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Hathras News: तीन सितंबर को डीएम व एसपी न्यायिक आयोग में देंगे बयान

Thu, 29 Aug 2024 05:48 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Thu, 29 Aug 2024 05:48 AM IST
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DM and SP will give statement in Judicial Commission on September 3
सिकंदराराऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में दो जुलाई को आयोजित हुए सत्संग में मची भगदड़ में 121 लोगों की मौत के मामले की जांच तेज हो रही है। न्यायिक आयोग ने जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक को तीन सितंबर को इस घटना के संबंध में बयान दर्ज करने के लिए बुलाया है। इस बारे में डीएम और एसपी को आयोग की तरफ से नोटिस भी मिल गया है।
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निलंबित एसडीएम रवींद्र कुमार और सीओ डाॅ. आनंद कुमार को बयान दर्ज कराने के लिए बृहस्पतिवार को लखनऊ बुलाया गया है। इन दोनों को घटना के बाद शासन ने निलंबित कर दिया था। आयोग ने डीएम व एसपी को पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट सहित बुलाया है। लिहाजा दोनों अधिकारी हर पहलू पर रिपोर्ट तैयार कराने में जुट गए हैं। गौरतलब है कि हादसे की जांच के लिए प्रदेश सरकार की ओर से तीन सदस्यीय न्यायिक आयोग गठित किया गया था। इस मामले में सिकंदराराऊ नगर पालिका के चेयरमैन, ईओ व तहसीलदार को बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया जा चुका है। अब डीएम और एसपी पर भी इस आशय के नोटिस आयोग की तरफ से आए हैं।
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इधर, इस मामले में 28 अगस्त को सिपाही बॉबी यादव व नगर पालिका के लिपिक रविदास ने लखनऊ में न्यायिक आयोग के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए। 29 अगस्त को तहसीलदार सुशील कुमार व 30 अगस्त को नगर पालिका अध्यक्ष मुशीर कुरैशी अपने बयान दर्ज कराएंगे। इसके बाद 03 सितंबर को डीएम व एसपी अपने बयान दर्ज कराने के लिए लखनऊ में न्यायिक आयोग के समक्ष पहुंचेंगे।
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एसआईटी के समक्ष पहले ही दिए जा चुके हैं बयान



दो जुलाई को घटना होने के बाद ही जांच का जिम्मा एसआईटी को दिया गया था। एसआईटी से 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट मांगी गई थी। इस क्रम में चार जुलाई को कई अधिकारियों ने एसआईटी के समक्ष अपने बयान दर्ज कराए थे। उस समय अधिकारियों ने खुद को बचाते हुए बयान दिए थे। उन्हें तभी से मालूम था कि जल्द ही उन्हें न्यायिक आयोग के समक्ष भी बयान दर्ज कराने पड़ेंगे।




एसआईटी ने तैयार की थी 132 लोगों की सूची

घटना के बाद गठित की गई एसआईटी ने बयान दर्ज करने के लिए कुल 132 लोगों की सूची तैयार की थी। इनमें से करीब 110 लोगों के बयान दर्ज किए जा सके थे। इनमें घटनास्थल पर तैनात एक पुलिस कर्मी, अन्य सभी विभागों के कर्मचारी व अधिकारी, प्रारंभिक सूचना वाले कर्मी, एंबुलेंस कर्मी, डाॅक्टर, पोस्टमार्टम करने वाले डाॅक्टर, किसान, चश्मदीद और घायलों के अलावा तहसील व जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ ही डीएम व एसपी को शामिल किया गया था। माना जा रहा है कि अब फिर सभी को न्यायिक आयोग के समक्ष बयान देने होंगे।
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