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जिपं अध्यक्ष पर मारपीट व धमकाने का आरोप
अमर उजाला, हाथरस
Updated Sun, 05 Feb 2017 10:56 PM IST
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चुनाव से पहले सादाबाद में सपा और बसपा खेमों के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता रविवार को बड़ी संख्या में विधायक देवेंद्र अग्रवाल के नेतृत्व में कोतवाली सादाबाद पहुंच गए और जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय एवं उनके साथियों पर सपा समर्थक रानू सिसौदिया के साथ मारपीट करने और धमकी देने का आरोप लगाया। सपाइयों ने इसकी शिकायत वहां मौजूद सीओ सादाबाद मनीषा सिंह से की। इस बारे में कोतवाली पुलिस को तहरीर भी दी गई है। इससे पूर्व भी बसपाइयों के खिलाफ धमकाने का आरोप लगाते हुए तहरीर दी गई।
विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने सीओ को बताया कि बसपा के लोग जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय के इशारे पर मेरे चुनाव प्रचार में काम कर रहे प्रधान, पूर्व प्रधान और कार्यकर्ताओं को लगातार धमकियां दे रहे हैं। पूर्व में भी आगरा रोड पर उनके गाड़ी चालक के साथ मारपीट की थी, जिसकी रिपोर्ट होने के बाद बसपा के लोगों ने विलारा के एक युवक से हमारे खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
सपा कार्यकर्ता रानू सिसौदिया पुत्र धर्मवीर शाह निवासी हाईवे प्लाजा सादाबाद ने थाने में तहरीर दी है कि पांच फरवरी की रात्रि करीब साढे़ 12 बजे मैं घर पर सो रहा था। तभी एक व्यक्ति ने घर पर आकर आवाज दी कि नीचे विनोद उपाध्याय खडे़ हैं और आपसे बातचीत करना चाहते हैं। जिस पर प्रार्थी ने अपने मकान का दरवाजा खोला। तभी विनोद उपाध्याय तीन-चार अज्ञात व्यक्तियों के साथ भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए घर में घुस आए और एकराय होकर मेरी कनपटी पर तमंचा तानते हुए धमकी दी कि देवेंद्र अग्रवाल का चुनाव प्रचार करना बंद कर दे।
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तूने रामवीर उपाध्याय का विरोध किया तो तुझे चुनाव बाद मय परिवार के जान से मार देंगे और बाद में बाहर खड़ी स्कॉर्पियो एवं एंडिवर गाड़ियों में बैठकर यह लोग चले गए। भय के चलते वह रात में रिपोर्ट दर्ज कराने नहीं आ सका। वहीं, कस्बे के नदी वाली गली निवासी सौरभ पुत्र प्रेमचंद्र अग्रवाल ने भी बसपाइयों द्वारा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। पुलिस इन दोनों तहरीरों की जांच कर रही है।
विरोधियों से मिलकर तहरीर लिखवा रहे एसएचओ: विनोद
जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय का कहना है कि न मैं किसी रानू सिसौदिया को जानता हूं, न मैने उनका घर देखा है और न हीं कोई ऐसी घटना हुई है। केवल सपा विधायक एसएचओ से मिलकर झूठे षड्यंत्र के तहत लाभ लेना चाह रहे हैं और एसएचओ सपा का एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। विनोद का कहना है कि रविवार की सुबह करीब नौ बजे उनके पास एसएचओ का फोन आया था और मुझसे घटना के बारे में पूछने लगे और कहने लगे कि तुमने किसी वैश्य समाज के व्यक्ति को धमकाया है। मैं तुम्हारे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रहा हूं। दोपहर 12 बजे विधायक को बुलाकर मेरे खिलाफ तहरीर लिखवा दी गई। जब जांच में यह तहरीर गलत निकली तो दूसरी तहरीर लिखवा ली गई। मैने सीओ से इस संबंध में बात की और कहा कि मैं एसएचओ के खिलाफ फोन पर की गई उल्टी-सीधी बातों को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराऊंगा। मैंने पुलिस अधीक्षक से भी बात की है और उन्हें बताया है कि एसएचओ खुद विरोधियों को बुलाकर मेरे और मेरे परिजनों के खिलाफ फर्जी तहरीरें लिखवा रहे हैं।
तहरीर दी गई है। इसकी जांच चल रही है। पुलिस टीम मौके पर गई थी, लेकिन वहां कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिला, जिससे इन आरोपों की तस्दीक होती हो और न हीं शिकायतकर्ता अभी तक कोई साक्ष्य उपलब्ध करा सके हैं। शिकायतकर्ता पक्ष के बयान भी विरोधाभासी हैं। सौरभ अग्रवाल की तरफ से दी गई तहरीर की जांच की गई तो उन्होंने साफ मना किया है कि न तो उन्हें धमकी मिली है और न हीं उन्हें कोई कार्रवाई करनी है। रानू सिसौदिया के आरोपों की जांच चल रही है।
- मनीषा सिंह, सीओ सादाबाद
जिला पंचायत अध्यक्ष गलत आरोप लगा रहे हैं। मैने सुबह केवल फोन पर उनसे इतना पूछा था कि क्या ऐसी कोई बात हुई है और कहा था कि चुनाव में ऐसी बात नहीं होनी चाहिए। उसके बाद विधायक जी तहरीर लेकर आए हैं। मैने किसी को नहीं बुलाया। दोनों तहरीरों में लगाए गए आरोपों की मैने और सीओ साहब ने खुद जाकर जांच की। आरोप प्रथमदृष्टया गलत पाए गए हैं।
-प्रमोद कुमार, कोतवाल सादाबाद
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विधायक देवेंद्र अग्रवाल ने सीओ को बताया कि बसपा के लोग जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय के इशारे पर मेरे चुनाव प्रचार में काम कर रहे प्रधान, पूर्व प्रधान और कार्यकर्ताओं को लगातार धमकियां दे रहे हैं। पूर्व में भी आगरा रोड पर उनके गाड़ी चालक के साथ मारपीट की थी, जिसकी रिपोर्ट होने के बाद बसपा के लोगों ने विलारा के एक युवक से हमारे खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
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सपा कार्यकर्ता रानू सिसौदिया पुत्र धर्मवीर शाह निवासी हाईवे प्लाजा सादाबाद ने थाने में तहरीर दी है कि पांच फरवरी की रात्रि करीब साढे़ 12 बजे मैं घर पर सो रहा था। तभी एक व्यक्ति ने घर पर आकर आवाज दी कि नीचे विनोद उपाध्याय खडे़ हैं और आपसे बातचीत करना चाहते हैं। जिस पर प्रार्थी ने अपने मकान का दरवाजा खोला। तभी विनोद उपाध्याय तीन-चार अज्ञात व्यक्तियों के साथ भद्दी-भद्दी गालियां देते हुए घर में घुस आए और एकराय होकर मेरी कनपटी पर तमंचा तानते हुए धमकी दी कि देवेंद्र अग्रवाल का चुनाव प्रचार करना बंद कर दे।
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तूने रामवीर उपाध्याय का विरोध किया तो तुझे चुनाव बाद मय परिवार के जान से मार देंगे और बाद में बाहर खड़ी स्कॉर्पियो एवं एंडिवर गाड़ियों में बैठकर यह लोग चले गए। भय के चलते वह रात में रिपोर्ट दर्ज कराने नहीं आ सका। वहीं, कस्बे के नदी वाली गली निवासी सौरभ पुत्र प्रेमचंद्र अग्रवाल ने भी बसपाइयों द्वारा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए थाने में तहरीर दी है। पुलिस इन दोनों तहरीरों की जांच कर रही है।
विरोधियों से मिलकर तहरीर लिखवा रहे एसएचओ: विनोद
जिला पंचायत अध्यक्ष विनोद उपाध्याय का कहना है कि न मैं किसी रानू सिसौदिया को जानता हूं, न मैने उनका घर देखा है और न हीं कोई ऐसी घटना हुई है। केवल सपा विधायक एसएचओ से मिलकर झूठे षड्यंत्र के तहत लाभ लेना चाह रहे हैं और एसएचओ सपा का एजेंट बनकर काम कर रहे हैं। विनोद का कहना है कि रविवार की सुबह करीब नौ बजे उनके पास एसएचओ का फोन आया था और मुझसे घटना के बारे में पूछने लगे और कहने लगे कि तुमने किसी वैश्य समाज के व्यक्ति को धमकाया है। मैं तुम्हारे खिलाफ मुकदमा दर्ज कर रहा हूं। दोपहर 12 बजे विधायक को बुलाकर मेरे खिलाफ तहरीर लिखवा दी गई। जब जांच में यह तहरीर गलत निकली तो दूसरी तहरीर लिखवा ली गई। मैने सीओ से इस संबंध में बात की और कहा कि मैं एसएचओ के खिलाफ फोन पर की गई उल्टी-सीधी बातों को लेकर रिपोर्ट दर्ज कराऊंगा। मैंने पुलिस अधीक्षक से भी बात की है और उन्हें बताया है कि एसएचओ खुद विरोधियों को बुलाकर मेरे और मेरे परिजनों के खिलाफ फर्जी तहरीरें लिखवा रहे हैं।
तहरीर दी गई है। इसकी जांच चल रही है। पुलिस टीम मौके पर गई थी, लेकिन वहां कोई ऐसा साक्ष्य नहीं मिला, जिससे इन आरोपों की तस्दीक होती हो और न हीं शिकायतकर्ता अभी तक कोई साक्ष्य उपलब्ध करा सके हैं। शिकायतकर्ता पक्ष के बयान भी विरोधाभासी हैं। सौरभ अग्रवाल की तरफ से दी गई तहरीर की जांच की गई तो उन्होंने साफ मना किया है कि न तो उन्हें धमकी मिली है और न हीं उन्हें कोई कार्रवाई करनी है। रानू सिसौदिया के आरोपों की जांच चल रही है।
- मनीषा सिंह, सीओ सादाबाद
जिला पंचायत अध्यक्ष गलत आरोप लगा रहे हैं। मैने सुबह केवल फोन पर उनसे इतना पूछा था कि क्या ऐसी कोई बात हुई है और कहा था कि चुनाव में ऐसी बात नहीं होनी चाहिए। उसके बाद विधायक जी तहरीर लेकर आए हैं। मैने किसी को नहीं बुलाया। दोनों तहरीरों में लगाए गए आरोपों की मैने और सीओ साहब ने खुद जाकर जांच की। आरोप प्रथमदृष्टया गलत पाए गए हैं।
-प्रमोद कुमार, कोतवाल सादाबाद