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Hathras News: शिविर लगाकर महिलाओं को कारोबार से जोड़ रहा फेडरेशन
Mon, 31 Aug 2026 02:09 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 31 Aug 2026 02:09 AM IST
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गांव छोँक में महिलाओं संग बैठक करतीं सीएलएफ महिलाएं। स्रोत : संस्था
- फोटो : Self
सासनी तहसील के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं को स्वावलंबी और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सराहनीय पहल की जा रही है। क्लस्टर लेवल फेडरेशन (सीएलएफ) की महिलाओं की ओर से कारखाना संचालकों से समन्वय स्थापित कर विभिन्न गांवों में लगातार जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं और महिलाओं को स्वरोजगार और कारोबार से जोड़ा जा रहा है।
इसके तहत ग्रामीण महिलाओं को अपने खुद के छोटे उद्योग शुरू करने के साथ-साथ क्षेत्र के नजदीकी कारखानों से समन्वय स्थापित कर घर बैठे काम करने के अवसर आदि के बारे में जानकारी दी जा रही है। इस क्रम में सासनी के गांव छौंक सहित आसपास के कई गांवों में विशेष मार्गदर्शन शिविरों का आयोजन किया गया।
इन शिविरों में सीएलएफ की पदाधिकारियों ने महिलाओं को बहुत कम लागत में घरेलू उद्योग शुरू करने और स्थानीय कारखानों से पैकिंग, असेंबलिंग व क्राफ्ट जैसे कार्य ठेके पर लेकर अच्छा मुनाफा कमाने के तरीके बताए। बताया गया कि आसपास की औद्योगिक इकाइयों और कारखानों से सीधे संपर्क साधा जा रहा है, ताकि महिलाओं को घर पर ही कच्चा माल मिल सके और वे काम पूरा कर नियमित आय अर्जित कर सकें।
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कम लागत में अधिक मुनाफा महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प और घरेलू उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण देकर कम पूंजी में बेहतर व्यवसाय शुरू करने की जानकारी दी जा रही है। सीएलएफ की ओर से महिलाओं को बैंक लेनदेन, बचत और उत्पादों की मार्केटिंग की बारीकियां भी समझाई जा रही हैं। सीएलएफ की इस पहल से ग्रामीण अंचल की महिलाओं में आत्मनिर्भर बनने के प्रति खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में महिलाएं इस मुहिम से जुड़ रही हैं।
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इसके तहत ग्रामीण महिलाओं को अपने खुद के छोटे उद्योग शुरू करने के साथ-साथ क्षेत्र के नजदीकी कारखानों से समन्वय स्थापित कर घर बैठे काम करने के अवसर आदि के बारे में जानकारी दी जा रही है। इस क्रम में सासनी के गांव छौंक सहित आसपास के कई गांवों में विशेष मार्गदर्शन शिविरों का आयोजन किया गया।
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इन शिविरों में सीएलएफ की पदाधिकारियों ने महिलाओं को बहुत कम लागत में घरेलू उद्योग शुरू करने और स्थानीय कारखानों से पैकिंग, असेंबलिंग व क्राफ्ट जैसे कार्य ठेके पर लेकर अच्छा मुनाफा कमाने के तरीके बताए। बताया गया कि आसपास की औद्योगिक इकाइयों और कारखानों से सीधे संपर्क साधा जा रहा है, ताकि महिलाओं को घर पर ही कच्चा माल मिल सके और वे काम पूरा कर नियमित आय अर्जित कर सकें।
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कम लागत में अधिक मुनाफा महिलाओं को सिलाई-कढ़ाई, हस्तशिल्प और घरेलू उत्पाद तैयार करने का प्रशिक्षण देकर कम पूंजी में बेहतर व्यवसाय शुरू करने की जानकारी दी जा रही है। सीएलएफ की ओर से महिलाओं को बैंक लेनदेन, बचत और उत्पादों की मार्केटिंग की बारीकियां भी समझाई जा रही हैं। सीएलएफ की इस पहल से ग्रामीण अंचल की महिलाओं में आत्मनिर्भर बनने के प्रति खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में महिलाएं इस मुहिम से जुड़ रही हैं।