{"_id":"644184a7697706d72c04074c","slug":"donate-on-tritiya-for-renewable-benefits-festival-will-be-celebrated-tomorrow-hathras-news-c-2-1-97395-2023-04-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: अक्षय लाभ के लिए तृतीया पर करें दान, हाेंगे अबूझ विवाह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: अक्षय लाभ के लिए तृतीया पर करें दान, हाेंगे अबूझ विवाह
Thu, 20 Apr 2023 11:59 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Updated Thu, 20 Apr 2023 11:59 PM IST
सार
भगवान परशुराम का अवतार हुआ था, इसलिए अक्षय तृतीया मनाई जाती है। इस दिन अबूझ विवाह योग भी रहता है। रोहिणी व मृगशिरा नक्षत्र के कारण व्यापारी और खरीदारों को भी लाभ मिलेगा। खरीदारी और दान का विशेष महत्व इस पर्व को खास बनाता है।
विज्ञापन
अक्षय तृतीया
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
22 अप्रैल को अक्षय तृतीया का पर्व मनाया जाएगा। इस बार अक्षय तृतीया स्थिर वृष लग्न के खास योग के साथ आई है। इस दिन खरीदारी का खास महत्व होता है। दान पुण्य भी विशेष फलदायी होता है। इसे अख या वैशाख तीज भी कहा जाता है। इसके लिए शहर के प्रमुख बाजार भी पूरी तरह तैयार हो गए हैं।
विज्ञापन
इस पर्व को हिंदू धर्म में खास त्योहारों की श्रेणी में रखा गया है। इस दिन भगवान परशुराम का अवतार हुआ था, इसलिए अक्षय तृतीया मनाई जाती है। इस दिन अबूझ विवाह योग भी रहता है। रोहिणी व मृगशिरा नक्षत्र के कारण व्यापारी और खरीदारों को भी लाभ मिलेगा। खरीदारी और दान का विशेष महत्व इस पर्व को खास बनाता है। इस दिन सोना-चांदी खरीदना भी अच्छा माना जाता है। गंगा स्नान भी कल्याणकारी होता है।
विज्ञापन
धमाचार्य पंडित सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी का कहना है कि हाथ का पंखा, चावल, नमक, घी शक्कर, फल तथा वस्त्र दान करने के अलावा ब्राह्मणों को दान देना चाहिए और भोजन कराना चाहिए। सत्तू का भोग लगाने के साथ खाना के भी परंपरा है। तृतीया के दिन नए कपड़े, आभूषण आदि बनबाने के अलावा कोई नया कार्य शुरू करना लाभकारी होता है। माना जाता है इसदिन ही त्रेता युग का शुभारंभ हुआ था। उनक कहना कि अक्षय तृतीया के मौके पर दान कर अक्षय पुण्य कमाया जा सकता है। इस दिन सामर्थ्य के अनुसार दान करना चाहिए।
विज्ञापन