Hathras: कलेक्ट्रेट में किसान ने डीजल डालकर किया आत्मदाह का प्रयास, चकबंदी अधिकारी पर लगाया वसूली का आरोप
पीड़ित किसान का आरोप है कि काम कराने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। उनके पास रुपये नहीं थे, तो उन्होंने 40 हजार रुपये में अपनी भैंस बेच दी। उसमें से 19 हजार रुपये अधिकारी को दे दिए, लेकिन काम फिर भी नहीं हुआ।
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हाथरस के चकबंदी विभाग में भ्रष्टाचार और न्याय न मिलने से परेशान एक किसान ने डीजल डालकर आत्मदाह का प्रयास किया। आरोप है कि चकबंदी अधिकारी ने अनुपालन के आदेश करने के बदले रिश्वत ली और बाद में प्रार्थना पत्र को ही खारिज कर दिया। पीड़ित का कहना है कि उसने अपनी भैंस तक बेचकर अधिकारी की मांग पूरी की थी, लेकिन अंत में उसे निराशा हाथ लगी।
पीड़ित के अनुसार नगला गढ़ू की जमीन पर परिवार का मुकदमा साल 2012 से चल रहा है। उनके पिता राजवीर शर्मा ने 1994 में 17 बीघा जमीन का बैनामा कराया था। साल 2019 में यह मामला एटा के बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी (एसओसी) के पास पहुंचा। लंबी कानूनी लड़ाई के बाद छह अगस्त 2025 को फैसला उनके पक्ष में आया।
एसओसी कोर्ट से जीत मिलने के बाद फाइल नियम 109 क के तहत अमल दरामद के लिए चकबंदी अधिकारी अनिल कुमार के पास आई थी। पीड़ित देवेंद्र सिंह का आरोप है कि यहां सुनवाई के नाम पर सिर्फ ''तारीख पर तारीख'' दी जा रही थी। अधिकारी बार-बार आदेश को खारिज करने की धमकी दे रहे थे।
काम कराने के नाम पर 20 हजार रुपये की मांग की गई थी। उनके पास रुपये नहीं थे, तो उन्होंने 40 हजार रुपये में अपनी भैंस बेच दी। उसमें से 19 हजार रुपये अधिकारी को दे दिए, लेकिन काम फिर भी नहीं हुआ। जब उन्होंने रुपये वापस मांगे, तो वे टालमटोल करने लगे।
खारिज हुई फाइल तो उठाया खौफनाक कदम
पीड़ित के अनुसार मामले में 23 अप्रैल को आदेश होना था, लेकिन इसे टाल दिया गया। बुधवार की शाम को जब अधिकारी ने आदेश संबंधी प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया तो पीड़ित का धैर्य जवाब दे गया।
इस मुकदमे में आदेश विचाराधीन है। इस वजह से प्रार्थना पत्र खारिज हो गया था। पीड़ित एटा एसओसी से आदेश का पालन कराने की जिद कर रहा था। डीडीसी की कोर्ट में मुकदमा चल रहा है। वहां से अभी अंतिम आदेश नहीं हुआ है। सभी आरोप पूरी तरह से निराधार हैं।-अनिल कुमार, चकबंदी अधिकारी
मामला अभी मेरे संज्ञान में आया है। शिकायतकर्ता को सभी दस्तावेजों के साथ बुलाया गया है। इनके परीक्षण के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा।-अतुल वत्स, डीएम