Hathras: 60 घंटे बाद भी कोल्ड स्टोर में धधक रही आग, सीआईएसएफ भी पहुंची, लगीं 14 दमकल की गाड़ियां और 85 कर्मी
श्री हरि आइस एवं कोल्ड स्टोरेज में 1 अप्रैल सुबह करीब आठ बजे आग लगी थी, 60 घंटे बाद भी आग सुलग रही। तीन दिन में करीब दो लाख लीटर पानी की आग बुझाने के लिए बौछार की जा चुकी है। नजदीकी जिलों मथुरा, अलीगढ़, कासगंज, एटा और भरतपुर से भी दमकलों को बुलाया गया है।
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हाथरस में आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग पर श्री हरि आइस एवं कोल्ड स्टोरेज में लगी आग 60 घंटे बाद भी नहीं बुझ पाई है। 14 दमकलें और 85 कर्मचारी आग बुझाने में जुटे हैं। आग काबू पाने के लिए नरौरा स्थित परमाणु उर्जा संयंत्र से भी केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) की टीम बुलाई गई, जिसने हाथरस पहुंचकर आग बुझाने के प्रयासों में मदद करनी शुरू कर दी है। धुआं भरे होने और आग लगी होने के कारण शीतगृह के चैंबर संख्या पांच से किराने का सामान निकालने में परेशानी आ रही है।
1 अप्रैल सुबह करीब आठ बजे इस चैंबर में आग लगी थी, 3 अप्रैल को भी आग सुलग रही। तीन दिन में करीब दो लाख लीटर पानी की आग बुझाने के लिए बौछार की जा चुकी है। नजदीकी जिलों मथुरा, अलीगढ़, कासगंज, एटा और भरतपुर से भी दमकलों को बुलाया गया है। चैंबर संख्या चार में आग लगने व धुआं होने की सूचना पर जिलाधिकारी ने मथुरा रिफाइनरी और बबराला सहित अन्य बड़े उपक्रमों से आग बुझाने के संंयंत्रों के साथ विशेषज्ञ बुलाए। शीतगृह के पीछे और चैंबर की दीवारों में छेद कर वहां से भी पानी की बौछार की जा रही है। आलू के चैंबरों तक आग पहुंचने की आशंका से किसान चिंतित है और शीतगृह पर डेरा डाले हुए हैं।
अब तक करीब 30 करोड़ रुपये का सामान जलकर राख होने की जानकारी मिल रही है। मिर्च मसालों की बोरियां जलने से धुएं के साथ तीखी गंध इलाके में फैली हुई है। चैंबर संख्या पांच में किराने के सामान की करीब 40 हजार बोरियां रखी हुई हैं।
शीतगृह में रखे सामान में आग सुलग रही है। आग पर काबू पाने के लिए भरसक प्रयास किया जा रहा है। सामान को निकालने की कोशिश हो रही है, जिससे आग को बढ़ने से रोका जा सके।-आरके वाजपेयी, मुख्य अग्निशमन अधिकारी।