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हाथरस : प्रसव के नाम पर मरीज, तीमारदारों को परेशान करने का आरोप
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संवाद न्यूज एजेंसी, हसायन।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर शनिवार को डीपीएम व परिवार नियोजकों द्वारा प्रसूता महिलाओं की प्रसव के नाम पर मरीज और उनके तीमारदारों परेशान करने का मामला सामने आया है। सीएचसी पर शनिवार की दोपहर को डीपीएम बलवीर सिंह व फैमिली प्लानर आशीष शर्मा ने डिलीवरी रूम के परिसर में भर्ती प्रसूताओं से जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी करने पहुंचे।
महिलाओं और उनके परिजनों ने बताया कि डिलीवरी कराए जाने से पूर्व भर्ती किए जाने के दौरान स्टाफ नर्सों द्वारा डिलीवरी के दौरान सादा कागज पर लिखकर मेडिकल स्टोर से दवा मंगाई जाती है। मरीज व उनके तीमारदारों ने बताया कि प्रसव के दौरान बेटी होने पर 500 रुपये और बेटा होने पर 700 से एक हजार रुपये तक की वसूली की जाती है।
किसी भी महिला को फल और भोजन दिए जाने के बजाय गुणवत्ता विहीन चाय और दलिया दिया जाता है। दोनों अधिकारियों ने एमओआईसी को भी इस बारे में अवगत कराया। डीपीएम और फैमिली प्लानर ने इस मामले में वर्षों से तैनात स्टाफ नर्सों द्वारा प्रसव के दौरान अवैध वसूली किए जाने और दवा मंगाए जाने की रिपोर्ट अब उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे।
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सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पर शनिवार को डीपीएम व परिवार नियोजकों द्वारा प्रसूता महिलाओं की प्रसव के नाम पर मरीज और उनके तीमारदारों परेशान करने का मामला सामने आया है। सीएचसी पर शनिवार की दोपहर को डीपीएम बलवीर सिंह व फैमिली प्लानर आशीष शर्मा ने डिलीवरी रूम के परिसर में भर्ती प्रसूताओं से जननी सुरक्षा योजना के तहत मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी करने पहुंचे।
महिलाओं और उनके परिजनों ने बताया कि डिलीवरी कराए जाने से पूर्व भर्ती किए जाने के दौरान स्टाफ नर्सों द्वारा डिलीवरी के दौरान सादा कागज पर लिखकर मेडिकल स्टोर से दवा मंगाई जाती है। मरीज व उनके तीमारदारों ने बताया कि प्रसव के दौरान बेटी होने पर 500 रुपये और बेटा होने पर 700 से एक हजार रुपये तक की वसूली की जाती है।
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किसी भी महिला को फल और भोजन दिए जाने के बजाय गुणवत्ता विहीन चाय और दलिया दिया जाता है। दोनों अधिकारियों ने एमओआईसी को भी इस बारे में अवगत कराया। डीपीएम और फैमिली प्लानर ने इस मामले में वर्षों से तैनात स्टाफ नर्सों द्वारा प्रसव के दौरान अवैध वसूली किए जाने और दवा मंगाए जाने की रिपोर्ट अब उच्चाधिकारियों को सौंपेंगे।
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