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Hathras News: आलू की फसल पर जम रहा पाला, चना, सरसों, अरहर, और हरी सब्जी को हो रहा नुकसान

Mon, 16 Jan 2023 09:47 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Mon, 16 Jan 2023 09:47 PM IST
सार

बदलते मौसम से सबसे अधिक आलू की फसल को ज्यादा नुकसान होता है, जबकि चना, सरसों, अरहर, और हरी सब्जी को नुकसान हो रहा है। ऐसे में कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि फसल को पाला से बचाने के लिए किसान हर संभव सिंचाई करें। 

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frost on potato Gram mustard pigeon pea and green vegetables crop
आलू की फसल पर जमा पाला - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

तापमान में गिरावट से आलू की फसल पर पाला जमने लगा है। इससे किसानों को नुकसान हो रहा है। बदलते मौसम से सबसे अधिक आलू की फसल को ज्यादा नुकसान होता है, जबकि चना, सरसों, अरहर, और हरी सब्जी को नुकसान हो रहा है। ऐसे में कृषि वैज्ञानिक का कहना है कि फसल को पाला से बचाने के लिए किसान हर संभव सिंचाई करें। 

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कृषि वैज्ञानिक डॉ. एसआर सिंह ने बताया कि सर्दियों में आलू की फसल पर पाला पड़ने से फसल को पाला झुलसा रोग होता है। इसमें आलू की पत्तियां पीली पड़ने लगती है और सड़ने लगती हैं तो वहीं पौधा गल जाता है। माना जाता है कि जब वायुमंडल का तापमान चार से कम होता है, तो पाला पड़ने की संभावना रहती है। 
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ऐसा दिसंबर से जनवरी के बीच रहता है। हवा न चल रही हो या फिर आसमान साफ हो, तब भी पाला पड़ने की संभावना होती है। ऐसे में पाला पत्तियों पर जम जाता है। इसकी वजह से पत्तियों के नस फट जाती हैं। 
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10-15 दिन के अंतराल में करें सिंचाई
कृषि विज्ञान केंद्र के अध्यक्ष व वरिष्ठ कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने बताया कि आलू को पाला, झुलसा रोग से बचाए रखने के लिए हर संभव सिंचाई पर ध्यान देना चाहिए। पौधों को पाला से बचाने के लिए किसान खेतों में नमी बनाए रखें। इसके अलावा सिंचाई के बाद पौधों के ऊपर छप्पर या फिर पाली हाउस बना दें। 


आलू की फसल में करीब 10 से 15 दिनों के अंतराल पर सिंचाई कर देना चाहिए। इसके अलावा पाले से पौधों को बचाने के लिए परंपरागत एवं रासायनिक तरीकों का भी प्रयोग किया जा सकता है। इसके लिए नर्सरी में पौधों को रात में प्लास्टिक की चादर से ढक दें। ऐसा करने से प्लास्टिक के अंदर का तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस बढ़ जाता है। ध्यान रहे कि पौधों का दक्षिणी एवं पूर्वी भाग खुला होना चाहिए।

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