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हाथरस : ‘मेरे सामने ही एक नागरिक को रूसी सैनिकों ने गोली मार दी’
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हाथरस : यूक्रेन में फंसा आशीष। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
यूक्रेन के खारकीव में फंसे आशीष की अभी तक स्वदेश वापसी नहीं हुई है। शहर की आवास-विकास कॉलोनी निवासी आशीष ने यूक्रेन का भयावह मंजर बयां किया। वह वहां एक यूनिवर्सिटी में मेडिकल का विद्यार्थी है।
आशीष ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बताया कि उनके सामने ही एक नागरिक को रूसी सैनिकों ने गोली मार दी है। अब यहां सड़कों पर खुलेआम फायरिंग हो रही हैं। अब हम भी दूतावास के किसी जवाब का कोई इंतजार नहीं कर रहे हैं। हम खारकीव से निकल लिए हैं। अब यहां से एक टैक्सी की है। पांच हजार रुपये में टैक्सी हुई है। वह हमें रेलवे प्लेटफॉर्म तक पहुंचाएगी।
यहां से हम लवीब में पहुंचेंगे। इसके बाद पोलैंड सीमा पर पहुंच पाएंगे। यहां से भारत पहुंचने के लिए फ्लाइट देखी जाएगी। उन्होंने कहा कि रूसी सेना में अब काफी गुस्सा है। संवाद
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यूक्रेन के खारकीव में फंसे आशीष की अभी तक स्वदेश वापसी नहीं हुई है। शहर की आवास-विकास कॉलोनी निवासी आशीष ने यूक्रेन का भयावह मंजर बयां किया। वह वहां एक यूनिवर्सिटी में मेडिकल का विद्यार्थी है।
आशीष ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बताया कि उनके सामने ही एक नागरिक को रूसी सैनिकों ने गोली मार दी है। अब यहां सड़कों पर खुलेआम फायरिंग हो रही हैं। अब हम भी दूतावास के किसी जवाब का कोई इंतजार नहीं कर रहे हैं। हम खारकीव से निकल लिए हैं। अब यहां से एक टैक्सी की है। पांच हजार रुपये में टैक्सी हुई है। वह हमें रेलवे प्लेटफॉर्म तक पहुंचाएगी।
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यहां से हम लवीब में पहुंचेंगे। इसके बाद पोलैंड सीमा पर पहुंच पाएंगे। यहां से भारत पहुंचने के लिए फ्लाइट देखी जाएगी। उन्होंने कहा कि रूसी सेना में अब काफी गुस्सा है। संवाद
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