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Hathras News: चेक बाउंस मामले में फर्म मालिक को एक साल की सजा
Sat, 01 Aug 2026 02:41 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 01 Aug 2026 02:41 AM IST
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प्रतीकात्मक चित्र।
- फोटो : Archive
न्यायालय सिविल जज (वरिष्ठ प्रभाग)/एफटीसी कोर्ट ईशा अग्रवाल की अदालत ने चेक बाउंस मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने पश्चिम बंगाल के अभियुक्त को दोषी करार देते हुए एक साल के साधारण कारावास और जुर्माने की सजा सुनाई है।
फर्म मटरूमल धन्नालाल तेल मिल के भागीदार जितेश कुमार लोहिया ने पश्चिम बंगाल के नार्थ 24 परगना की फर्म अंजन दास के मालिक के खिलाफ चेक बाउंस होने पर वाद दर्ज कराया था। जितेश कुमार की फर्म सरसों के तेल के उत्पादन और बिक्री का कारोबार करती है।
अभियुक्त अंजनदास ने फर्म से सरसों का तेल खरीदा था, जिसके एवज में 25 अक्तूबर 2017 को 2,13,656 का चेक बैंक ऑफ बड़ौदा का दिया था। जब इस चेक को 26 अक्तूबर 2017 को भुगतान के लिए बैंक में लगाया गया, तो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
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इसके बाद परिवादी ने तीन नवंबर 2017 को नोटिस भेजा, लेकिन अभियुक्त ने न तो जवाब दिया और नही रुपये लौटाए। इसके बाद न्यायालय में धारा 138 एनआई एक्ट के तहत वाद दायर किया गया। लंबी कानूनी प्रक्रिया और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त अंजन दास को एक साल के साधारण कारावास व 2.26 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि नहीं चुकाने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
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फर्म मटरूमल धन्नालाल तेल मिल के भागीदार जितेश कुमार लोहिया ने पश्चिम बंगाल के नार्थ 24 परगना की फर्म अंजन दास के मालिक के खिलाफ चेक बाउंस होने पर वाद दर्ज कराया था। जितेश कुमार की फर्म सरसों के तेल के उत्पादन और बिक्री का कारोबार करती है।
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अभियुक्त अंजनदास ने फर्म से सरसों का तेल खरीदा था, जिसके एवज में 25 अक्तूबर 2017 को 2,13,656 का चेक बैंक ऑफ बड़ौदा का दिया था। जब इस चेक को 26 अक्तूबर 2017 को भुगतान के लिए बैंक में लगाया गया, तो खाते में पर्याप्त धनराशि न होने के कारण चेक बाउंस हो गया।
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इसके बाद परिवादी ने तीन नवंबर 2017 को नोटिस भेजा, लेकिन अभियुक्त ने न तो जवाब दिया और नही रुपये लौटाए। इसके बाद न्यायालय में धारा 138 एनआई एक्ट के तहत वाद दायर किया गया। लंबी कानूनी प्रक्रिया और दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने शुक्रवार को फैसला सुनाया। पत्रावली पर मौजूद साक्ष्य के आधार पर न्यायालय ने अभियुक्त अंजन दास को एक साल के साधारण कारावास व 2.26 लाख रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माने की राशि नहीं चुकाने पर दोषी को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।