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बुखार से महिला सहित चार की मौत
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संवाद न्यूज एजेंसी, सादाबाद।
कोरोना के कहर के बीच अब बुखार भी जानलेवा साबित हो रहा है। रविवार की शाम और सोमवार को सादाबाद और सहपऊ के तीन गांव में चार लोगों की मौत बुखार की वजह से हो गई। इसमें एक महिला भी शामिल है। इधर, गांव में अन्य कई लोग भी बुखार की गिरफ्त में हैं, जिससे इन मरीजों के तीमारदारों में दहशत व्याप्त है।
एक तरफ लोग कोरोना की दहशत के बीच जी रहे हैं तो दूसरी तरफ अब गांव गांव फैल रहा वायरल बुखार, सर्दी, जुकाम ने लोगों की टेंशन बढ़ा दी है। सादाबाद क्षेत्र के गांव भुर्रका में करीब 57 वर्षीय मान सिंह पुत्र जगन सिंह की बुखार आने से रविवार की शाम को मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि पहले इनका गला चौक हुआ, उसके बाद बुखार आ गया।
परिजन इन्हें उपचार के लिए खंदौली ले गए, वहां से चिकित्सकों ने आगरा के लिए रेफर कर दिया, लेकिन आगरा ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इधर, सादाबाद क्षेत्र के गांव नगला शेखा निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार लखम सिंह पुत्र हरदम सिंह (76) को पिछले तीन चार दिन से बुखार आ रहा था। बुखार की वजह से ही रविवार की शाम को निधन हो गया।
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गांव नगला शेखा में ही दो दिन पहले एक महिला की भी मौत बुखार से हो गई थी। इस गांव में बीते एक हफ्ते में कई लोगों की जान बुखार से जा चुकी है। इधर, सहपऊ प्रतिनिधि के मुताबिक, सहपऊ क्षेत्र के गांव बुढ़ाइच में सेवानिवृत्त एसआई अमृत सिंह पुत्र तुलाराम (68 ) का रविवार की देर रात बुखार से मौत हो गई।
इसी गांव में सोमवार को चंद्रकला देवी पत्नी नरसी (60) साल का भी बुखार की वजह से निधन हो गया। इससे पहले इसी गांव में पिछले दिनों एक महिला सहित दो लोगों की मौत बुखार से हो चुकी है। ग्रामीणों की मानें तो बुखार आने के कुछ ही दिनों में लोगों की मौत हो रही है। यही नहीं, काफी लोग बुखार की चपेट में हैं और कोरोना संक्रमण की वजह से घर पर रहकर ही अपना इलाज करा रहे हैं।
न हो रहा दवा का छिड़काव और न हो रही साफ सफाई
कोरोना संक्रमण के बीच जानलेवा बन रहे बुखार के प्रकोप को रोकने के लिए स्वास्थ्य महकमे द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों की मानें तो गांव में कीटनाशक दवा का छिड़काव न होने की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है तो वहीं गांव में गंदगी और जलभराव से संक्रमण को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीणों ने गांव में कीटनाशक दवा के छिड़काव और साफ सफाई अभियान चलाए जाने की मांग की है।
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कोरोना के कहर के बीच अब बुखार भी जानलेवा साबित हो रहा है। रविवार की शाम और सोमवार को सादाबाद और सहपऊ के तीन गांव में चार लोगों की मौत बुखार की वजह से हो गई। इसमें एक महिला भी शामिल है। इधर, गांव में अन्य कई लोग भी बुखार की गिरफ्त में हैं, जिससे इन मरीजों के तीमारदारों में दहशत व्याप्त है।
एक तरफ लोग कोरोना की दहशत के बीच जी रहे हैं तो दूसरी तरफ अब गांव गांव फैल रहा वायरल बुखार, सर्दी, जुकाम ने लोगों की टेंशन बढ़ा दी है। सादाबाद क्षेत्र के गांव भुर्रका में करीब 57 वर्षीय मान सिंह पुत्र जगन सिंह की बुखार आने से रविवार की शाम को मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि पहले इनका गला चौक हुआ, उसके बाद बुखार आ गया।
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परिजन इन्हें उपचार के लिए खंदौली ले गए, वहां से चिकित्सकों ने आगरा के लिए रेफर कर दिया, लेकिन आगरा ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई। इधर, सादाबाद क्षेत्र के गांव नगला शेखा निवासी सेवानिवृत्त सूबेदार लखम सिंह पुत्र हरदम सिंह (76) को पिछले तीन चार दिन से बुखार आ रहा था। बुखार की वजह से ही रविवार की शाम को निधन हो गया।
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गांव नगला शेखा में ही दो दिन पहले एक महिला की भी मौत बुखार से हो गई थी। इस गांव में बीते एक हफ्ते में कई लोगों की जान बुखार से जा चुकी है। इधर, सहपऊ प्रतिनिधि के मुताबिक, सहपऊ क्षेत्र के गांव बुढ़ाइच में सेवानिवृत्त एसआई अमृत सिंह पुत्र तुलाराम (68 ) का रविवार की देर रात बुखार से मौत हो गई।
इसी गांव में सोमवार को चंद्रकला देवी पत्नी नरसी (60) साल का भी बुखार की वजह से निधन हो गया। इससे पहले इसी गांव में पिछले दिनों एक महिला सहित दो लोगों की मौत बुखार से हो चुकी है। ग्रामीणों की मानें तो बुखार आने के कुछ ही दिनों में लोगों की मौत हो रही है। यही नहीं, काफी लोग बुखार की चपेट में हैं और कोरोना संक्रमण की वजह से घर पर रहकर ही अपना इलाज करा रहे हैं।
न हो रहा दवा का छिड़काव और न हो रही साफ सफाई
कोरोना संक्रमण के बीच जानलेवा बन रहे बुखार के प्रकोप को रोकने के लिए स्वास्थ्य महकमे द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों की मानें तो गांव में कीटनाशक दवा का छिड़काव न होने की वजह से मच्छरों का प्रकोप बढ़ रहा है तो वहीं गांव में गंदगी और जलभराव से संक्रमण को बढ़ावा मिल रहा है। ग्रामीणों ने गांव में कीटनाशक दवा के छिड़काव और साफ सफाई अभियान चलाए जाने की मांग की है।