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हाथरस : जल निगम निर्माण खंड के 24 कर्मचारियों को नहीं मिला वेतन
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हाथरस : वेतन न मिलने को लेकर ज्ञापन सौंपने विकास भवन पहुंचे कार्मिक। संवाद
- फोटो : HATHRAS
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
बॉडी स्वेपिंग के जरिये जल निगम निर्माण खंड के 24 कर्मचारियों को नगर पालिका परिषद में तैनात किया गया है। इन कर्मियों ने बृहस्पतिवार को विकास भवन पहुंचकर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को वेतन दिलाए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि वेतन न मिलने पर कर्मचारियों को आत्महत्या व धरना-प्रदर्शन जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
कर्मचारियों ने कहा कि 24 कर्मचारियों को बॉडी स्वेपिंग के आधार पर जल निगम निर्माण खंड, उप्र जल निगम हाथरस से नगर पालिका परिषद हाथरस में तैनात किया गया था। समस्त कर्मचारी तभी से नियमित रूप से नगर पालिका परिषद हाथरस में सेवा दे रहे हैं। माह अक्तूबर 2021 से अब तक वेतन नहीं दिया गया है। इस कारण परिवार मुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। बच्चों की शिक्षा आदि का शुल्क जमा न हो पाने के कारण विद्यालयों से उनके बच्चों के नाम काटने एवं विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित करने की कार्रवाई की जा रही है।
परिवारों के बड़े बुजुर्गों के इलाज आदि का भी प्रबंध नहीं हो पा रहा है। कर्मचारी और उनके परिवारीजन होली का पर्व भी नहीं मना पाए हें। कर्मचारियों ने माह अक्तूबर 2021 से माह मार्च 2022 तक (कुल छह माह) का वेतन दिलाने की मांग की है। ऐसा न होने की स्थिति में परिवार सहित आत्महत्या जैसा कदम उठाने और धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। संवाद
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बॉडी स्वेपिंग के जरिये जल निगम निर्माण खंड के 24 कर्मचारियों को नगर पालिका परिषद में तैनात किया गया है। इन कर्मियों ने बृहस्पतिवार को विकास भवन पहुंचकर मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) को वेतन दिलाए जाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि वेतन न मिलने पर कर्मचारियों को आत्महत्या व धरना-प्रदर्शन जैसे कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
कर्मचारियों ने कहा कि 24 कर्मचारियों को बॉडी स्वेपिंग के आधार पर जल निगम निर्माण खंड, उप्र जल निगम हाथरस से नगर पालिका परिषद हाथरस में तैनात किया गया था। समस्त कर्मचारी तभी से नियमित रूप से नगर पालिका परिषद हाथरस में सेवा दे रहे हैं। माह अक्तूबर 2021 से अब तक वेतन नहीं दिया गया है। इस कारण परिवार मुखमरी के कगार पर पहुंच गए हैं। बच्चों की शिक्षा आदि का शुल्क जमा न हो पाने के कारण विद्यालयों से उनके बच्चों के नाम काटने एवं विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित करने की कार्रवाई की जा रही है।
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परिवारों के बड़े बुजुर्गों के इलाज आदि का भी प्रबंध नहीं हो पा रहा है। कर्मचारी और उनके परिवारीजन होली का पर्व भी नहीं मना पाए हें। कर्मचारियों ने माह अक्तूबर 2021 से माह मार्च 2022 तक (कुल छह माह) का वेतन दिलाने की मांग की है। ऐसा न होने की स्थिति में परिवार सहित आत्महत्या जैसा कदम उठाने और धरना-प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा। संवाद
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