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कड़ी सुरक्षा के बीच अदा की अलविदा की नमाज
Sat, 01 Jun 2019 12:15 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Sat, 01 Jun 2019 12:15 AM IST
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किला गेट स्थित जामा मस्जिद पर नमाज अदा करते मुस्लिम समाज के लोग।
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। रमजान के आखिरी जुमा (शुक्रवार) को अलविदा की नमाज सुकून के साथ अदा की गई। कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच किलागेट जामा मस्जिद पर नमाज अदा करने के लिए काफी भीड़ उमड़ी। जामा मस्जिद के आसपास इस दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम रहे।
तय वक्त से पहले ही जामा मस्जिद पर नमाजियों की भीड़ जुटने लगी। जामा मस्जिद परिसर ही नहीं, बल्कि पूरी सड़क नमाजियों से पट गई। तय वक्त पर अलविदा जुमा की नमाज काजी सलीम अहमद साहब ने अदा कराई। इससे पहले कुरान की आयतों से तकरीरें पेश करते हुए उन्होंने फरमाया कि रमजान का महीना बरकतों वाला है। रोज हर मुसलमान का फर्ज है। किसी भी मुसलमान को यह फर्ज नहीं छोड़ना चाहिए।
रोजा रखने का मौका बहुत ही किस्मत वालों मिलता है। रमजान के आखिर में खुदा की तरफ से ईद का तोहफा मिलता है। खुदा के सजदे में झुके सैकड़ों सिर जैसे ही आसमान की तरफ उठे तो पूरा माहौल अल्लाह ओ अकबर की आवाजों से गूंज उठा। अकीदतमंदों ने परवरदिगार से मुल्क और कौम की तरक्की और अमन चैन की दुआ मांगी।
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तय वक्त से पहले ही जामा मस्जिद पर नमाजियों की भीड़ जुटने लगी। जामा मस्जिद परिसर ही नहीं, बल्कि पूरी सड़क नमाजियों से पट गई। तय वक्त पर अलविदा जुमा की नमाज काजी सलीम अहमद साहब ने अदा कराई। इससे पहले कुरान की आयतों से तकरीरें पेश करते हुए उन्होंने फरमाया कि रमजान का महीना बरकतों वाला है। रोज हर मुसलमान का फर्ज है। किसी भी मुसलमान को यह फर्ज नहीं छोड़ना चाहिए।
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रोजा रखने का मौका बहुत ही किस्मत वालों मिलता है। रमजान के आखिर में खुदा की तरफ से ईद का तोहफा मिलता है। खुदा के सजदे में झुके सैकड़ों सिर जैसे ही आसमान की तरफ उठे तो पूरा माहौल अल्लाह ओ अकबर की आवाजों से गूंज उठा। अकीदतमंदों ने परवरदिगार से मुल्क और कौम की तरक्की और अमन चैन की दुआ मांगी।
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