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महीनों बाद खुले स्कूल कॉलेज, विद्यार्थी दिखे उत्साहित
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एक स्कूल में पढाई करते हाई स्कूल व नौवी के बच्चे। संवाद
- फोटो : HATHRAS
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
जिस पल का लंबे समय से इंतजार था, वह सोमवार को आ ही गया। कई महीनों के लंबे अंतराल के बाद विद्यालयों का सन्नाटा टूटा और विद्यार्थियों के आने से खिलखिलाहट का दौर फिर से शुरू हो गया। सीबीएसई व माध्यमिक शिक्षा विभाग के नवीं से 12वीं तक के छात्र-छात्रा पहले दिन स्कूल आए तो काफी खुश व एक दूसरे की खैर खबर पूछते नजर आए। यह अलग बात है कि इतने महीनों के बाद स्कूल खुलने से पहले दिन 30 से 35 फीसदी बच्चे ही विद्यालय पहुंचे।
पूछे अनुभव
विद्यार्थी लंबे समय के बाद स्कूल आए, तो कोरोना काल कैसा बीता, उन्होंने क्या-क्या किया, क्या क्या सीखा, खुद को कैसे सुरक्षित रखा आदि सवाल पूछे गए। सभी विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। हालांकि ज्यादातर विद्यार्थी ऑनलाइन संसाधन उपलब्ध न होने के कारण पढ़ाई प्रभावित होने से निराश थे, स्कूल खुलने पर वही सबसे ज्यादा उत्साहित दिखाई दिए।
- हमें तो कॉलेज खुलने का काफी दिनों से इंतजार था। जो पढ़ाई क्लास में बैठकर हो सकती है, वह ऑनलाइन से संभव नहीं है। हमें तो कॉलेज खुलने पर बहुत अच्छा लगा है। कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रोज कॉलेज आएंगे।
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आफरीन, छात्रा
- अब कोरोना से डरते रहे तो पढ़ाई कब करेंगे। अब तो बस सभी नियमों का पालन करते हुए अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना है, क्योंकि कोरोना के कारण पहले से ही हमारी पढ़ाई काफी प्रभावित हो गई है। अब तो रोज क्लास में आएंगे।
मानवी चौधरी, छात्रा
- मैं तो पिछले कई दिनों से आज के दिन का इंतजार कर रहा था, क्योंकि घर में मोबाइल पर पढ़ने में इतना अच्छे से नहीं समझ पाते, जितना क्लास में सर हमें पढ़ाकर समझाते हैं। अब तो रोज की क्लास चलेंगी। यह अच्छा हुआ।
राहुल शर्मा, छात्र
- ऑनलाइन पढ़ना और क्लास में पढ़ना, दोनों में काफी अंतर है। दो साल में हमारी पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। अब कॉलेज खुल गया है तो उस नुकसान की भरपाई के लिए मन लगाकर पढ़ाई करनी है।
राजकुमार, छात्र
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जिस पल का लंबे समय से इंतजार था, वह सोमवार को आ ही गया। कई महीनों के लंबे अंतराल के बाद विद्यालयों का सन्नाटा टूटा और विद्यार्थियों के आने से खिलखिलाहट का दौर फिर से शुरू हो गया। सीबीएसई व माध्यमिक शिक्षा विभाग के नवीं से 12वीं तक के छात्र-छात्रा पहले दिन स्कूल आए तो काफी खुश व एक दूसरे की खैर खबर पूछते नजर आए। यह अलग बात है कि इतने महीनों के बाद स्कूल खुलने से पहले दिन 30 से 35 फीसदी बच्चे ही विद्यालय पहुंचे।
पूछे अनुभव
विद्यार्थी लंबे समय के बाद स्कूल आए, तो कोरोना काल कैसा बीता, उन्होंने क्या-क्या किया, क्या क्या सीखा, खुद को कैसे सुरक्षित रखा आदि सवाल पूछे गए। सभी विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। हालांकि ज्यादातर विद्यार्थी ऑनलाइन संसाधन उपलब्ध न होने के कारण पढ़ाई प्रभावित होने से निराश थे, स्कूल खुलने पर वही सबसे ज्यादा उत्साहित दिखाई दिए।
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- हमें तो कॉलेज खुलने का काफी दिनों से इंतजार था। जो पढ़ाई क्लास में बैठकर हो सकती है, वह ऑनलाइन से संभव नहीं है। हमें तो कॉलेज खुलने पर बहुत अच्छा लगा है। कोरोना के प्रोटोकॉल का पालन करते हुए रोज कॉलेज आएंगे।
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आफरीन, छात्रा
- अब कोरोना से डरते रहे तो पढ़ाई कब करेंगे। अब तो बस सभी नियमों का पालन करते हुए अपनी पढ़ाई पर ध्यान देना है, क्योंकि कोरोना के कारण पहले से ही हमारी पढ़ाई काफी प्रभावित हो गई है। अब तो रोज क्लास में आएंगे।
मानवी चौधरी, छात्रा
- मैं तो पिछले कई दिनों से आज के दिन का इंतजार कर रहा था, क्योंकि घर में मोबाइल पर पढ़ने में इतना अच्छे से नहीं समझ पाते, जितना क्लास में सर हमें पढ़ाकर समझाते हैं। अब तो रोज की क्लास चलेंगी। यह अच्छा हुआ।
राहुल शर्मा, छात्र
- ऑनलाइन पढ़ना और क्लास में पढ़ना, दोनों में काफी अंतर है। दो साल में हमारी पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है। अब कॉलेज खुल गया है तो उस नुकसान की भरपाई के लिए मन लगाकर पढ़ाई करनी है।
राजकुमार, छात्र