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Hathras News: ऑनलाइन परामर्श देंगे जिला अस्पताल के चिकित्सक
Sun, 29 Mar 2026 02:49 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 29 Mar 2026 02:49 AM IST
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बागला जिला अस्पताल की ओपीडी में लगी मरीजों की कतार। संवाद
- फोटो : Samvad
स्वास्थ्य सेवाओं को हाईटेक बनाने की दिशा में जिला अस्पताल एक और कदम बढ़ाने की तैयारी में है। आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन (एबीडीएम) के अंतर्गत रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल के बाद अब ओपीडी मॉड्यूल शुरू होने जा रहा है। इसके लिए विशेषज्ञ चिकित्सकों की आईडी बनाई जा रही हैं। आभा आईडी के जरिये ऑनलाइन पर्चा बनते ही पर्चा चिकित्सक की आईडी पर डिस्प्ले होगा।
अस्पताल में रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल की सफलता के बाद अब दूसरे चरण की तैयारी पूरी हो चुकी है। रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल में ऑनलाइन पर्चे बनाए जा रहे हैं। अब इन पर्चों को आभा आईडी से जोड़ा जा रहा है, जिससे ओपीडी मॉड्यूल शुरू हो सके। अप्रैल माह से ओपीडी मॉड्यूल को पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू कर धीरे-धीरे अस्पताल की कार्यप्रणाली को पारदर्शी किया जाएगा।
प्रदेश में एबीडीएम की रफ्तार काफी धीमी है। कोराना काल में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुए इस मिशन को सितंबर 2021 में समूचे देश में लागू किया गया था। तब से अब तक प्रथम चरण पर ही काम हो सका है।
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इस पर चिंता व्यक्त करते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण व एबीडीएम की मिशन निदेशक रितु माहेश्वरी ने हाल ही में आगरा में हुई कार्यशाला के दौरान एबीडीएम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए थे। इस क्रम में अप्रैल से जिला अस्पताल में ओपीडी मॉड्यूल शुरू किया जा रहा है।
दवा वितरण व जांच भी होंगी शामिल
ओपीडी मॉड्यूल में मरीज का पर्चा संबंधित चिकित्सक की आईडी पर पहुंच जाएगा। ऑनलाइन टोकन के अनुसार वे परीक्षण करेंगे तथा परामर्श देंगे। इसके बाद पर्चे पर ऑनलाइन ही दवा व जांच की जानकारी अपडेट की जाएगी। शुरुआत में पर्चे पर भी दवा लिखी जाएगी, जिससे मरीज को परेशानी न हो। यह चरण पूरा होने पर दवा वितरण, लैब व आईपीडी मॉड्यूल की शुरुआत होगी।
जिला अस्पताल में 98 फीसदी पर्चे ऑनलाइन बनाए जा रहे हैं। अब हर मरीज के आभा आईडी के जरिये पर्चे बनेंगे। अप्रैल से ओपीडी मॉड्यूल की शुरुआत कर दी जाएगी। एबीडीएम के पूरी तरह लागू होने के बाद मरीजों को लाइन में लगने, इंतजार करने और पर्चों को संभालकर रखने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
-डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस
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अस्पताल में रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल की सफलता के बाद अब दूसरे चरण की तैयारी पूरी हो चुकी है। रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल में ऑनलाइन पर्चे बनाए जा रहे हैं। अब इन पर्चों को आभा आईडी से जोड़ा जा रहा है, जिससे ओपीडी मॉड्यूल शुरू हो सके। अप्रैल माह से ओपीडी मॉड्यूल को पूरी तरह सक्रिय कर दिया जाएगा। इस व्यवस्था के लागू कर धीरे-धीरे अस्पताल की कार्यप्रणाली को पारदर्शी किया जाएगा।
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प्रदेश में एबीडीएम की रफ्तार काफी धीमी है। कोराना काल में पायलेट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू हुए इस मिशन को सितंबर 2021 में समूचे देश में लागू किया गया था। तब से अब तक प्रथम चरण पर ही काम हो सका है।
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इस पर चिंता व्यक्त करते हुए चिकित्सा स्वास्थ्य परिवार कल्याण व एबीडीएम की मिशन निदेशक रितु माहेश्वरी ने हाल ही में आगरा में हुई कार्यशाला के दौरान एबीडीएम को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए थे। इस क्रम में अप्रैल से जिला अस्पताल में ओपीडी मॉड्यूल शुरू किया जा रहा है।
दवा वितरण व जांच भी होंगी शामिल
ओपीडी मॉड्यूल में मरीज का पर्चा संबंधित चिकित्सक की आईडी पर पहुंच जाएगा। ऑनलाइन टोकन के अनुसार वे परीक्षण करेंगे तथा परामर्श देंगे। इसके बाद पर्चे पर ऑनलाइन ही दवा व जांच की जानकारी अपडेट की जाएगी। शुरुआत में पर्चे पर भी दवा लिखी जाएगी, जिससे मरीज को परेशानी न हो। यह चरण पूरा होने पर दवा वितरण, लैब व आईपीडी मॉड्यूल की शुरुआत होगी।
जिला अस्पताल में 98 फीसदी पर्चे ऑनलाइन बनाए जा रहे हैं। अब हर मरीज के आभा आईडी के जरिये पर्चे बनेंगे। अप्रैल से ओपीडी मॉड्यूल की शुरुआत कर दी जाएगी। एबीडीएम के पूरी तरह लागू होने के बाद मरीजों को लाइन में लगने, इंतजार करने और पर्चों को संभालकर रखने के झंझट से मुक्ति मिलेगी।
-डाॅ. सूर्यप्रकाश, सीएमएस