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चकबंदी में रकबा कम करने पर किसानों ने किया प्रदर्शन

Tue, 30 Aug 2022 11:33 PM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Tue, 30 Aug 2022 11:33 PM IST
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Farmers demonstrated for reducing acreage in consolidation
उड़ान चक बनानने का विरोध करते किसान। संवाद - फोटो : HASAYAN
संवाद न्यूज एजेंसी, हसायन।
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क्षेत्र के गांव पिछौंती में चकबंदी कार्य के दौरान किसानों ने लेखपाल व कानूनगो पर साठगांठ के तहत उनकी जमीन को कम किए जाने का आरोप लगाते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान गांव पिछौंती निवासी संजय कुमार का कहना है कि उनके पिताजी की पुश्तैनी भूमि वर्ष 1962 में चकबंदी के दौरान सड़क किनारे मिली थी।
उन्होंने बताया कि गाटा संख्या 482 में हमारा रकबा 161 एअर का था। इसमें से अधिकारियों के इशारे पर लेखपाल व कानूनगो द्वारा 36 एअर की कटौती कर दी गई। इसमें से उनकी जमीन 125 एअर बची थी। इसमें से हटाकर हमें गाटा संख्या 484 में 75 एअर का रकबा फिर से 50 एअर कम कर दिया जा रहा है, जबकि 50 एअर भूमि 482 गाटा संख्या में छोड़ दी है।
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किसान रामनिवास ने बताया कि उनकी पुरानी जोत पहले से ही कम थी मगर अधिकारियों व कर्मचारियों द्वारा धनाढ्य काश्तकारों से साठगांठ कर अवैध तरीके से उनकी जोत फिर से कम कर दी गई है। वीरेंद्र सिंह का कहना है कि जब हमारे रकबा में जगह कम थी तो बेवजह दूसरे व्यक्ति को बिना जांच पड़ताल के जगह क्यों दे दी गई।
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किसानों का कहना है कि जब रकबा में जगह पहले से ही कम थी तो बिना जांच पड़ताल के दूसरे काश्तकारों जबरिया उड़ान चक क्यों दिया जा रहा है। लेखपाल, कानूनगो द्वारा उड़ान चक के दौरान दूसरे किसान को जगह देकर नापजोख करते हुए मेड़ डलवाने का प्रयास किया तो ग्रामीणों ने विरोध कर दिया। ग्रामीणों ने कहा कि उड़ान चक को हटाकर उनकी जमीन उसी नियम के अनुसार पुराने तरीके से दी जाए।
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