{"_id":"673a62f4f0ee0cf4de0a5274","slug":"drinking-water-standard-found-correct-in-salempur-road-and-badhar-hathras-news-c-56-1-sali1016-122877-2024-11-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: सलेमपुर रोड और बढ़ार में सही मिला पेयजल का मानक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: सलेमपुर रोड और बढ़ार में सही मिला पेयजल का मानक
Mon, 18 Nov 2024 03:11 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Mon, 18 Nov 2024 03:11 AM IST
विज्ञापन
जल्द ही नगर की जलापूर्ति व्यवस्था सुधरी नजर आएगी। उप्र जल निगम द्वारा सादाबाद नगर पंचायत क्षेत्र में पेयजल योजना के तहत जलापूर्ति की योजना बनाई गई है। इसके तहत प्रत्येक जोन में कम से कम दो से तीन स्थानों पर बोरिंग कराकर ओवरहेड टैंक बनवाए जाएंगे। ऐसे 12 स्थानों को जल निगम की टीम ने चिह्नित भी कर लिया है।
इस संबंध में एसडीएम से अनुमति मांगी गई है कि इन स्थानों पर जलापूर्ति के लिए बोरिंग व अन्य निर्माण कार्य के लिए कार्यवाही की जाए। जल निगम ने बोरिंग के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया गया है, जहां पहले से शासकीय भवन, परिसर स्थित हैं। यहां बोरिंग की सुविधा मिल जाने से किसी अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि इन जगहों से पानी का नमूना लेकर टेस्टिंग को भेजा गया है। टेस्टिंग में पानी का टीडीएस सही पाया जाता है तो ही इन स्थानों पर निर्माण की अनुमति उच्चाधिकारियों से ली जाएगी।
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि जल निगम, नगर पंचायत और राजस्व टीम द्वारा नगर क्षेत्र में अन्य छह से सात स्थानों से पानी के नमूने लेकर उन्हें टेस्टिंग के लिए भेजा है। टेस्टिंग के बाद इनमें से सलेमपुर रोड और बढ़ार के पास पानी का फैक्टर सही मिला है। यहां पानी में अधिक मात्रा में टीडीएस नहीं है और पानी पीने योग्य है। यहां जल्द ही लेखपालों की टीम को लगाकर भूमि की तलाश कर जगह का चिह्नीकरण किया जाएगा। यहां बोरिंग व ओवर हैड टैंक निर्माण कार्य भी किया जा सके। एसडीएम ने बताया कि जल निगम से कहा गया है कि जहां-जहां जगह मिल गई है, वहां बोरिंग आदि का काम शुरू कर दिया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन
इस संबंध में एसडीएम से अनुमति मांगी गई है कि इन स्थानों पर जलापूर्ति के लिए बोरिंग व अन्य निर्माण कार्य के लिए कार्यवाही की जाए। जल निगम ने बोरिंग के लिए ऐसे स्थानों का चयन किया गया है, जहां पहले से शासकीय भवन, परिसर स्थित हैं। यहां बोरिंग की सुविधा मिल जाने से किसी अतिरिक्त भूमि की आवश्यकता नहीं होगी। हालांकि इन जगहों से पानी का नमूना लेकर टेस्टिंग को भेजा गया है। टेस्टिंग में पानी का टीडीएस सही पाया जाता है तो ही इन स्थानों पर निर्माण की अनुमति उच्चाधिकारियों से ली जाएगी।
विज्ञापन
एसडीएम संजय कुमार ने बताया कि जल निगम, नगर पंचायत और राजस्व टीम द्वारा नगर क्षेत्र में अन्य छह से सात स्थानों से पानी के नमूने लेकर उन्हें टेस्टिंग के लिए भेजा है। टेस्टिंग के बाद इनमें से सलेमपुर रोड और बढ़ार के पास पानी का फैक्टर सही मिला है। यहां पानी में अधिक मात्रा में टीडीएस नहीं है और पानी पीने योग्य है। यहां जल्द ही लेखपालों की टीम को लगाकर भूमि की तलाश कर जगह का चिह्नीकरण किया जाएगा। यहां बोरिंग व ओवर हैड टैंक निर्माण कार्य भी किया जा सके। एसडीएम ने बताया कि जल निगम से कहा गया है कि जहां-जहां जगह मिल गई है, वहां बोरिंग आदि का काम शुरू कर दिया जाए।
विज्ञापन