Hathras Road Accident: घने कोहरे में एटा रोड पर टकराए नौ वाहन, 29 घायल
सुबह करीब आठ बजे गांव मुगलगढ़ी में गुरुद्वारे के पास हुआ। हादसे के वक्त मिट्टी से भरा एक डंपर मुंड रहा था, इसी दौरान एटा की ओर से आई एक रोडवेज बस उससे टकरा गई। इसके बाद बस के पीछे आ रही रोडवेज की बसें, कैंटर, ट्रक और कार सहित करीब सात वाहन टकराते चले गए। हादसे के बाद चालक डंपर लेकर फरार हो गया।
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अलीगढ़-एटा-कानपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 25 दिसंबर सुबह घने कोहरे में एक के बाद एक करके नौ वाहन टकरा गए। इस हादसे में करीब 29 लोग घायल हो गए। दुर्घटनाग्रस्त केंटर में फंसे चालक और एक अन्य को करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद केबिन काटकर निकाला गया। घायलों में दो की गंभीर हालत को देखते हुए अलीगढ़ रेफर कर दिया गया। अन्य का सीएचसी पर उपचार कराया गया।
हादसा सुबह करीब आठ बजे गांव मुगलगढ़ी में गुरुद्वारे के पास हुआ। हादसे के वक्त मिट्टी से भरा एक डंपर मुंड रहा था, इसी दौरान एटा की ओर से आई एक रोडवेज बस उससे टकरा गई। इसके बाद बस के पीछे आ रही रोडवेज की बसें, कैंटर, ट्रक और कार सहित करीब सात वाहन टकराते चले गए। हादसे के बाद चालक डंपर लेकर फरार हो गया। कार सवार वीरेंद्र निवासी फर्रुखाबाद और उनके पुत्र सौरभ की गंभीर हालत को देखते हुए अलीगढ़ के जेएन मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।
अन्य घायलों में केंटर चालक जितेन्द्र सरोज पुत्र राधे हरि निवासी प्रयागराज, आशीष पुत्र नरोत्तम निवासी गांव बर्गनिया भोगांव जिला मैनपुरी, अमित पुत्र भारत चौहान निवासी गांव रिजौर एटा, जंग बहादुर पुत्र रामसेवक एटा, हाकिम पुत्र करन सिंह निवासी जनसोई सिकंदराराऊ का सीएचसी में इलाज चल रहा था। रोडवेज की बसों में सवार करीब 23 लोगों को मामूली चोटें आईं, वे दूसरे वाहनों में सवार होकर चले गए।
दुर्घटनाग्रस्त वाहनों के टकराने की आवाज पर सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों और पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को हटवाया और घायलों को अस्पताल भिजवाया। इस दौरान केंटर में फंसे चालक और एक अन्य सवारी को निकालने का प्रयास चलता रहा। बाद में कटर और जेसीबी मंगाकर केंटर का केबिन काटा और उनको बाहर निकाला। दोनों के पैरों में फ्रैक्चर आया है।
शून्य दृश्यता में तेज रफ्तार पर थी बस
25 दिसंबर को राष्ट्रीय राजमार्ग पर हुए हादसों की बड़ी वजह कोहरे में वाहनों की तेज रफ्तार बताई जा रही है। इंस्पेक्टर आशीष कुमार सिंह ने बताया कि घने कोहरे के कारण दृश्यता लगभग शून्य थी, इसके बावजूद वाहन एक दूसरे के पीछे तेज रफ्तार पर चल रहे थे और टकरा गए।
रेस्क्यू टीम तैनात की जाए
पुलिस के पहुंचने के बाद भी केंटर में फंसे चालक व एक अन्य व्यक्ति को निकालने में तीन घंटे लग गए। ग्रामीणों का कहना है कि कोहरे में इस तरह के हादसे होते रहते हैं। ऐसे में हाईवे पर एक रेस्क्यू टीम रहनी चाहिए, जिसमें क्रेन, कटर, जेसीबी और चिकित्सीय दल शामिल हो। जिससे तत्काल बचाव कार्य शुरू किया जा सके।