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भेली लूटने की प्रथा के दौरान मारपीट
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परिक्रमा के दौरान हुई मारपीट, पथराव एवं फायरिंग।
- फोटो : SHAPHU
संवाद न्यूज एजेंसी, सहपऊ।
क्षेत्र के गांव धाधऊ में मंगलवार की देर शाम को होली के बाद हुए गुड़ की भेली लूटने के खेल और हुरंगा की परिक्रमा के दौरान दो पक्षों में झगड़ा हो गया। दोनों तरफ से जमकर मारपीट हुई। पथराव किया गया और फायरिंग भी हुई, जिससे गांव में भगदड़ मच गई। झगड़े में कई लोग घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया है।
कस्बा के मोहल्ला पुराना थाना पर मंगलवार की देर शाम को होली के बाद गुड़ की भेली लूटने का खेल चल रहा था। इस परंपरा में पुरुष भेली लूटने की कोशिश करते हैं और महिलाएं डंडे मारकर उन्हें रोकने की कोशिश करती हैं। इस दौरान एक महिला के डंडे से एक युवक घायल हो गया, जिसके बाद वहां हंगामा खड़ा हो गया। युवक के समर्थन में उसी समुदाय के कुछ अन्य युवक भी आ गए।
उन्होंने खेल में हिस्सा ले रहे लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। सूचना पर कोतवाली से दो कांस्टेबल भी वहां पहुंच गए। दोनों कांस्टेबलों के सामने भी यह युवक लोगों से मारपीट करते रहे। स्थिति बिगड़ती देखकर कोतवाल मय पुलिस बल के घटनास्थल पर पहुंच गए। उनको देखकर मारपीट करने वाले युवक वहां से भाग खड़े हुए।
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पुलिस ने कुछ युवकों को वहां से हिरासत में ले लिया। युवकों को हिरासत में लेने की सूचना पर नगर पंचायत की सभासद रूबी दिवाकर काफी महिलाओं के साथ थाने पहुंच गईं। इन महिलाओं का कहना था कि पुलिस ने निर्दोष युवकों को हिरासत में लिया है। मारपीट करने वाले युवक तो वहां से भाग गए।
इन महिलाओं को यह भी कहना था कि वहां हिंदू समुदाय का खेल हो रहा था। मुस्लिम समुदाय के युवक वहां पर क्यों पहुंचे। मुस्लिम समुदाय के युवकों ने ही वहां खेल में महिलाओं से छेड़छाड़ की, जिससे वहां हंगामे और मारपीट की नौबत आई। पुलिस ने उनको क्यों नहीं पकड़ा। इसके बाद कोतवाल ने हिरासत में लिए गए युवकों को दोबारा इस तरह की शरारत नहीं करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया। कोतवाली से इन युवकों के छूटने के बाद ही महिलाएं वहां से हटीं।
दो पक्षों में मारपीट, पथराव एवं फायरिंग, कई लोग घायल
गांव धाधऊ में मंगलवार की शाम को ही होली के हुरंगे के बाद बैंड बाजों के साथ निकलने वाली परिक्रमा में भी लड़कियों के साथ अभद्रता को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट, पथराव और फायरिंग से गांव में भगदड़ मच गई। फायरिंग शुरू होते ही लोग जहां थे, वहीं छिप गए। झगड़े में कई व्यक्ति घायल हो गए। पुलिस ने घायलों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया है।
गांव धाधऊ में होली के हुरंगे होने के बाद गांव के महिला एवं पुरुष मिलकर बैंड-बाजों के साथ रंग गुलाल उड़ाते हुए पूरे गांव के परिक्रमा करते हैं। जो लोग परिक्रमा में शामिल होते हैं, वह एक-दूसरे पर रंग-गुलाल की बौछार भी करते हैं। देखने वालों के ऊपर कोई रंग नहीं डालता। परिक्रमा जब एक गली में होकर गुजर रही थी तो उसी समय कुछ शरारती युवकों ने परिक्रमा देख रहीं कुछ युवतियों के ऊपर गुलाल एवं रंग फेंक दिया। कुछ लोगों ने इसके लिए मना किया।
इस बात को लेकर दो पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते वहां पथराव शुरू हो गया। इस बीच फायरिंग भी कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पुलिस को इस घटना के बारे में सूचना दी। पुलिस की 112 नंबर की गाड़ी मौके पर पहुंच गई, लेकिन पथराव को देखते हुए उनकी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई। थोड़ी देर बाद कोतवाल सत्यप्रकाश भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही पथराव एवं फायरिंग करने वाले मौके से भाग गए।
पुलिस ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। हालांकि पुलिस गांव में फायरिंग की बात से इंकार कर रही है। मारपीट एवं पथराव से भगत सिंह, सोनू, टीटू उर्फ प्रदीप कुमार, रामपाल सिंह, दिगंबर सिंह और शीलेंद्र सिंह घायल हो गए। दूसरे पक्ष के लोग भी घायल हुए हैं, लेकिन वह अभी तक गांव में नहीं आए हैं। एक पक्ष की तरफ से कोतवाली में नामजद तहरीर दे दी गई है।
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क्षेत्र के गांव धाधऊ में मंगलवार की देर शाम को होली के बाद हुए गुड़ की भेली लूटने के खेल और हुरंगा की परिक्रमा के दौरान दो पक्षों में झगड़ा हो गया। दोनों तरफ से जमकर मारपीट हुई। पथराव किया गया और फायरिंग भी हुई, जिससे गांव में भगदड़ मच गई। झगड़े में कई लोग घायल हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया है।
कस्बा के मोहल्ला पुराना थाना पर मंगलवार की देर शाम को होली के बाद गुड़ की भेली लूटने का खेल चल रहा था। इस परंपरा में पुरुष भेली लूटने की कोशिश करते हैं और महिलाएं डंडे मारकर उन्हें रोकने की कोशिश करती हैं। इस दौरान एक महिला के डंडे से एक युवक घायल हो गया, जिसके बाद वहां हंगामा खड़ा हो गया। युवक के समर्थन में उसी समुदाय के कुछ अन्य युवक भी आ गए।
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उन्होंने खेल में हिस्सा ले रहे लोगों के साथ मारपीट शुरू कर दी। सूचना पर कोतवाली से दो कांस्टेबल भी वहां पहुंच गए। दोनों कांस्टेबलों के सामने भी यह युवक लोगों से मारपीट करते रहे। स्थिति बिगड़ती देखकर कोतवाल मय पुलिस बल के घटनास्थल पर पहुंच गए। उनको देखकर मारपीट करने वाले युवक वहां से भाग खड़े हुए।
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पुलिस ने कुछ युवकों को वहां से हिरासत में ले लिया। युवकों को हिरासत में लेने की सूचना पर नगर पंचायत की सभासद रूबी दिवाकर काफी महिलाओं के साथ थाने पहुंच गईं। इन महिलाओं का कहना था कि पुलिस ने निर्दोष युवकों को हिरासत में लिया है। मारपीट करने वाले युवक तो वहां से भाग गए।
इन महिलाओं को यह भी कहना था कि वहां हिंदू समुदाय का खेल हो रहा था। मुस्लिम समुदाय के युवक वहां पर क्यों पहुंचे। मुस्लिम समुदाय के युवकों ने ही वहां खेल में महिलाओं से छेड़छाड़ की, जिससे वहां हंगामे और मारपीट की नौबत आई। पुलिस ने उनको क्यों नहीं पकड़ा। इसके बाद कोतवाल ने हिरासत में लिए गए युवकों को दोबारा इस तरह की शरारत नहीं करने की चेतावनी देकर छोड़ दिया। कोतवाली से इन युवकों के छूटने के बाद ही महिलाएं वहां से हटीं।
दो पक्षों में मारपीट, पथराव एवं फायरिंग, कई लोग घायल
गांव धाधऊ में मंगलवार की शाम को ही होली के हुरंगे के बाद बैंड बाजों के साथ निकलने वाली परिक्रमा में भी लड़कियों के साथ अभद्रता को लेकर दो पक्षों में हुई मारपीट, पथराव और फायरिंग से गांव में भगदड़ मच गई। फायरिंग शुरू होते ही लोग जहां थे, वहीं छिप गए। झगड़े में कई व्यक्ति घायल हो गए। पुलिस ने घायलों का चिकित्सकीय परीक्षण कराया है।
गांव धाधऊ में होली के हुरंगे होने के बाद गांव के महिला एवं पुरुष मिलकर बैंड-बाजों के साथ रंग गुलाल उड़ाते हुए पूरे गांव के परिक्रमा करते हैं। जो लोग परिक्रमा में शामिल होते हैं, वह एक-दूसरे पर रंग-गुलाल की बौछार भी करते हैं। देखने वालों के ऊपर कोई रंग नहीं डालता। परिक्रमा जब एक गली में होकर गुजर रही थी तो उसी समय कुछ शरारती युवकों ने परिक्रमा देख रहीं कुछ युवतियों के ऊपर गुलाल एवं रंग फेंक दिया। कुछ लोगों ने इसके लिए मना किया।
इस बात को लेकर दो पक्षों में मारपीट शुरू हो गई। देखते ही देखते वहां पथराव शुरू हो गया। इस बीच फायरिंग भी कर दी गई। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने पुलिस को इस घटना के बारे में सूचना दी। पुलिस की 112 नंबर की गाड़ी मौके पर पहुंच गई, लेकिन पथराव को देखते हुए उनकी आगे बढ़ने की हिम्मत नहीं हुई। थोड़ी देर बाद कोतवाल सत्यप्रकाश भी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही पथराव एवं फायरिंग करने वाले मौके से भाग गए।
पुलिस ने घायलों को सीएचसी में भर्ती कराया। हालांकि पुलिस गांव में फायरिंग की बात से इंकार कर रही है। मारपीट एवं पथराव से भगत सिंह, सोनू, टीटू उर्फ प्रदीप कुमार, रामपाल सिंह, दिगंबर सिंह और शीलेंद्र सिंह घायल हो गए। दूसरे पक्ष के लोग भी घायल हुए हैं, लेकिन वह अभी तक गांव में नहीं आए हैं। एक पक्ष की तरफ से कोतवाली में नामजद तहरीर दे दी गई है।