाधिकारी और फिर डीआईओएस के पास पहुंचे। 19 जुलाई को डीआईओएस ने छात्रा को कॉलेज में प्रवेश के लिए भेजा तो अभिभावक के प्रार्थना पत्र पर प्रधानाचार्य ने यह लिखकर दे दिया कि उनके यहां कृषि में छात्राएं नहीं पढ़ाई जातीं, इसलिए लिए एडमिशन नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
इससे नाराज डीआईओएस ने छह अगस्त को केएल जैन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को एक पत्र जारी किया, जिसमें डीआईओएस ने कहा कि छात्रा का प्रवेश कृषि विषय कक्षा 11 में किस नियम-शासनादेश के द्वारा नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में शासनादेश उपलब्ध कराएं।
साथ ही डीआईओएस ने कहा कि अगर छात्रा प्रवेश से वंचित रहती है तो इसके लिए संबंधित कॉलेज के प्रधानाचार्य की पूरी जिम्मेदारी होगी। प्रधानाचार्य को जब इस बात की भनक लगी कि उनके द्वारा किए जा रहे इस कार्य से डीआईओएस ने नाराजगी व्यक्त करते हुए पत्र जारी किया है तो उन्होंने छात्रा का आनन-फानन में कृषि विषय में नामांकन ले लिया।
- प्रधानाचार्य द्वारा संबंधित छात्रा का प्रवेश कृषि विषय में ले लिया गया है। इस संबंध में प्रधानाचार्य से जवाब मांगा गया है। - रीतू गोयल, डीआईओएस।
विज्ञापन
एक तरफ तो सरकार बेटियों की पढ़ाई और सुरक्षा के लिए तरह-तरह अभियान चला रही है, वहीं सासनी के एक कॉलेज के प्रधानाचार्य एक छात्रा की पढ़ाई में रोड़ा बन रहे हैं। उसका 11वीं कृषि में नामांकन यह कह कर नहीं लिया गया कि उनके यहां कृषि में छात्राएं नहीं पढ़ाई जाती हैं। जिस पर डीआईओएस ने प्रधानाचार्य को पत्र लिखकर इस संबंध में शासनादेश मांगा है। जिसके बाद कॉलेज के प्रधानाचार्य बैकफुट पर आ गए और अब छात्रा का नामांकन कृषि में ले लिया है।
सासनी के गांव बरसै निवासी किसान हरवीर सिंह की बेटी कामना कुशवाहा 10वीं पास करने के बाद आगे की पढ़ाई कृषि विषय से करना चाहती है। इसलिए उसने सासनी स्थित केएल जैन इंटर कॉलेज को 11वीं में एडमिशन के लिए चुना। जुलाई के महीने में जब वह केएल जैन इंटर कॉलेज में प्रवेश लेने पहुंची तो उसे प्रवेश नहीं दिया गया।
विज्ञापन
जिस पर उसके पिता इस मामले को लेकर जिलाधिकारी और फिर डीआईओएस के पास पहुंचे। 19 जुलाई को डीआईओएस ने छात्रा को कॉलेज में प्रवेश के लिए भेजा तो अभिभावक के प्रार्थना पत्र पर प्रधानाचार्य ने यह लिखकर दे दिया कि उनके यहां कृषि में छात्राएं नहीं पढ़ाई जातीं, इसलिए लिए एडमिशन नहीं किया जा सकता है।
विज्ञापन
इससे नाराज डीआईओएस ने छह अगस्त को केएल जैन इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य को एक पत्र जारी किया, जिसमें डीआईओएस ने कहा कि छात्रा का प्रवेश कृषि विषय कक्षा 11 में किस नियम-शासनादेश के द्वारा नहीं किया जा सकता है। इस संबंध में शासनादेश उपलब्ध कराएं।
साथ ही डीआईओएस ने कहा कि अगर छात्रा प्रवेश से वंचित रहती है तो इसके लिए संबंधित कॉलेज के प्रधानाचार्य की पूरी जिम्मेदारी होगी। प्रधानाचार्य को जब इस बात की भनक लगी कि उनके द्वारा किए जा रहे इस कार्य से डीआईओएस ने नाराजगी व्यक्त करते हुए पत्र जारी किया है तो उन्होंने छात्रा का आनन-फानन में कृषि विषय में नामांकन ले लिया।
- प्रधानाचार्य द्वारा संबंधित छात्रा का प्रवेश कृषि विषय में ले लिया गया है। इस संबंध में प्रधानाचार्य से जवाब मांगा गया है। - रीतू गोयल, डीआईओएस।