फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Do not get justice, commit suicide as mother and son climbed in Hathras

नहीं मिला इंसाफ तो आत्महत्या करने टंकी पर चढ़े मां-बेटा

Thu, 15 Jun 2017 11:38 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस।
अमर उजाला ब्यूरो/ हाथरस। Updated Thu, 15 Jun 2017 11:38 PM IST
विज्ञापन
Do not get justice, commit suicide as mother and son climbed in Hathras
टंकी - फोटो : अमर उजाला
भले ही योगी सरकार अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के दावे कर रही हो, लेकिन हकीकत इससे उलट है। छह महीने पहले सपा सरकार में पति की हत्या के आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दर-दर भटक रही महिला को भाजपा के राज में भी अधिकारियों की अनदेखी का शिकार होना पड़ रहा है। पुलिस की अनदेखी के बावजूद महिला ने हार नहीं मानी है और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी के लिए वह जान की बाजी लगाने को तैयार है।
विज्ञापन


चंदपा क्षेत्र के गांव खेड़ा परसौली की सत्यवती बेटे को लेकर गुरुवार शाम हाथरस में आवास विकास कॉलोनी की पानी की टंकी पर चढ़ गई। पुलिस को जब तक पूरे मामले की जानकारी हुई, तब तक मौके पर काफी भीड़ जमा हो चुकी थी। टंकी पर चढ़ी सत्यवती चिल्ला-चिल्लाकर पुलिस की कारगुजारी की कहानी लोगों को बता रही थीं। बताया कि उनके पति अतर सिंह की हत्या गोली मारकर इस साल 25 जनवरी को कर दी गई थी। गांव के श्रीभगवान, लायक सिंह और मुकेश को पुलिस ने आरोपी बनाया था। छह महीने बीतने के बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी पुलिस नहीं कर सकी। उधर, आरोपी सत्यवती को लगातार अंजाम भुगतने की धमकी दे रहे हैं।
विज्ञापन


सत्यवती ने आरोप लगाते हुए कहा कि चंदपा पुलिस ने उनके मामले में चार्जशीट लगा दी थी, लेकिन आरोपियों के कहने पर मामले की जांच दोबारा अलीगढ़ के सीओ द्वितीय को दे दी गई। अलीगढ़ पुलिस उनकी सुनवाई नहीं कर रही। सत्यवती ने पहले ही न्याय नहीं मिलने पर आत्महत्या का एलान कर दिया था, जिस पर पुलिस ने ध्यान नहीं दिया। हालांकि अधिकारियों के आश्वासन के बाद सत्यवती सवा घंटे बाद अपने बेटे के साथ टंकी से नीचे उतर आई, लेकिन उसने साफ कर दिया कि अगर पुलिस ने सुनवाई नहीं की तो वह फिर कोई कदम उठा सकती है।
विज्ञापन
विज्ञापन


सीओ के पैरों में गिरे मां-बेटे

हाथरस। सत्यवती अपने बेटे के साथ शाम करीब साढ़े पांच बजे से पौने सात बजे तक टंकी पर चढ़ी रही। इस बीच कई लोगों ने उन्हें टंकी से उतारने की कोशिश की, इस पर सत्यवती ने टंकी से कूदने की बात कही, जिससे लोग पीछे हट गए। सीओ सिटी आरके गौतम मौके पर पहुंचे और काफी देर तक नीचे से तेज आवाज में सत्यवती को समझाते-बुझाते रहे। फायर ब्रिगेड की टीम और सदर कोतवाली पुलिस का फोर्स भी मौके पर पहुंच चुका था। सीओ सिटी के आरोपियों की गिरफ्तारी के बारे में भरोसा दिलाने पर बमुश्किल सत्यवती बेटे को लेकर टंकी से नीचे उतरी और सीओ सिटी के पैरों में पड़ गईं। सीओ ने दोनों को पैरों से उठाया। पुलिस दोनों को सदर कोतवाली ले गई और वहां मौजूद एएसपी अरविंद कुमार ने देर तक महिला को समझाया-बुझाया।

छह महीने से संघर्ष कर रही सत्यवती
हाथरस। ऐसा पहली बार नहीं है जब सत्यवती ने इंसाफ के लिए संघर्ष किया हो। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए उसने कई महीने तक पुलिस अधिकारियों से गुहार लगाई। कार्रवाई नहीं होने पर सत्यवती ने अधिकारियों के कानों तक अपनी बात पहुंचाने का दूसरा रास्ता चुना। 19 मई को अतर सिंह की पत्नी ने एक जून से एसपी कार्यालय पर भूख हड़ताल करने की बात कही। एक जून को वह एसपी कार्यालय पर परिवार के साथ अनशन पर बैठीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें जबरन उठा दिया। अतर सिंह की पत्नी सत्यवती हत्यारोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने के कारण कई बार आत्महत्या की चेतावनी दे चुकी हैं तथा स्वेच्छा से मौत के लिए प्रधानमंत्री व मुख्यमंत्री को पत्र भी लिख चुकी हैं। छह जून को सत्यवती ने सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखकर शिकायत की। सत्यवती ने कहा है कि पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर रही है।

आत्महत्या के एलान के बाद भी नहीं जागी पुलिस

आठ जून को सत्यवती ने ऐलान किया था कि 14 जून तक केस में चार्जशीट दाखिल नहीं किए जाने पर वह परिवार के साथ आत्महत्या कर लेंगी। सत्यवती ने कहा था कि गरीब के लिए न्याय पाने की कोई व्यवस्था नहीं है। ऐसे में गरीब का जिंदा रहना ही बेकार है। सत्यवती ने 15 जून को परिवार के सदस्यों के साथ आत्महत्या करने की बात कही। परिवार के साथ आत्महत्या करने से पहले उन्होंने गांव से पलायन करने और मकान बिकाऊ होने की बात कहकर भी अधिकारियों में खलबली मचा दी थी। चेतावनी के बावजूद पुलिस ने सत्यवती को रोकने की कोशिश नहीं की। लिहाजा वह गुरुवार को टंकी पर चढ़ र्गइं और पुलिस ने उन्हें बमुश्किल टंकी से उतारा।


अलीगढ़ पुलिस पर भी उठे सवाल

हाथरस। सत्यवती ने हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश, मुख्यमंत्री, डीजीपी आदि को पत्र लिखकर कहा था कि मामले की विवेचना आरोपियों के कहने पर अलीगढ़ स्थानांतरित कर दी गई। अलीगढ़ पुलिस से भी उन्हें न्याय की उम्मीद नहीं है। अलीगढ़ पुलिस कई महीने बीतने पर भी चार्जशीट दाखिल नहीं कर रही। सत्यवती ने कहा है कि अलीगढ़ के सीओ द्वितीय के पेशकार से जब उन्होंने चार्जशीट के बारे में पूछा तो उन्होंने सत्यवती को जमकर हड़काया और कहा कि पुलिस की मर्जी चार्जशीट नौ दिन में दाखिल करे या नौ साल में।


आरोपियों की गिरफ्तारी को दो टीमें गठित

चंदपा एसओ रमाकांत पचौरी का कहना है कि अतर सिंह हत्याकांड में आरोपियों के घर की कुर्की की जा चुकी है। आरोपी कोर्ट में समर्पण नहीं कर रहे। उनकी गिरफ्तारी के लिए दो टीमें गठित की गई हैं। इसमें से एक टीम चंदपा थाने की है और दूसरी एसओजी की है। जल्द से जल्द आरोपियों को दबोच लिया जाएगा।



सत्यवती को बताया गया है कि अतर सिंह की हत्या के मामले में चार्जशीट तैयार हो चुकी है। अलीगढ़ पुलिस इस चार्जशीट में लगे आरोपों की समीक्षा कर रही है। समीक्षा के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल हो जाएगी। जहां तक आरोपियों की गिरफ्तारी की बात है तो उनके विरुद्ध कुर्की की कार्रवाई हो चुकी है। चंदपा पुलिस और एसओजी की एक टीम आरोपियों की गिरफ्तारी की कोशिश में लगी है।
- अरविंद कुमार, एएसपी--
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed