Hathras News: आलू कारोबार के नाम पर ठगी करने वाले चार गिरफ्तार, जाली नोट बरामद
500 रुपये के एक तरफ छपे नोटों के बारे में आरोपियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनके पास रंगीन फोटो स्टेट की मशीन थी, जिससे वह इन नोटों को छापकर असली के रूप में बेचते थे।
विस्तार
आलू व्यापार में निवेश के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के चार सदस्यों को स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) आगरा और सादाबाद पुलिस की टीम ने 8 जनवरी की दोपहर को गिरफ्तार किया है। पुलिस को इनके कब्जे से डेढ़ लाख रुपये के लिए जाली नोट भी बरामद हुए हैं।
एसटीएफ आगरा की फ़ील्ड इकाई के निरीक्षक यतींद्र शर्मा ने सादाबाद कोतवाली में देवेंद्र कुमार व दीपक पुत्रगण रामजस निवासी कूपा गली गौतम नगर सादाबाद, मनीष पुत्र राजेंद्र सिंह निवासी गांव अरदासी थाना बरहन जिला आगरा और अर्जुन गौतम पुत्र मुन्नालाल निवासी कूपा गली गौतम नगर सादाबाद के खिलाफ बीएनएस की धारा 178, 179 और 180 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई है।
पुलिस को इनके पास से 1,50,000 रुपये के जाली नोट, दो लाख रुपये की असली करेंसी, एक एक्सयूवी कार, एक लोहे का ट्रंक व एक पीली धातु की 99 ग्राम वजन की सांकलनुमा चेन बरामद हुई है। एसटीएफ के निरीक्षक यतींद्र शर्मा ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर कस्बा में रोडवेज बस स्टैंड के पास पुलिया से एक्सयूवी 300 कार बाजार की तरफ से आती हुई दिखाई दी।
गाड़ी को रोककर अंदर बैठे व्यक्तियों से नाम-पता पूछते हुए जामा तलाशी ली गई तो कंडक्टर सीट पर बैठे व्यक्ति ने अपना नाम देवेंद्र गौतम उर्फ नहना निवासी ग्राम जरीपुरा थाना सहपऊ जनपद हाथरस हाल पता कूपा गली गौतम नगर कस्बा व थाना सादाबाद और मूल पता सागड़ी थाना जलेसर जनपद एटा बताया।
इसकी जामा तलाशी में ओपो कंपनी का एक मोबाइल फोन, गले से पीली धातु की सांकलनुमा चेन बरामद हुई। चालक सीट पर बैठे युवक ने अपना दीपक उर्फ दीपू निवासी ग्राम जरीपुरा थाना सहपऊ हाल पता कूपा गली गौतम नगर कस्बा व थाना सादाबाद मूल पता सागड़ी थाना जलेसर जनपद एटा बताया। उसकी तलाशी में एक मोबाइल फोन एक आधार कार्ड बरामद हुआ। पीछे की सीट पर बैठे मनीष उर्फ मानेश निवासी नगला अरदासी थाना बरहन जनपद आगरा की तलाशी में एक मोबाइल, अर्जुन गौतम निवासी दिलोखरा थाना जलेसर जनपद एटा हाल पता कूपा गली गौतम नगर कस्बा व थाना सादाबाद के पास से एक मोबाइल व एक्सयूवी 300 कार मिली।
कार की तलाशी ली गई तो डैसबोर्ड में रखी 500-500 रुपये की चार गड्डी में कुल 2 लाख रुपये बरामद हुए। पास में रखीं नोटों की तीन अन्य गड्डी मिलीं। इन पर एक तरफ 500 रुपये की डिजायन बनी है। 99 नोटों पर 7बीआर002040 नंबर लिखा है, जबकि सबसे पीछे बिना नंबर का छपा नोट गड्डी में लगा है। दूसरी गड्डी भी एक तरफ छपी हुई है। इसके 99 नोटों पर सीरीज 2ईएम 448432 नंबर लिखा है, जबकि आखिर में बिना नंबर का नोट लगा है।
तीसरी गड्डी की सीरीज में 99 नोटों पर 4एसएम895818 नंबर दर्ज है, जबकि पीछे एक नोट बिना नंबर का लगा है। सभी गड्डियों पर एचडीएफसी बैंक पर काउंट एंड ब्रेक दिनांक 05.01.2023 प्रिंट है। इन तीनों गड्डियों में 500 के जाली नोट लगे हुए हैं, जो एक तरफ से छपे हुए हैं। कार की डिग्गी में एक लोहे का ट्रंक रखा था, जिस पर एक तरफ ताला लगा था और उसकी कुंदी टूटी हुई थी। इसे खोलकर देखा तो उसमें कूड़ा-करकट, नोटों के साइज की पीले रंग की कागज की गड्डी रखी हुई थीं।
जाली नोट दिखाकर करते थे ठगी, हाथरस के व्यक्ति को जा रहे थे ठगने
रंगीन फोटो स्टेट मशीन से छापते थे नोट
500 रुपये के एक तरफ छपे नोटों के बारे में आरोपियों से पूछा गया तो उन्होंने बताया कि उनके पास रंगीन फोटो स्टेट की मशीन थी, जिससे वह इन नोटों को छापकर असली के रूप में बेचते थे। मशीन को खराब होने के कारण उन्होंने कबाड़ में बेच दिया।
पीड़ित बोले- हमसें लीं थीं 500-500 रुपये की गड्डी
पीड़ित बोले- छह महीने में रुपये दोगुने करने का देेते थे लालच
एसटीएफ के निरीक्षक यतींद्र शर्मा ने बताया कि पीड़ित अनिल कुमार नायक पुत्र रामनरायन नायक निवासी खुटौना बाजार थाना खुटौना जिला मधुबनी बिहार व राम उदगार पासवान पुत्र दुलारचंद पासवान निवासी गांव सीधाप परसारी थाना भदनिया जिला मधुबनी बिहार ने बताया कि उन लोगों का संपर्क मोबाइल पर मनीष उर्फ मानेश, देवेंद्र कुमार उर्फ नहना गौतम, देवेश कुमार उर्फ दीपू व अर्जुन से हुआ। आरोपियों ने बताया कि उनके क्षेत्र में आलू का व्यापार होता है। वह जितना निवेश करेंगे, उसका दोगुना करके छह महीने में दे देंगे। इसी लालच में आकर वह दोनों करीब 7-8 महीने पहले 1,75,000 रुपये व तीन महीने पहले 1,00,000 रुपये व छह जनवरी 2025 को 2,00,000 रुपये देने गए थे। उन्होंने दोगुनी धनराशि मांगी तो आरोपियों ने उनसे जबरन रुपये ले लिए और कहने लगे कि हम एसटीएफ वाले हैं, हम लोगों से पैसा ले पाओगे। इसी वजह से वह लोग ढूंढते-ढूंढते सात जनवरी को एसटीएफ आगरा के कार्यालय पहुंच गए और वहां जाकर पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद एसटीएफ हरकत में आई और इन लोगों की गिरफ्तारी की गई।